{"_id":"5fef6b728ebc3e3e8059690c","slug":"beaver-also-found-in-hyderpur-wetland-bijnor-news-mrt5184627134","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजनौर: हैदरपुर वेटलैंड में मिला ऊदबिलाव का भी डेरा, अब तक मिल चुकी हैं देशी-विदेशी कई प्रजातियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजनौर: हैदरपुर वेटलैंड में मिला ऊदबिलाव का भी डेरा, अब तक मिल चुकी हैं देशी-विदेशी कई प्रजातियां
Sat, 02 Jan 2021 12:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jan 2021 12:05 AM IST
विज्ञापन
बिजनौर में हैदरपुर वेटलैंड में मिला ऊदबिलाव का जोड़ा।
- फोटो : BIJNOR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में पक्षियों के खजाने से भरी हैदरपुर वेटलैंड में ऊदबिलाव भी मिले हैं। ऊदबिलाव पहली बार दिखे हैं। इससे यह पता चलता है कि वेटलैंड में केवल पक्षी ही नहीं जलीय जीवों की भी विविधताएं हैं। इससे पहले वेटलैंड में पक्षियों के साथ साथ बारहसिंघा भी काफी तादाद में दिख चुके हैं।
हैदरपुर वेटलैंड वेस्ट यूपी में पक्षियों के खजाने के लिए अपनी पहचान बना चुका है। वेटलैंड में अब तक देशी व विदेशी प्रजातियों की कई दर्जन प्रजातियां मिल चुकी हैं। वेटलैंड को पिकनिक स्पॉट के रूप में पहले ही विकसित किया जा चुका है। जनता भी यहां पर आने लगी है। पिछले साल कई प्रजातियां वेटलैंड में ऐसी दिखी थीं जो पहले नहीं देखी गई थी।
वेटलैंड में बारहसिंघा के झुंड भी लगातार देखे जा रहे हैं। अब वेटलैंड में ऊदबिलाव भी मिले हैं। नदियों के किनारे वाले इलाकों व झीलों में ऊदबिलाव मिलते हैं। गंगा में ऊदबिलाव शायद ही किसी ने देखा है। वेटलैंड में बर्ड वॉचिंग करते हुए बर्ड वॉचर आशीष लोया ने इन्हें देखा है। उन्हें वेटलैंड में तीन ऊदबिलाव दिखे। ऊदबिलाव दिखने से यह बात भी स्पष्ट होती है कि वेटलैंड का पानी शुद्ध है।
विज्ञापन
जल, जमीन दोनों पर रह लेता है ऊदबिलाव
ऊदबिलाव एक अर्धजलीय मतलब जल और जमीन दोनों पर रहने वाला स्तनधारी जानवर होता है। यह मांसाहारी होता है। इनकी छोटी बाजुओं में बहुत तेज नाखून होते हैं। ये पानी के साथ साथ जमीन पर भी आराम से रह लेते हैं। नदी में रहने वाली मछलियों, पक्षियों को ऊदबिलाव खाते हैं।
ये पानी में बहुत फुर्तिले होते हैं और मछलियों का शिकार आराम से कर लेते हैं। ये छह से सात के झुंड में रहते हैं। नदी में ये गोला बनाकर तैरते हुए मछलियों का शिकार करते हैं। जालीदार पंजों की मदद से ये जल में आराम से तैर लेते हैं। ये मगरमच्छ की तरह ठंडे खून के प्राणी होते हैं और जमीन पर सूरज की गर्मी लेने के लिए जाते हैं।
विज्ञापन
हैदरपुर वेटलैंड वेस्ट यूपी में पक्षियों के खजाने के लिए अपनी पहचान बना चुका है। वेटलैंड में अब तक देशी व विदेशी प्रजातियों की कई दर्जन प्रजातियां मिल चुकी हैं। वेटलैंड को पिकनिक स्पॉट के रूप में पहले ही विकसित किया जा चुका है। जनता भी यहां पर आने लगी है। पिछले साल कई प्रजातियां वेटलैंड में ऐसी दिखी थीं जो पहले नहीं देखी गई थी।
विज्ञापन
वेटलैंड में बारहसिंघा के झुंड भी लगातार देखे जा रहे हैं। अब वेटलैंड में ऊदबिलाव भी मिले हैं। नदियों के किनारे वाले इलाकों व झीलों में ऊदबिलाव मिलते हैं। गंगा में ऊदबिलाव शायद ही किसी ने देखा है। वेटलैंड में बर्ड वॉचिंग करते हुए बर्ड वॉचर आशीष लोया ने इन्हें देखा है। उन्हें वेटलैंड में तीन ऊदबिलाव दिखे। ऊदबिलाव दिखने से यह बात भी स्पष्ट होती है कि वेटलैंड का पानी शुद्ध है।
विज्ञापन
जल, जमीन दोनों पर रह लेता है ऊदबिलाव
ऊदबिलाव एक अर्धजलीय मतलब जल और जमीन दोनों पर रहने वाला स्तनधारी जानवर होता है। यह मांसाहारी होता है। इनकी छोटी बाजुओं में बहुत तेज नाखून होते हैं। ये पानी के साथ साथ जमीन पर भी आराम से रह लेते हैं। नदी में रहने वाली मछलियों, पक्षियों को ऊदबिलाव खाते हैं।
ये पानी में बहुत फुर्तिले होते हैं और मछलियों का शिकार आराम से कर लेते हैं। ये छह से सात के झुंड में रहते हैं। नदी में ये गोला बनाकर तैरते हुए मछलियों का शिकार करते हैं। जालीदार पंजों की मदद से ये जल में आराम से तैर लेते हैं। ये मगरमच्छ की तरह ठंडे खून के प्राणी होते हैं और जमीन पर सूरज की गर्मी लेने के लिए जाते हैं।