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बिना हेलमेट लगाए नहीं होगी बाइक चालू
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नजीबाबाद का रॉबिन नील।
- फोटो : NAZIBABAD
बिना हेलमेट लगाए नहीं होगी बाइक चालू
नजीबाबाद। सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने को लेकर देश भर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। नजीबाबाद के एक युवक ने अपनी वैज्ञानिक सोच से हेलमेट के महत्व और अनिवार्यता के लिए माइंड सेंसर डिवाइस विकसित की है। हेलमेट और बाइक में लगी डिवाइस के क्रियाशील हुए बिना बाइक स्टार्ट नहीं होगी।
कृष्णा कॉलेज बिजनौर से माइक्रो बायोलॉजी पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष के विद्यार्थी नजीबाबाद निवासी रॉबिन नील ने हेलमेट और बाइक में लगाने के लिए तीन डिवाइस का सर्किट तैयार किया है। माइंड सेंसर दो डिवाइस हेलमेट में और एक डिवाइस बाइक में रॉबिन नील ने लगाई है। रॉबिन का दावा है कि जब तक हेलमेट नहीं लगाया जाएगा तब तक बाइक स्टार्ट नहीं हो सकती। भले ही उसमें चाबी आदि लगा दी जाए।
बाइक में चाबी लगाने के बाद हेलमेट सिर में पहनते ही माइंड सेंसर क्रियाशील हो जाता है और बाइक सेल्फ या किक के साथ स्टार्ट हो जाती है। हेलमेट उतारते ही बाइक स्वत: ही बंद हो जाती है। रॉबिन का दावा है कि हेलमेट लगाते ही दिमाग से निकलने वाली ऊर्जा के संपर्क में आकर डिवाइस काम करना शुरू कर देती है। रॉबिन का कहना है कि उन्हें डिवाइस तैयार करने में गुड़गांव निवासी वैज्ञानिक गुरु हरकेश कटारिया से प्रेरणा मिली।
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बाइक चोरी को रोकेगी डिवाइस
नजीबाबाद। माइंड सेंसर डिवाइस तैयार करने में मात्र 2500 से 3000 रुपये का खर्च आता है। रॉबिन नील का कहना है कि हेलमेट में लगी माइंड सेंसर डिवाइस बाइक चोरी की घटनाओं को रोकने में भी सफल होगी। यदि बाइक में लगी डिवाइस से कोई छेड़छाड़ कर हेलमेट के बिना बाइक चोरी करने का प्रयास करेगा तो बाइक का इग्निशियन प्वाइंट जिससे डिवाइस जुड़ी है डिस्टर्ब हो जाएगा और बाइक स्टार्ट नहीं हो पाएगी।
हेलमेट के अंदर और बाइक के किसी भी भाग में लगती है डिवाइस
नजीबाबाद। माइंड सेंसर डिवाइस हेलमेट के भीतर उस क्षेत्र में लगाई गई है जहां से हेलमेट के संपर्क में सिर आता है, जबकि बाइक में लगाई जाने वाली डिवाइस बाइक के किसी भी ऐसे स्थान पर लगाई जा सकती है जहां से हेलमेट में लगी सेंसर डिवाइस की दूरी डेढ़ से दो मीटर हो। बाइक की डिवाइस का संपर्क हैंडिल लॉक और बैटरी से किया जाता है ताकि उसे अर्थ और चार्जिंग मिले। हेलमेट की सेंसर डिवाइस की चार्जिंग के लिए लीथियन आयन सैल इस्तेमाल किए जाते हैं।
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नजीबाबाद। सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान में हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने को लेकर देश भर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। नजीबाबाद के एक युवक ने अपनी वैज्ञानिक सोच से हेलमेट के महत्व और अनिवार्यता के लिए माइंड सेंसर डिवाइस विकसित की है। हेलमेट और बाइक में लगी डिवाइस के क्रियाशील हुए बिना बाइक स्टार्ट नहीं होगी।
कृष्णा कॉलेज बिजनौर से माइक्रो बायोलॉजी पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष के विद्यार्थी नजीबाबाद निवासी रॉबिन नील ने हेलमेट और बाइक में लगाने के लिए तीन डिवाइस का सर्किट तैयार किया है। माइंड सेंसर दो डिवाइस हेलमेट में और एक डिवाइस बाइक में रॉबिन नील ने लगाई है। रॉबिन का दावा है कि जब तक हेलमेट नहीं लगाया जाएगा तब तक बाइक स्टार्ट नहीं हो सकती। भले ही उसमें चाबी आदि लगा दी जाए।
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बाइक में चाबी लगाने के बाद हेलमेट सिर में पहनते ही माइंड सेंसर क्रियाशील हो जाता है और बाइक सेल्फ या किक के साथ स्टार्ट हो जाती है। हेलमेट उतारते ही बाइक स्वत: ही बंद हो जाती है। रॉबिन का दावा है कि हेलमेट लगाते ही दिमाग से निकलने वाली ऊर्जा के संपर्क में आकर डिवाइस काम करना शुरू कर देती है। रॉबिन का कहना है कि उन्हें डिवाइस तैयार करने में गुड़गांव निवासी वैज्ञानिक गुरु हरकेश कटारिया से प्रेरणा मिली।
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बाइक चोरी को रोकेगी डिवाइस
नजीबाबाद। माइंड सेंसर डिवाइस तैयार करने में मात्र 2500 से 3000 रुपये का खर्च आता है। रॉबिन नील का कहना है कि हेलमेट में लगी माइंड सेंसर डिवाइस बाइक चोरी की घटनाओं को रोकने में भी सफल होगी। यदि बाइक में लगी डिवाइस से कोई छेड़छाड़ कर हेलमेट के बिना बाइक चोरी करने का प्रयास करेगा तो बाइक का इग्निशियन प्वाइंट जिससे डिवाइस जुड़ी है डिस्टर्ब हो जाएगा और बाइक स्टार्ट नहीं हो पाएगी।
हेलमेट के अंदर और बाइक के किसी भी भाग में लगती है डिवाइस
नजीबाबाद। माइंड सेंसर डिवाइस हेलमेट के भीतर उस क्षेत्र में लगाई गई है जहां से हेलमेट के संपर्क में सिर आता है, जबकि बाइक में लगाई जाने वाली डिवाइस बाइक के किसी भी ऐसे स्थान पर लगाई जा सकती है जहां से हेलमेट में लगी सेंसर डिवाइस की दूरी डेढ़ से दो मीटर हो। बाइक की डिवाइस का संपर्क हैंडिल लॉक और बैटरी से किया जाता है ताकि उसे अर्थ और चार्जिंग मिले। हेलमेट की सेंसर डिवाइस की चार्जिंग के लिए लीथियन आयन सैल इस्तेमाल किए जाते हैं।

बिजनौर नजीबाबाद के रॉबिन नील द्वारा तैयार की गई माइंड सेंसर डिवाइस।- फोटो : NAZIBABAD