{"_id":"6a72d6bea3cdd0a0fa0d6ae0","slug":"bijnor-40-lakh-fraud-against-consolidation-department-clerk-fir-registered-against-four-2026-08-05","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bijnor: चकबंदी विभाग की पेशकार से 40 लाख की धोखाधड़ी, पीएनबी के शाखा प्रबंधक समेत चार पर FIR","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor: चकबंदी विभाग की पेशकार से 40 लाख की धोखाधड़ी, पीएनबी के शाखा प्रबंधक समेत चार पर FIR
Wed, 05 Aug 2026 11:57 AM IST
Mohd Mustakim
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Wed, 05 Aug 2026 11:57 AM IST
सार
बिजनौर की रेणू की तैनाती अमरोहा में चकबंदी के विभाग के पेशकार के रूप में है। उनसे बिजनौर में लोन के नाम पर धोखाधड़ी कर ली गई। उनके नाम से लोन पास कर किसी और को दे दिया गया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
बिजनौर की रहने वाली पेशकार की अमरोहा के चकबंदी विभाग में तैनाती चल रही है। उनके साथ आवासीय ऋण की आड़ में करीब 40 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। मामले में पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक समेत चार आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
विज्ञापन
शहर कोतवाली में अंबे विहार कॉलोनी निवासी रेणू पत्नी स्व. कंचनपाल की तहरीर पर दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई। एक प्राथमिकी में कहा गया कि उन्होंने धामपुर के एक्सिस बैंक में कभी खाता नहीं खुलवाया। न ही उक्त बैंक में गईं, इसके बाद भी उनका उक्त शाखा में खाता खोला गया और पांच लाख रुपये का ऋण दिए गया। कर्ज की उक्त रकम को निकाल भी लिया गया। दो साल के बाद इसकी जानकारी हो सकी। इस प्राथमिकी में संजीव, मनोज उर्फ संजीव और पीएनबी की बिजनौर आरबीडी के शाखा प्रबंधक महेश को आरोपी बनाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दूसरी प्राथमिकी में शाखा प्रबंधक महेश कुमार और मनोज निवासी आवास विकास को आरोपी बनाया गया है। प्राथमिकी में पीड़िता रेणू ने बताया कि कोरोना काल में पति की मौत के बाद उनके स्थान पर नियुक्ति मिली। उनके पास घर नहीं होने के कारण आवासीय लोन के लिए पंजाब नेशनल बैंक की आरबीडी शाखा में आवेदन किया गया। लोन स्वीकृत हुआ, इसी बीच उनसे आठ खाली चेक लिए गए। दो चेक के माध्यम से उनके खाते से रकम निकाल ली गई।
आरोप है कि पीएनबी की शाखा से 35 लाख रुपये का लोन स्वीकृत किया गया था। पैसा किसे दिया गया, जिसकी कोई जानकारी नहीं दी। कर्ज की किस्त भी उनकी सैलरी से कट रही है। उधर पीड़िता इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की थी। क्षेत्राधिकारी अभय कुमार पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।