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रेल पुल के पुराने पिलर बन गए बैरियर
अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Wed, 12 Oct 2016 12:02 AM IST
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नजीबाबाद की सूकरो नदी में पुराने पुल के पिलर को गिराने में जुटी मशीन आैर मजदूर।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के नजीबाबाद मेंकोटद्वार ब्रांच लाइन पर सूकरो नदी पर पुराने रेल पुल के पिलरों को गिराने में भी खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। ऐसे में नए रेल पुल का निर्माण कार्य शुरू करने में निर्माण इकाई को खासा विलंब हो रहा है।
नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच सूकरो नदी पर बने रेल लाइन पुल का एक पिलर 23 जुलाई को ढह गया था। तभी से रेल पुल से ट्रेनों का आवागमन बंद है। इससे पहले कि बचाव कार्य कर रेलवे पुल से ट्रेनों का आवागमन दुबारा शुरू करा पाता, 13 सितंबर को एक और पिलर जमींदोज हो गया। अब रेल पुल को दुरुस्त करने की मशक्कत और बढ़ गई है।
बता दें कि रेल पुल ध्वस्त होने और ट्रेनों का संचालन बंद होने के चलते रेलवे बड़ौदा हाउस के जीएम, प्रिंसिपल इंजीनियर, डीआरएम सहित कई तकनीकी अधिकारियों ने रेल पुल का निरीक्षण किया। तकनीकी मुआयने के बाद रेलवे उच्चाधिकारियों ने सूकरो नदी पर नया पुल बनाने को स्वीकृति दे दी। रेलवे ने पुल निर्माण के लिए खाका तैयार कर लिया। पुल निर्माण के लिए आवश्यक संसाधन भी जुटा लिए गए, मगर पुल निर्माण कार्य शुरू करने पर फिलहाल विराम लगा हुआ है। दरअसल नया पुल बनाने से पहले पुराने पुल के पिलरों को हटाया जाना था। इसके लिए नदी क्षेत्र में क्रेन भी उतार दी गई। पुराने पिलर खासे मजबूत होने के चलते उन्हें गिराया नहीं जा सका। अब ड्रिल मशीन और कटर के जरिए पिलर को निचले हिस्से से काटना शुरू किया गया। रेलवे अधिकारी पुराने पिलर हटते ही नदी क्षेत्र में पिलर बनाने का काम शुरू करने की बात कह रहे हैं।
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नजीबाबाद-कोटद्वार के बीच सूकरो नदी पर बने रेल लाइन पुल का एक पिलर 23 जुलाई को ढह गया था। तभी से रेल पुल से ट्रेनों का आवागमन बंद है। इससे पहले कि बचाव कार्य कर रेलवे पुल से ट्रेनों का आवागमन दुबारा शुरू करा पाता, 13 सितंबर को एक और पिलर जमींदोज हो गया। अब रेल पुल को दुरुस्त करने की मशक्कत और बढ़ गई है।
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बता दें कि रेल पुल ध्वस्त होने और ट्रेनों का संचालन बंद होने के चलते रेलवे बड़ौदा हाउस के जीएम, प्रिंसिपल इंजीनियर, डीआरएम सहित कई तकनीकी अधिकारियों ने रेल पुल का निरीक्षण किया। तकनीकी मुआयने के बाद रेलवे उच्चाधिकारियों ने सूकरो नदी पर नया पुल बनाने को स्वीकृति दे दी। रेलवे ने पुल निर्माण के लिए खाका तैयार कर लिया। पुल निर्माण के लिए आवश्यक संसाधन भी जुटा लिए गए, मगर पुल निर्माण कार्य शुरू करने पर फिलहाल विराम लगा हुआ है। दरअसल नया पुल बनाने से पहले पुराने पुल के पिलरों को हटाया जाना था। इसके लिए नदी क्षेत्र में क्रेन भी उतार दी गई। पुराने पिलर खासे मजबूत होने के चलते उन्हें गिराया नहीं जा सका। अब ड्रिल मशीन और कटर के जरिए पिलर को निचले हिस्से से काटना शुरू किया गया। रेलवे अधिकारी पुराने पिलर हटते ही नदी क्षेत्र में पिलर बनाने का काम शुरू करने की बात कह रहे हैं।
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