बिजनौर : बेटे की मौत पर थाने पहुंचे परिजन, पुलिस ने पीटा, आरक्षी निलंबित
- गांव मिर्जापुर में दोस्तों के साथ गए युवक का सड़क पर मिला शव
- पुलिस के गांव में पहुंचने पर ग्रामीणों ने किया हंगामा, कार्रवाई की मांग पर अड़े
विस्तार
थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर निवासी गेंदा सिंह पाल ने बताया कि सोमवार को होली खेलने के बाद दोपहर में उनका पुत्र राकेश (19) घर पर खाना खा रहा था। इस दौरान गांव के ही सौरभ पुत्र सीताराम व हेमराज पुत्र ओमप्रकाश उसके घर आए। युवक उसे होली की दावत देने के लिए बाइक पर बैठाकर ले गए।
शाम को लगभग पांच बजे हेमराज ने उन्हें राकेश का भूतपुरी मार्ग पर एक्सीडेंट हो जाने की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन घटना स्थल की ओर दौड़ पड़े। परिजनों ने देखा कि राकेश सड़क पर पड़ा हुआ था और घटनास्थल पर उसके दोनों दोस्त नहीं थे। राकेश को निजी चिकित्सक के यहां धामपुर ले जाया गया। जहां पर उसे मृत घोषित कर दिया गया।
परिजन घटना की तहरीर देने थाने गए तो आरोप है कि वहां पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली गलौज कर मारपीट की। पुलिसकर्मी ने 60 वर्षीय वृद्ध को भी थप्पड़ मारा। युवक का शव लेने जब पुलिस गांव में पहुंची तो ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया और शव नहीं उठने दिया। ग्रामीण अभद्रता के आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट कायम कर कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।
मामला बढ़ता देख सीओ अफजलगढ़ सुनीता दहिया पुलिस बल के साथ गांव में पहुंचीं। घटना की जानकारी ग्रामीणों ने परिवहन मंत्री अशोक कटारिया व विधायक अशोक राणा को दी। जनप्रतिनिधियों ने आरोपियों पर कार्रवाई कराने का ग्रामीणों को भरोसा दिया।
सीओ से आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद ग्रामीणों ने शव पुलिस को सौंप दिया। सीओ ने बताया कि मृतक युवक के दोनों दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
मृतक के परिजनों से दुर्व्यवहार पर आरक्षी निलंबित
सीओ सुनीता दाहिया ने बताया कि इस मामले में आरक्षी उमेश यादव को पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया गया कि आरक्षी उमेश यादव के इस आचरण से पुलिस विभाग की छवि खराब हुई है।
पुलिस की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिह्न लगा है। कर्तव्य पालन के प्रति घोर लापरवाही बरतने के आरोप में एसपी बिजनौर से आरोपी आरक्षी पर निलंबन की कार्रवाई की है। इस मामले में अभी जांच कराई जा रही है।