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बड़े किसान सहकारिता विभाग का दबाए बैठे हैं करोड़ों रुपये

Fri, 07 Feb 2020 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 07 Feb 2020 11:57 PM IST
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Big farmers are holding crores of rupees in cooperative department
बड़े किसान सहकारिता विभाग का दबाए बैठे हैं करोड़ों रुपये
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बिजनौर। जिले के हजारों बड़े किसान सहकारिता विभाग का करोड़ों रुपये दबाए बैठे हैं। विभाग के बार-बार कहने पर भी बड़े रसूख वाले ये बकाएदार अदायगी में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। शासन अब बकाया वसूली को लेकर बड़े बकाएदारों पर सख्त हो गया है। बड़े बकाएदारों के खिलाफ वारंट की प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही वसूली में खराब प्रदर्शन करने वाली समितियों के एमडी का वेतन रोका जा रहा है।
जिले में 96 सहकारी समितियां हैं। समितियों के सवा लाख से अधिक लेन देन करने वाले सदस्य हैं। समितियां किसानों को कम ब्याज पर नकद तथा खाद बीज के रूप में लोन देती हैं। सहकारिता विभाग के अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी सत्यपाल सिंह के अनुसार जिले में 28876 किसान बकाएदार हैं। बकाएदारों पर 196 करोड़ की देनदारी है। इनमें 50 हजार से बड़े बकाएदार 7968, एक लाख से बडे़ बकाएदार 4640 तथा दो लाख से बडे़ बकाएदार करीब एक हजार हैं। कुल बकाए के बडे़ हिस्से की देनदारी बड़े बकाएदारों पर है। विभाग की ओर से वसूलयाबी के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। अब शासन ने दो लाख के बड़े बकाएदारों के खिलाफ वारंट गिरफ्तारी की कार्रवाई करने को कहा है। जिस पर अमल शुरू हो गया है। अन्य बड़े बकाएदारों के खिलाफ भी कार्रवाई तैयार है। समितियों पर बैंकों की 10036.35 लाख की देनदारी थी। समितियों ने मात्र 4623.95 लाख ही अदा किया है। जो 46.07 प्रतिशत है।
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डिफॉल्टर का रुक सकता है खाद बीज का आवंटन
सहायक निबंधक सहकारिता अमित कुमार त्यागी के अनुसार कम बकाया वसूलयाबी से समितियों के बिजनेस पर असर पड़ता है। किसान बकाया जमा करें। तय समय में लोन अदा नहीं करने पर किसान ब्लैक लिस्टेड हो सकते हैं। डिफॉल्टर का नए सत्र में खाद बीज का आवंटन रुक सकता है। बताया कि जिले की जिन सहकारी समितियों का बकाया वसूलयाबी में खराब प्रदर्शन है उनके एमडी का वेतन रोका जा रहा है। सुधार नहीं होने पर नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई होगी।
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खराब प्रदर्शन करने वाली समितियां
बिजनौर। बकाया वसूलयाबी में खराब प्रदर्शन करने वाली झालू, किरतपुर, कोतवाली, शादीपुर, खुशहालपुर मठेरी, कुजैटा, कासमपुर गढ़ी, स्योहारा, महमूदपुर, काजमपुर, किवाड़, सरकड़ा मिलक जहांगीराबाद, पीपलसाना, बसेड़ा नारायण, बास्टा, आबिदपुर, जलीलपुर, फीना और गोहावर सहकारी समितियां हैं।

बैंकों का शत प्रतिशत भुगतान कर बनाया रिकार्ड
जिले की मौहम्मदपुर देवमल ब्लाक की सहकारी समितियां फतेहपुर असल, शादीपुर, चंदक, भरैरा, जहांगीरपुर हल्दौर ब्लाक की सिसौना, गंज, अल्हैदादपुर, नजीबाबाद ब्लाक की नांगल, मोहम्मद अलीपुर द्वारका अफजलगढ़ ब्लाक की शेरगढ़, नहटोर ब्लाक की खंडसाल, अखेड़ा, सीकरी, रुहड़ी नवादा, नहटौर उत्तरी, मिलक मुकीमपुर, स्योहारा ब्लाक की ताजपुर, बूढ़ा नंगला, धामपुर ब्लाक की हर्रा, जलीलपुर ब्लाक की बागड़पुर, चांदपुर, मुढाल तथा नूरपुर ब्लाक की नूरपुर व उमरी कला सहकारी समितियों ने शत प्रतिशत सहकारी बैंकों का भुगतान करके रिकार्ड बनाया है।
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