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Bijnor: मौत के सात घंटे बाद जिंदा हुए प्रधानाचार्य, 18 दिन बाद फिर से टूट गई सांसों की डोर, ये है पूरा मामला..
Mon, 16 Dec 2024 09:14 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Mon, 16 Dec 2024 09:14 PM IST
सार
सोमराज सिंह गांधी इंटर कालेज में थे। 2012 में सेवानिवृत्त होने से पहले वह कई महीने तक कालेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य रहे। 18 नवंबर को वह अचानक कुर्सी से गिर गए थे।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : istock
विस्तार
इलाज के दौरान मृत्यु होने पर अस्पताल से घर लाए गए गांधी इंटर कालेज मनकुआ के पूर्व कार्यवाहक प्रधानाचार्य सोमराज सिंह के साथ उस समय चमत्कार हो गया, जब करीब सात घंटे बाद उनके प्राण लौट आए थे। अब 18 दिन तक जीवित रहे सोमराज सिंह का रविवार को निधन हो गया।
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ग्राम पपसरा (अमरोहा) के मूल निवासी सोमराज सिंह गांधी इंटर कालेज मनकुआ में एलटी ग्रेड के शिक्षक थे। 2012 में सेवानिवृत्त होने से पहले वह कई महीने तक कालेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य रहे। 18 नवंबर को सोमराज सिंह अपने अमरोहा स्थित मकान में अचानक कुर्सी से फर्श पर गिर गए थे। उन्हें गाजियाबाद के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सिर का ऑपरेशन किया। उनका ऋषिकेश और दिल्ली के अस्पताल में भी इलाज चला। 28 नवंबर को ऋषिकेश के अस्पताल में मृत्यु होने पर परिजन शव को अपने घर अमरोहा ले आए।
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परिजनों का कहना है कि अभी अंतिम संस्कार की तैयारी चल ही रही थी कि सोमराज सिंह के दिल की धड़कन लौट आई। सोमराज सिंह के पुत्र बृजेंद्र कुमार ने बताया कि इस ईश्वरीय चमत्कार के बाद उन्हें पुन: गाजियाबाद के अस्पताल में दाखिल कराया गया। कोमा में होने के बावजूद वह कई दिन पहले घर लौट आए थे। रविवार रात आठ बजे उनका निधन हो गया। साथी शिक्षकों ने सोमराज सिंह के निधन पर दुख व्यक्त किया।