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कला प्रेमियों का संगम बना बिजनौर
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Thu, 08 Sep 2016 11:48 PM IST
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ंपेंटिंग बनाती आर्य कन्या वैदिक इंटर कालेज की छात्राएं ।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में कला प्रेमियों का संगम बन गया है। कई राज्यों से आए कलाकार एक दूसरे से अपने अनुभवों को शेयर कर रहे हैं। इतना ही नहीं एक दूसरे की कलाकृतियों को बेजोड़ बनाने के लिए सुझाव देकर अनेकता में एकता का संदेश दे रहे हैं। सीनियर सिटिजन ने स्वच्छता पथ पर बनाई जा रही कलाकृतियों को जिले के लिए अमूल्य धरोहर बताया है।
स्वच्छता पथ पर पेटिंग बनाने में मेरठ, उड़ीसा, हरियाणा आदि स्थानों के कलाकार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्कूली टीचर और छात्र-छात्राओं के साथ जिले के विभिन्न शहरों के कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। यह कार्यक्रम सामाजिक समसरसता का प्रतीक बन गया है। कलाकारों का एक साथ बैठकर खाना खाना, जमीन पर बैठकर एक दूसरे की कलाकृतियों को और अधिक उत्कृष्ट बनाने के लिए सुझाव देना वहां से गुजरने वालों को अनायास अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। कलाकार इनाम अहमद, रुचि सिंह, सुधा देवी का कहना है कि निजी स्वार्थों से ऊपर उठकर राष्ट्र के लिए कुछ करने का सुखद अनुभव अलग होता है। जब लोग आकर उनकी पेंटिंग की तारीफ करते हैं तो उनकी मेहनत वसूल हो जाती है। कुछ तो उनके साथ आकर सेफ्ली ले रह हैं। बिजली विभाग से रिटायर्ड पुरुषोत्तम शर्मा का कहना है कि स्वच्छता पथ पर देश की कला, संस्कृति को दर्शाती कलाकृतियां ऐसी अमूल्य धरोहर है कि जिन्हें बिजनौर वासी हमेशा याद रखेगें।
चित्रकला के सेवानिवृत्त प्रवक्ता जयनारायण अरुण भी इस कार्य की प्रशंसा की । कहा कि इससे कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए बुजुर्ग कलाकार सहयोग देने को तैयार हैं। स्वच्छता पथ के कार्यक्रम का मिल रहे भारी समर्थन से गदगद सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि बुजुर्गों के इस सुझाव से उन्हें नई ऊर्जा मिली है। डीएम बी चंद्रकला के इस प्रकार के सुझावों पर अमल करने के निर्देश हैं। आर्य वैदिक कन्या इंटर कालेज बिजनौर की ग्रुप लीडर सुधा देवी के साथ रुपाली, रिया, परीक्षा, शिवानी, कंचन, सोनिया, प्रीति द्वारा बनाई जा रही पेंटिंग की सभी प्रशंसा कर रहे हैं।
स्वच्छता पथ पर पेटिंग बनाने में मेरठ, उड़ीसा, हरियाणा आदि स्थानों के कलाकार अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्कूली टीचर और छात्र-छात्राओं के साथ जिले के विभिन्न शहरों के कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है। यह कार्यक्रम सामाजिक समसरसता का प्रतीक बन गया है। कलाकारों का एक साथ बैठकर खाना खाना, जमीन पर बैठकर एक दूसरे की कलाकृतियों को और अधिक उत्कृष्ट बनाने के लिए सुझाव देना वहां से गुजरने वालों को अनायास अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। कलाकार इनाम अहमद, रुचि सिंह, सुधा देवी का कहना है कि निजी स्वार्थों से ऊपर उठकर राष्ट्र के लिए कुछ करने का सुखद अनुभव अलग होता है। जब लोग आकर उनकी पेंटिंग की तारीफ करते हैं तो उनकी मेहनत वसूल हो जाती है। कुछ तो उनके साथ आकर सेफ्ली ले रह हैं। बिजली विभाग से रिटायर्ड पुरुषोत्तम शर्मा का कहना है कि स्वच्छता पथ पर देश की कला, संस्कृति को दर्शाती कलाकृतियां ऐसी अमूल्य धरोहर है कि जिन्हें बिजनौर वासी हमेशा याद रखेगें।
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चित्रकला के सेवानिवृत्त प्रवक्ता जयनारायण अरुण भी इस कार्य की प्रशंसा की । कहा कि इससे कलाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए बुजुर्ग कलाकार सहयोग देने को तैयार हैं। स्वच्छता पथ के कार्यक्रम का मिल रहे भारी समर्थन से गदगद सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी का कहना है कि बुजुर्गों के इस सुझाव से उन्हें नई ऊर्जा मिली है। डीएम बी चंद्रकला के इस प्रकार के सुझावों पर अमल करने के निर्देश हैं। आर्य वैदिक कन्या इंटर कालेज बिजनौर की ग्रुप लीडर सुधा देवी के साथ रुपाली, रिया, परीक्षा, शिवानी, कंचन, सोनिया, प्रीति द्वारा बनाई जा रही पेंटिंग की सभी प्रशंसा कर रहे हैं।
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