Double Murder: पति को बचाने के लिए बदमाशों से भिड़ गई थी अंजू जैन, कारोबारी की मौत के 21 घंटे बाद दम तोड़ा
मेरठ जनपद के किशनपुरी में लूट के इरादे से घर में घुसे दो बदमाशों ने स्पोर्ट्स कारोबारी धनकुमार जैन उर्फ डीके (70) की गोली मारकर हत्या कर दी। पत्नी अंजू (65) के भी हाथ में गोली लगी थी। शुक्रवार सुबह उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ के ब्रह्मपुरी थानाक्षेत्र के किशुनपुरी में घर में घुसकर कारोबारी धनकुमार जैन की हत्या के बाद शुक्रवार तड़के करीब चार बजे उनकी पत्नी अंजू ने भी एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। अंजू के हाथ में एक गोली लगी थी। बताया जा रहा है कि हाथ की नस कटने के कारण अधिक ब्लीडिंग हुई, जिस वजह से उनकी मौत हो गई।
कारोबारी की पत्नी की मौत का पता चलते ही पुलिस अलर्ट मोड में आ गई है। वहीं दूसरी तरफ संयुक्त व्यापार संघ ने आज बैठक कर पुलिस के खिलाफ ठोस निर्णय लेने का अल्टीमेटम दे रखा है। अभी तक पुलिस यह भी पता नहीं कर सकी हत्यारे कौन थे और किस वजह से दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया? बता दें कि गुरुवार सुबह करीब 7:30 बजे घर में घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया गया था।
वारदात ब्रह्मपुरी थाने से 500 मीटर और गोरीपुरा चौकी से मात्र 50 मीटर की दूरी पर किशनपुरी मोहल्ले में हुई। धनकुमार जैन की मेरठ स्पोर्ट्स इंडस्ट्री के नाम से परतापुर में खेल का सामान बनाने वाली फैक्टरी है।
वारदात के वक्त उनका बड़ा बेटा नवीन पत्नी स्वाति के साथ बेटे को स्कूल छोड़ने गया था। छोटा बेटा अभिषेक छुट्टी पर घर आया हुआ है। अभिषेक नार्वे में इंजीनियर है। इसी दौरान घर में घुसे दो बदमाशों ने अभिषेक को कमरे में बंधक बना लिया। मोबाइल छीनकर गेट बंद कर दिया।
इसके बाद बदमाशों ने धनकुमार के कमरे में जाकर उनको पेट में गोली मार दी। पत्नी अंजू जैन पति को बचाने के बदमाशों से भिड़ गईं लेकिन बदमाशों ने उनके हाथ में गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर दूसरे कमरे से बाहर आई कारोबारी की पोती अंशिका (15) पुत्री नवीन के हाथ-पैर रस्सी से बांधकर बदमाशों ने उसे भी कमरे में बंद कर दिया।
इसके बाद बदमाश लूटपाट करने लगे, तभी दूधिया रंजीत यादव दरवाजे पर आ गया। बदमाशों ने उसको पीटकर रसोई में बंद कर दिया। बदमाशों के जाने के बाद अंशिका ने मां स्वाति को फोन किया। स्वाति ने पड़ोसियों को फोन कर जानकारी दी तो वे मौके पर पहुंचे और घर पर बंधक लोगों को बाहर निकाला।