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बैंकों का खजाना हो रहा खाली
ब्यूरो, अमर उजाला /बिजनौर
Updated Thu, 01 Dec 2016 12:21 AM IST
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बिजनौर में इलाहाबाद बैंक के बाहर उमड़ी ग्राहकों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बिजनौर में रुपये निकालने के लिए बैंकों में उमड़ रही भीड़ के सामने बैंकों का खजाना खाली होता जा रहा है। बुधवार को एसबीआई की मुख्य शाखा में उपभोक्ताओं को केवल दस हजार व पीएनबी में केवल दो हजार का ही भुगतान किया गया। बाकी बैंकों की हालत और भी खस्ता रही। देहात में बैंकों के पास कैश दो घंटे में ही खत्म हो जाता है।
कैश नहीं होने से बुधवार को जिले के करीब सभी बैंकों की हालत काफी दयनीय हो गई। जिला मुख्यालय पर केवल एसबीआई की मुख्य शाखा पर लगी एटीएम पर ही 12 बजे के बाद कैश मिलना शुरू हुआ। बाकी सभी एटीएम पर ताले लटके रहे। उपभोक्ताओं को अब तक 20 हजार का भुगतान कर रहे एसबीआई की मुख्य शाखा में बुधवार को केवल दस-दस हजार रुपये ही दिए गए। पीएनबी में उपभोक्ताओं को केवल दो-दो हजार रुपये ही दिए गए। जिला सहकारी बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक आदि की हालत और भी पतली रही। गजरौलाशिव में पीएनबी की शाखा पर चार लाख का कैश आया, जो दो घंटे में ही बंट गया। ग्रामीणों में पीतम सिंह, सरदार सुभाष सिंह, हुकम सिंह के मुताबिक वे चार दिन से सुबह ही लाइन में लग जाते हैं। उनका नंबर आते ही कैश खत्म हो जाता है। शाखा प्रबंधक प्रदीप शर्मा के मुताबिक बैंक को मिले कैश को 100 महिलाओं व 100 पुरुषों को दो-दो हजार रुपये के हिसाब से बांट दिया जाता है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अजय कुमार के अनुसार अभी बैंकों को कैश नहीं मिल पाया है। कैश के बारे में अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
उधर, नूरपुुुर में पीएनबी पर कैश खत्म होने का बोर्ड टांग दिया। वहीं, राजा का ताजपुर किसी भी बैंक में नकदी निकासी नहीं हो सकी।
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कैश नहीं होने से बुधवार को जिले के करीब सभी बैंकों की हालत काफी दयनीय हो गई। जिला मुख्यालय पर केवल एसबीआई की मुख्य शाखा पर लगी एटीएम पर ही 12 बजे के बाद कैश मिलना शुरू हुआ। बाकी सभी एटीएम पर ताले लटके रहे। उपभोक्ताओं को अब तक 20 हजार का भुगतान कर रहे एसबीआई की मुख्य शाखा में बुधवार को केवल दस-दस हजार रुपये ही दिए गए। पीएनबी में उपभोक्ताओं को केवल दो-दो हजार रुपये ही दिए गए। जिला सहकारी बैंक, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक आदि की हालत और भी पतली रही। गजरौलाशिव में पीएनबी की शाखा पर चार लाख का कैश आया, जो दो घंटे में ही बंट गया। ग्रामीणों में पीतम सिंह, सरदार सुभाष सिंह, हुकम सिंह के मुताबिक वे चार दिन से सुबह ही लाइन में लग जाते हैं। उनका नंबर आते ही कैश खत्म हो जाता है। शाखा प्रबंधक प्रदीप शर्मा के मुताबिक बैंक को मिले कैश को 100 महिलाओं व 100 पुरुषों को दो-दो हजार रुपये के हिसाब से बांट दिया जाता है। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अजय कुमार के अनुसार अभी बैंकों को कैश नहीं मिल पाया है। कैश के बारे में अधिकारियों से वार्ता की जा रही है।
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उधर, नूरपुुुर में पीएनबी पर कैश खत्म होने का बोर्ड टांग दिया। वहीं, राजा का ताजपुर किसी भी बैंक में नकदी निकासी नहीं हो सकी।