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गठबंधन प्रत्याशी के विरोध में आई भाकियू

Sat, 29 May 2021 12:36 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 29 May 2021 12:36 AM IST
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Bhakuyu came in opposition to the coalition candidate
गठबंधन प्रत्याशी के विरोध में आई भाकियू
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बिजनौर। जिला पंचायत अध्यक्ष पद चुनाव में सपा, रालोद गठबंधन की ओर से प्रत्याशी घोषित करने के बाद भाकियू बगावत पर उतर आई है। भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पूरा मामला भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत तक पहुंच गया है। भाकियू भी अब चुनाव में उतरने के लिए हुंकार भर सकती है। इसके लिए कमेटी बनाई जा रही है। कमेटी का फैसला आने के बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
कृषि कानूनों के विरोध भाकियू की ओर से भाजपा के खिलाफ किए गए आंदोलन की फसल जिला पंचायत चुनाव में सपा और रालोद ने काटी। भाजपा के लिए गांवों में भाकियू नेताओं ने जो माहौल बनाया उसके दम पर सपा और रालोद गठबंधन जिला पंचायत चुनाव में 24 सीट जीत गया। जबकि भाजपा के खाते में केवल आठ सीट ही गईं। भाकियू ने भी चुनाव लड़ा और सपा और रालोद के साथ चुनाव बाद गठबंधन किया। गठबंधन की ओर से भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह की पत्नी निगम चौधरी को अध्यक्ष पद के लिए सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा था। कहा जा रहा था कि किसानों को अपने पाले में बनाए रखने के लिए निगम चौधरी ही गठबंधन की ओर से अध्यक्ष पद की दावेदार हैं।
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सपा व रालोद गठबंधन की ओर से बृहस्पतिवार को चरणजीत कौर को प्रत्याशी घोषित किया गया। प्रेस वार्ता में रालोद, सपा, आजाद समाज पार्टी के नेताओं के अलावा भाकियू के जिला उपाध्यक्ष सुनील चौधरी भी मौजूद थे। प्रत्याशी घोषित होने पर भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह बगावत पर उतर आए हैं। वे अपनी पत्नी निगम चौधरी को चुनाव लड़ाने के लिए ताल ठोक रहे थे। सपा हाईकमान को जिन सात दावेदारों के नाम गए थे, उनमें निगम चौधरी का नाम भी शामिल था। चरणजीत कौर को प्रत्याशी घोषित करने के बाद दिगंबर सिंह ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कहा कि भाकियू का गठबंधन को कोई समर्थन नहीं है। सपा द्वारा झूठा प्रचार किया जा रहा है। प्रत्याशी घोषित करने से पहले किसी ने उनसे बात नहीं की है। उन्होंने बताया कि पूरा मामला भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के सामने रखा गया है। इस पूरे मामले में समिति बनाई जा रही है।
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अखिलेश यादव के सामने उठाएंगे मामला
सपा की ओर से किसी मुस्लिम को प्रत्याशी न बनाए जाने से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नसरीन सैफी के पति रफी सैफी भी नाराज हैं। उन्होंने पूरा मामला सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के सामने रखने की बात कही है। जिला पंचायत चुनाव में निर्दलीय के रूप में पूर्व विधायक शाहनवाज राना की पत्नी इंतेखाब राना भी ताल ठोक रही हैं। पूर्व विधायक भी अपने सदस्यों को अपने पाले में करने में जुटी हैं। 20 मुस्लिम जिला पंचायत के सदस्य बने हैं। ऐसे हालात में सदस्यों को एकजुट रखना टेढ़ी खीर रहेगा।
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