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Bijnor News: नितिन हत्याकांड में भोपाल को आजीवन कारावास की सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम अवतार यादव ने नितिन हत्याकांड में दोषी पाते हुए भोपाल को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। शराब पीने के लिए रुपये नहीं देने पर 16 अगस्त 2019 को सुआ घोंप कर नितिन की हत्या की गई थी।
थाना नूरपुर के गांव गोहावर जैत निवासी शिशु ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके लड़के नितिन कुमार से 16 अगस्त 2019 की शाम को गांव का ही भोपाल शराब पीने के लिए रुपये मांग रहा था। नितिन ने उसे रुपये देने से मना कर दिया था।
इस पर भोपाल ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। दोनों में कहासुनी हो गई थी। उस वक्त गांव के लोगों ने दोनों को समझाकर शांत करा दिया था। इसके बाद नितिन घर आ गया था।
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खाना खाने के बाद नितिन कुमार मोहल्ले में दुकान पर बीड़ी का बंडल लेने जा रहा था। रास्ते में भोपाल ने अपने घेर के सामने नितिन को घेर लिया और बर्फ तोड़ने वाले सुए से वार कर दिया था। नितिन की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
इस घटना को नितिन की मां रतनदया एवं बहनोई टेकचंद ने देखा था। नितिन की हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के दो दिन बाद पुलिस ने भोपाल को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर सुआ बरामद किया था।
इस केस में छह गवाह पेश किए गए। उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने भोपाल को नितिन की हत्या का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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बिजनौर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राम अवतार यादव ने नितिन हत्याकांड में दोषी पाते हुए भोपाल को आजीवन कारावास एवं 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। शराब पीने के लिए रुपये नहीं देने पर 16 अगस्त 2019 को सुआ घोंप कर नितिन की हत्या की गई थी।
थाना नूरपुर के गांव गोहावर जैत निवासी शिशु ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके लड़के नितिन कुमार से 16 अगस्त 2019 की शाम को गांव का ही भोपाल शराब पीने के लिए रुपये मांग रहा था। नितिन ने उसे रुपये देने से मना कर दिया था।
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इस पर भोपाल ने उसे जान से मारने की धमकी दी थी। दोनों में कहासुनी हो गई थी। उस वक्त गांव के लोगों ने दोनों को समझाकर शांत करा दिया था। इसके बाद नितिन घर आ गया था।
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खाना खाने के बाद नितिन कुमार मोहल्ले में दुकान पर बीड़ी का बंडल लेने जा रहा था। रास्ते में भोपाल ने अपने घेर के सामने नितिन को घेर लिया और बर्फ तोड़ने वाले सुए से वार कर दिया था। नितिन की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।
इस घटना को नितिन की मां रतनदया एवं बहनोई टेकचंद ने देखा था। नितिन की हत्या की रिपोर्ट दर्ज होने के दो दिन बाद पुलिस ने भोपाल को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर सुआ बरामद किया था।
इस केस में छह गवाह पेश किए गए। उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कोर्ट ने भोपाल को नितिन की हत्या का दोषी माना और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।