Bijnor: पहाड़ों पर बारिश से उफान पर आई खो नदी, बढ़ापुर-नगीना मार्ग ध्वस्त, आवागमन ठप
पहाड़ों पर बारिश से उफान पर आई बिजनौर की खो नदी के तीव्र जल प्रवाह ने भूकटाव कर बढ़ापुर-नगीना मार्ग को ध्वस्त कर दिया है। सड़क का कटान लगातार जारी है। ऐसे में दोनों तरफ का आवागमन बंद हो गया है।
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पहाड़ी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार वर्षा से उफान पर आई बिजनौर की खो नदी के तीव्र जल प्रवाह ने भूकटाव कर अब बढ़ापुर क्षेत्र को जनपद से सीधे जोड़ने वाले बढ़ापुर-नगीना मार्ग को भी ध्वस्त कर दिया है। इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। भूकटाव निरंतर जारी है।
क्षेत्र की खो नदी के जलस्तर का बढ़ना पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली वर्षा पर निर्भर है। पहाड़ी क्षेत्र में रुक रूककर हो रही तेज बारिश से खो नदी का जलस्तर इतना बढ़ा कि बढ़ापुर क्षेत्र को रायपुर व नजीबाबाद से जोड़ने वाले ग्राम शाहलीपुर कोटरा (गांवड़ी) के समीप स्थित खो नदी पुल की अप्रोच व इसकी सड़क को खो नदी का पानी दो दिन पूर्व अपने साथ बहा ले गया था।
बढ़ापुर-नगीना मार्ग पर पड़ने वाली खो नदी का पानी रास्ता बदलकर करीब दो सप्ताह पूर्व से खो नदी पुल के उत्तरी दिशा में बढ़ापुर-नगीना मार्ग की ओर बढ़ रहा था।
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एक अगस्त के अंक में अमर उजाला में इस आशय का समाचार भी प्रकाशित हुआ था कि यदि समय रहते संबंधित विभाग ने इस और ध्यान नही दिया और स्टड आदि लगाकर भूकटाव की रोकथाम के प्रयास नही किए तो खो नदी का पानी बढ़ापुर-नगीना मार्ग के इस हिस्से का भूकटाव कर मार्ग को ध्वस्त कर देगा।
किसी ओर से इस और ध्यान नही दिया गया नतीजतन खो नदी का पानी भूकटाव करते हुए मार्ग तक आ गया और शुक्रवार को खो नदी के पानी ने खो नदी पुल के समीप भूकटाव कर बढ़ापुर-नगीना मार्ग को ध्वस्त कर दिया।
अब इस मार्ग पर बसों, चार पहिया वाहनों का निकलना बंद हो गया है। बाइक सवार जान जोखिम में डालकर थोड़ी बची मार्ग की पगडंडी से होकर निकल रहे है। इसी के साथ ही बढ़ापुर कस्बे व क्षेत्र का जनपद से सीधे तौर पर संपर्क कट गया है।
बताया गया कि बाहर नगीना दिशा से बढ़ापुर क्षेत्र के स्कूल कालेजों में शिक्षण कार्य के लिए आने वाले शिक्षक भी रास्ता बंद होने पर खो नदी पुल से वापस चले गए।