विद्युतीकरण न होने का मामला: दोषी अधिकारियों से होगी 14 लाख की रिकवरी, डिमोशन की कार्रवाई के भी निर्देश
Bijnor News : जांच में दोषी पाए गए अफसरों से करीब 14 लाख रुपये की रिकवरी की जाएगी। वहीं, अधिकारियों पर डिमोशन की कार्रवाई के भी निर्देश जारी हुए है।
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बिजनौर के नजीबाबाद में सेंट मैरी फ्लाईओवर पर विद्युतीकरण कार्य न होने के मामले में फर्जीवाड़ा पाया गया। जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों से करीब 14 लाख रुपये की रिकवरी की जाएगी। अधिकारियों पर डिमोशन की कार्रवाई के निर्देश जारी हुए है।
नजीबाबाद-रायपुर मार्ग स्थित रेलवे क्रॉसिंग संख्या-480 सेंट मैरी स्कूल के पास बने फ्लाईओवर पर आठ साल बाद भी विद्युतीकरण नहीं हुआ। आदर्शनगर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता मनोज शर्मा ने मुख्यमंत्री कार्यालय को इस मामले में शिकायत की थी। जिसकी जांच सेतू निगम के प्रबंध निदेशक स्तर से हुई। यूपी सेतु निगम के गाजियाबाद कार्यालय में तैनात प्रबंध संयंत्र एके सिंह ने आरटीआई कार्यकर्ता को बताया कि सेंट मैरी फ्लाईओवर के विद्युतीकरण के लिए वर्ष 2015 में 14 लाख, 24 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन कार्य नहीं कराया गया।
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विभागीय जांच में तत्कालीन उप परियोजना प्रबंधक यांत्रिक ओमप्रकाश श्रीवास्तव और तत्कालीन अवर अभियंता शिवकुमार दोषी पाए गए। तत्कालीन उप परियोजना प्रबंधक यांत्रिक का डिमोशन कर सहायक अभियंता यांत्रिक बनाया गया और इनके सेवानिवृत्ति देयकों से रिकवरी किए जाने के आदेश पारित किए गए हैं। इसके अलावा तत्कालीन अवर अभियंता के वेतन से रिकवरी संबंधी आदेश पारित किए गए है।
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