फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Bijnor News: Dawood family has been making Kanwar for 25 years

दाऊद का परिवार :  25 साल से पेश कर रहा एकता की मिसाल, हिन्दुओं की आस्था में मददगार, अब बेटों ने संभाली विरासत

Tue, 22 Feb 2022 11:32 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 22 Feb 2022 11:32 PM IST
सार

दाऊद का परिवार पिछले 25 साल से एकता की मिसाल पेश कर रहा है। यह मुस्लिम परिवार हिंदुओं की आस्था में मददगार बन रहा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

विज्ञापन
Bijnor News: Dawood family has been making Kanwar for 25 years
बिजनौर में कांवड़ बनाता दाऊद का परिवार। - फोटो : amar ujala

विस्तार

गंगा जमुनी तहजीब को बनाए रखने की इससे अच्छी मिसाल नहीं हो सकती। बिजनौर में एक मुस्लिम परिवार धर्म की दीवारों को गिराकर हिन्दुओं की आस्था में मददगार साबित हो रहा है। दरअसल, दाऊद 25 सालों से शिवभक्तों के लिए कांवड़ तैयार करने का काम करता है। दाऊद बूढ़ा हुआ तो अब उसके बेटों ने कांवड़ बनाने की विरासत को संभाल लिया है। 

विज्ञापन


शिवभक्तों के कांधे पर सजने वाली कांवड़ को बनाने का काम बिजनौर में एक मुस्लिम परिवार कर रहा है। वो है नजीबाबाद के रहने वाले दाऊद का परिवार। शुरुआत में उसने रोजगार के लिहाज से यह काम शुरू किया था जोकि अब तक जारी है। उसका परिवार पिछले 25 सालों से कांवड़ बनाने का काम करता है। दाऊद बूढ़ा हो चला तो अब उसके बेटों ने भी कांवड़ बनाने की विरासत को संभाल लिया है। हर साल की तरह इस साल भी शिवरात्रि से पहले पूरा परिवार कांवड़ बनाने में जुटा हुआ है।
विज्ञापन


नवंबर से बना रहे हैं कांवड़
दाऊद के बेटे तालिब और आरूष नजीबाबाद से सामान लाकर बिजनौर में कांवड़ बना रहे हैं। नजीबाबाद में भी कांवड़ बनाई जाती हैं। जहां, परिवार के दूसरे लोग लगे हैं। उनका पूरा परिवार नवंबर से शिवरात्रि के लिए कांवड़ बनाने की तैयारी कर रहा था। कांवड़ बनाने में बांस की खप्पच, सुतली, बांस का डंडा आदि का प्रयोग किया जाता है। एक कांवड़ को बनाने में करीब 200 रुपये का खर्चा आता है। तालिब ने बताया कि कांवड़ में लगने वाली कंडी को नजीबाबाद से ही बनाकर लाया जाता है। इसके बाद शिवरात्रि से पहले बिजनौर में कांवड़ तैयार की जाती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: UP Chunav 2022: पहले चरण की 58 सीटों का मूड, मुस्लिमों में सबसे कम, दलितों में हुआ ज्यादा बिखराव, पढ़िए पूरा समीकरण

तालिब ने बताया कि हर साल शिवरात्रि के मौके पर करीब 500 कांवड़ बिक जाती हैं। कांवड़ बनाने के सामान को नवंबर से तैयार किया जा रहा है। पिता से ही कांवड़ बनाना सिखा है।

यह भी पढ़ें: ट्विटर वार : चौधरी जयंत ने लिखा- आशीष मिश्र की जमानत से योगी जी इतने खुश क्यों?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed