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Bijnor: किरतपुर ब्लॉक में गोवंश मालिकों के खिलाफ एफआईआर, कैटल शेडो की जमीनी हकीकत जानने में जुटी टीम

Mon, 19 Dec 2022 02:12 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 19 Dec 2022 02:12 PM IST
सार

बिजनौर प्रशासन ने गोवंश को खुला छोड़ने वाले लोगों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए विशेष टीमें बनाईं गई हैं। खोजी टीमों को किरतपुर ब्लाक में गोवंश खुले घूमते मिले। पांच मालिकों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।

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Bijnor: FIR against cattle owners in Kiratpur block, team working to know the ground reality of cattle shed
गोवंश - फोटो : amar ujala

विस्तार

बिजनौर प्रशासन ने गोवंश को खुला छोड़ने वाले व्यक्तियों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया है। खोजी टीमों को किरतपुर ब्लाक में गोवंश खुले घूमते मिले। सीडीओ पूर्ण बोरा ने पशु मालिकों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। साथ ही कैटल शेडों की ज़मीनी हकीकत जानने के लिए ब्लाकवार टीम बनाई।

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डीएम उमेश मिश्रा ने गोवंश को निराश्रित खुला छोड़ने को लेकर अधिकारियों की बैठक ली थी। बैठक में शासन के निर्देश का पालन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी।  गौवंश संरक्षण के लिए अभियान चलाने को कहा। अभियान की कमान सीडीओ पूर्ण बोरा को सौंपी गई।  सीडीओ ने अधिकारियों से अभियान में ढील नहीं बरतने पर जोर दिया है।
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सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि किरतपुर ब्लाक में गोवंश खुले घूमते मिले हैं। आरोप में पांच मालिकों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई गई है। बताया जिले में 35 गौ आश्रय स्थल संचालित हैं। करीब एक दर्जन आश्रय स्थल नये बन रहे हैं। कुछ आश्रय स्थल की क्षमता बढ़ाई जा रही है।

इन बिंदुओं पर होगी जांच
सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि जिले के 35 गौ आश्रय स्थलों में करीब 3500 पशु रह रहे हैं। गोवंश को हरा चारा, भूसा, पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा। गोवंश को ठंड से बचने की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश है। पशु चिकित्सकों की गोवंश की स्वास्थ्य जांच करने की जिम्मेदारी है। सीडीओ पूर्ण बोरा के मुताबिक सभी तहसील एसडीएम को केटल शेड व गोवंश को प्रदत्त सुविधाओं की ज़मीनी हकीकत जानने को कहा गया है।

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