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Bijnor News: जन आरोग्य योजना के लाभ 10886 परिवार वंचित
Sun, 04 Jun 2023 11:21 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 04 Jun 2023 11:21 PM IST
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- 33690 में से केवल 22804 परिवारों के ही अभी तक बन सके हैं आयुष्मान गोल्डन कार्ड
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। जन आरोग्य भारत आयुष्मान योजना के तहत ब्लाॅक क्षेत्र में 10886 परिवार आयुष्मान गोल्डन कार्ड से वंचित हैं। प्रयास करने के बाद भी इन लोगों के कार्ड नहीं बन सके हैं। यह कार्ड साल 2011 में हुई सामाजिक, आर्थिक, जातिगत जनगणना के आधार पर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के ही बन रहे हैं। धामपुर में 33,690 परिवारों के कार्ड बनने हैं, लेकिन 10886 परिवाराें के कार्ड अभी भी नहीं बन सके हैं।
पीएचसी प्रभारी डाॅ. बीके स्नेही ने बताया कि सरकार की ओर से योजना के तहत पात्र लोगों के कार्ड बनाए जा रहे है। ब्लॉक में 33,690 परिवारों के गोल्डन कार्ड बनने हैं। इनमें से 22804 परिवारों के ही कार्ड बने हैं। 10886 परिवार अभी वंचित हैं। सरकार ने गरीबों के इलाज के लिए इस योजना को 2019 से चला रखा है। योजना के तहत गंभीर बीमारी के इलाज के लिए कार्ड धारक को सालाना पांच लाख रुपये दिए जाते हैं। प्रभारी चिकित्सक का कहना है कि योजना के अंतर्गत अपेंडिक्स,मलेरिया, चिकेन गुनिया, हर्निया, हाइड्रोसिल, पुरुष नसबंदी, डिसेंट्री, एचआईबी कॉम्प्लिकेशन, बच्चेदानी का ऑपरेशन, हाथ-पांव काटने की सर्जरी, मोतियाबिंद, पट्टा चढ़ाना, गांठ संबंधी बीमारी, यूटीआई, आंतों का बुखार, कैंसर, दिल की बीमारी, किडनी, लीवर की बीमारी, डायबिटीज समेत करीब 1300 से अधिक बीमारियों का इलाज मुफ्त में कराया जा सकता है।
गांवों में आशाओं को गोल्डन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। ब्लॉक के 24 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर भी गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। प्रति व्यक्ति कार्ड बनाने का सरकारी शुल्क मात्र 30 रूपये है। बकौल प्रभारी, कोई भी किसी के झांसे में न आएं। कार्ड उसी का बनेगा, जिसका नाम सूची में शामिल होगा।
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धामपुर। जन आरोग्य भारत आयुष्मान योजना के तहत ब्लाॅक क्षेत्र में 10886 परिवार आयुष्मान गोल्डन कार्ड से वंचित हैं। प्रयास करने के बाद भी इन लोगों के कार्ड नहीं बन सके हैं। यह कार्ड साल 2011 में हुई सामाजिक, आर्थिक, जातिगत जनगणना के आधार पर गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों के ही बन रहे हैं। धामपुर में 33,690 परिवारों के कार्ड बनने हैं, लेकिन 10886 परिवाराें के कार्ड अभी भी नहीं बन सके हैं।
पीएचसी प्रभारी डाॅ. बीके स्नेही ने बताया कि सरकार की ओर से योजना के तहत पात्र लोगों के कार्ड बनाए जा रहे है। ब्लॉक में 33,690 परिवारों के गोल्डन कार्ड बनने हैं। इनमें से 22804 परिवारों के ही कार्ड बने हैं। 10886 परिवार अभी वंचित हैं। सरकार ने गरीबों के इलाज के लिए इस योजना को 2019 से चला रखा है। योजना के तहत गंभीर बीमारी के इलाज के लिए कार्ड धारक को सालाना पांच लाख रुपये दिए जाते हैं। प्रभारी चिकित्सक का कहना है कि योजना के अंतर्गत अपेंडिक्स,मलेरिया, चिकेन गुनिया, हर्निया, हाइड्रोसिल, पुरुष नसबंदी, डिसेंट्री, एचआईबी कॉम्प्लिकेशन, बच्चेदानी का ऑपरेशन, हाथ-पांव काटने की सर्जरी, मोतियाबिंद, पट्टा चढ़ाना, गांठ संबंधी बीमारी, यूटीआई, आंतों का बुखार, कैंसर, दिल की बीमारी, किडनी, लीवर की बीमारी, डायबिटीज समेत करीब 1300 से अधिक बीमारियों का इलाज मुफ्त में कराया जा सकता है।
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गांवों में आशाओं को गोल्डन कार्ड बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। ब्लॉक के 24 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों पर भी गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। प्रति व्यक्ति कार्ड बनाने का सरकारी शुल्क मात्र 30 रूपये है। बकौल प्रभारी, कोई भी किसी के झांसे में न आएं। कार्ड उसी का बनेगा, जिसका नाम सूची में शामिल होगा।
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