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Bijnor News: एचएसआरपी के आवेदन में साइबर ठगों ने लगाई सेंध
Tue, 27 May 2025 11:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 27 May 2025 11:58 PM IST
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बिजनौर। साइबर ठग लोगों को जाल में फंसाने के लिए तरह-तरह के तरीके निकाल रहे हैं। अब ये जनसेवा केंद्र संचालकों को निशाना बना रहे हैं। वाहनों की हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) के आवेदन में बिजनौर के कई जन सेवा केंद्र संचालक रकम गवां चुके हैं। हालांकि यह साफ नहीं हो पाया है कि साइबर ठगों ने फर्जी वेबसाइट बनाई है या फिर असल वेबसाइट में सेंधमारी की है।
बिजनौर में नजीबाबाद रोड पर राकेश कुमार का जनसेवा केंद्र है। इस जनसेवा केंद्र पर एक दिन कृष्ण कुमार अपनी कार की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का आवेदन करने के लिए गए थे। जनसेवा केंद्र संचालक ने तमाम ऑप्शन पूरे किए। जब शुल्क जमा करने की बारी आई तो अचानक वेबसाइट में थर्ड पार्टी यानी किसी अन्य का बारकोड आ गया। इसमें सरकार के निर्धारित शुल्क से तीन गुना शुल्क 1300 रुपये साइबर ठगों ने काट लिए।
जनसेवा केंद्र संचालक ने बताया कि जिस वेबसाइट पर जाकर उसने आवेदन किया था, वह असल थी, लेकिन शुल्क जमा करते हुए अचानक थर्ड पार्टी का क्यूआर कोड सामने आ गया। इस पर उसने रकम ट्रांसफर कर दी। रमेश कुमार ने बताया कि उसने मामले की कहीं भी शिकायत नहीं की है।
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रिश्तेदार बनकर डलवा लिए रुपये
बिजनौर। ताजपुर निवासी रामअवतार सिंह ने बताया कि तीन दिन पहले उनके नंबर पर एक कॉल आई। उसने कहा कि मैं मामा बोल रहा हूं। तुम्हारी मामी बीमार हो गई और अस्पताल आया हूं। यहां पर पांच हजार रुपये कम पड़ रहे हैं। इस नंबर पर डलवा दो। रामअवतार सिंह ने पैसे डलवा दिए। बाद में जब अपने मोबाइल में सेव मामा के नंबर पर कॉल की तो पता चला मामी घर पर एकदम ठीक है। उसने पुलिस से मामले की शिकायत की है।
पुलिस बोली, इन बातों का रखें ध्यान
-अज्ञात मोबाइल एप के माध्यम से लोन लेने और इंवेस्ट करने से बचें
-अनाधिकृत एप इंस्टाल न करें, केवल प्ले स्टोर से ही एप डाउनलोड करें
-अपने ई-मेल का पासवर्ड स्ट्रांग रखें और किसी से शेयर न करें
-कॉल करके कोई पुलिस, जज या आयकर अधिकारी बताए तो कॉल न उठाएं
-साइबर अपराध होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें
पैसा दोगुना करने, रिश्तेदार, डिजिटल अरेस्ट के बारे में सजग रहने की जरूरत है। यदि कोई रिश्तेदार फोन पर पैसा मांग रहा है तो एक बार वैरीफाइ जरूर कर लें। इसके अलावा वेबसाइट पर काम करने से पहले उसकी सत्यता भी जांच लें।
-- संजीव वाजपेयी, एएसपी सिटी बिजनौर
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बिजनौर में नजीबाबाद रोड पर राकेश कुमार का जनसेवा केंद्र है। इस जनसेवा केंद्र पर एक दिन कृष्ण कुमार अपनी कार की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का आवेदन करने के लिए गए थे। जनसेवा केंद्र संचालक ने तमाम ऑप्शन पूरे किए। जब शुल्क जमा करने की बारी आई तो अचानक वेबसाइट में थर्ड पार्टी यानी किसी अन्य का बारकोड आ गया। इसमें सरकार के निर्धारित शुल्क से तीन गुना शुल्क 1300 रुपये साइबर ठगों ने काट लिए।
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जनसेवा केंद्र संचालक ने बताया कि जिस वेबसाइट पर जाकर उसने आवेदन किया था, वह असल थी, लेकिन शुल्क जमा करते हुए अचानक थर्ड पार्टी का क्यूआर कोड सामने आ गया। इस पर उसने रकम ट्रांसफर कर दी। रमेश कुमार ने बताया कि उसने मामले की कहीं भी शिकायत नहीं की है।
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रिश्तेदार बनकर डलवा लिए रुपये
बिजनौर। ताजपुर निवासी रामअवतार सिंह ने बताया कि तीन दिन पहले उनके नंबर पर एक कॉल आई। उसने कहा कि मैं मामा बोल रहा हूं। तुम्हारी मामी बीमार हो गई और अस्पताल आया हूं। यहां पर पांच हजार रुपये कम पड़ रहे हैं। इस नंबर पर डलवा दो। रामअवतार सिंह ने पैसे डलवा दिए। बाद में जब अपने मोबाइल में सेव मामा के नंबर पर कॉल की तो पता चला मामी घर पर एकदम ठीक है। उसने पुलिस से मामले की शिकायत की है।
पुलिस बोली, इन बातों का रखें ध्यान
-अज्ञात मोबाइल एप के माध्यम से लोन लेने और इंवेस्ट करने से बचें
-अनाधिकृत एप इंस्टाल न करें, केवल प्ले स्टोर से ही एप डाउनलोड करें
-अपने ई-मेल का पासवर्ड स्ट्रांग रखें और किसी से शेयर न करें
-कॉल करके कोई पुलिस, जज या आयकर अधिकारी बताए तो कॉल न उठाएं
-साइबर अपराध होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें
पैसा दोगुना करने, रिश्तेदार, डिजिटल अरेस्ट के बारे में सजग रहने की जरूरत है। यदि कोई रिश्तेदार फोन पर पैसा मांग रहा है तो एक बार वैरीफाइ जरूर कर लें। इसके अलावा वेबसाइट पर काम करने से पहले उसकी सत्यता भी जांच लें।