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Bijnor: ट्रैक्टर के नीचे दबकर कक्षा 11 के छात्र की मौत, इकलौते भाई की लाश पर रोईं 7 बहनें, किसे बांधेंगी राखी

Mon, 07 Jul 2025 08:53 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Mon, 07 Jul 2025 08:53 PM IST
सार

Death in Accident: आशीष सैनी नगीना की आजाद कॉलोनी में रहता था और पढ़ाई के साथ ट्रैक्टर ठीक करने का काम भी सीखता था। जिस ट्रैक्टर को वह ठीक करने के लिए ले जा रहा था, वह पलट गया। इसके साथ एक किशोर घायल हुआ है।

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Bijnor: Class 11 student died after being crushed under a tractor, 7 sisters cried over the death
आशीष की फाइल फोटो और विलाप करते परिजन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरिद्वार- काशीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनियंत्रित ट्रैक्टर किनारे के खेत में गिरकर पलट गया। हादसे में कक्षा 11 के छात्र आशीष सैनी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा किशोर घायल हो गया, उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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ग्राम रहमापुर निवासी अनुज कुमार (15) व नगीना के आजाद कॉलोनी निवासी आशीष सैनी (18) सोमवार सुबह करीब आठ बजे ट्रैक्टर से ग्राम रोशनपुर की तरफ जा रहे थे। हाईवे पर सिटी डिग्री कॉलेज के पीछे रेलवे फाटक के पुल के करीब ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर हाईवे किनारे गहरे खेत में गिरकर पलट गया। दुर्घटना में दोनों किशोर ट्रैक्टर के नीचे दब गए। 
आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने दोनों के चीखने की आवाज सुनी तो दौड़े। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर उठाने का प्रयास किया। ट्रैक्टर के नीचे दबने से आशीष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अनुज को निकाल लिया गया। घायल अनुज को नगीना सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई।
परिजनों के किसी भी कार्रवाई से इन्कार करने पर पुलिस ने शव उन्हें सौंप दिया। आशीष सैनी गांव रोशनपुर के एक रिश्तेदार की ट्रैक्टर वर्कशॉप पर कभी-कभार काम सीखने चला जाता था। रविवार रात एक परिचित उनके घर पर ट्रैक्टर ठीक करने के लिए छोड़ गए थे। आशीष सुबह ट्रैक्टर वर्कशॉप पर ठीक करने के लिए ले जा रहा था कि रास्ते में हादसा हो गया।
 
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आशीष की मौत के साथ परिवार के सपनों का भी अंत
आशीष सैनी की मौत ने परिवार के सपनों का भी अंत कर दिया। वह सात बहनों का इकलौता भाई था। उसकी मौत की खबर दिन निकलते ही घर पहुंची तो मातम छा गया।
नगर के मोहल्ला आजाद कॉलोनी निवासी मुन्नू सैनी का परिवार नगीना-कोतवाली मार्ग पर स्थित मां काली की मूर्ति के पास रहता है। मुन्नू मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घर के अकेले चिराग के बुझ जाने के बाद बिलखते हुए मृतक की मां कौशल्या कह रही थी कि बड़ी मन्नत मांगने के बाद उनके घर में पुत्र के रूप में आशीष पैदा हुआ था। उसको क्या मालूम था कि घर से ट्रैक्टर लेकर निकला उसका बेटा अब लौटकर कभी नहीं आ पाएगा। आशीष की मौत के बाद उसकी सातों बहनों का अस्पताल में रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था। आंखों से टपकते आंसू के बीच वह कह रहीं थी कि रक्षा बंधन पर अब वे किसकी कलाई पर राखी बांधेगी।
 
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