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‘कागज के तिरंगे झंडे पर लगाया जाए प्रतिबंध’
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नजीबाबाद - रवि कपूर।
- फोटो : NAZIBABAD
‘कागज के तिरंगे झंडे पर लगाया जाए प्रतिबंध’
नजीबाबाद। राष्ट्रीय एकता और सर्वधर्म संभाव के लिए समर्पित नजीबाबाद के रवि कपूर कागजों पर बनने वाले राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से आहत हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विभिन्न राज्यों को पत्रों के माध्यम से बाजारों में बिकने वाले कागज के तिरंगे के प्रचलन पर रोक लगाने का डेढ़ दशक से अभियान चला रहे हैं।
नगर के समाजसेवी और राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत 50 वर्षीय रवि कपूर पिछले डेढ़ दशक से बाजारों में बिकने वाले छोटे कागज के तिरंगे के प्रचलन को रोकने के लिए जन जागरण अभियान चला रहे हैं। उनका कहना है कि कागज और कपड़े पर बने छोटे राष्ट्रीय ध्वज आमतौर पर राष्ट्रीय कार्यक्रमों की शोभा बनने के बाद सड़कों और नालियों में फेंक दिए जाते हैं। जिससे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान होता है। उन्होंने डेढ़ दशक पूर्व छोटे तिरंगों का प्रचलन रोकने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था। हजारों पोस्ट कार्ड और लाखों हस्ताक्षर के साथ छोटे तिरंगे झंडे को बाजारों में बिक्री को प्रतिबंधित करने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजे गए। रवि कपूर का कहना है कि एक दिन उनकी मुहिम रंग लाएगी और बाजार से कागजी तिरंगे नदारद नजर आएंगे।
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नजीबाबाद। राष्ट्रीय एकता और सर्वधर्म संभाव के लिए समर्पित नजीबाबाद के रवि कपूर कागजों पर बनने वाले राष्ट्रीय ध्वज के अपमान से आहत हैं। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विभिन्न राज्यों को पत्रों के माध्यम से बाजारों में बिकने वाले कागज के तिरंगे के प्रचलन पर रोक लगाने का डेढ़ दशक से अभियान चला रहे हैं।
नगर के समाजसेवी और राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत 50 वर्षीय रवि कपूर पिछले डेढ़ दशक से बाजारों में बिकने वाले छोटे कागज के तिरंगे के प्रचलन को रोकने के लिए जन जागरण अभियान चला रहे हैं। उनका कहना है कि कागज और कपड़े पर बने छोटे राष्ट्रीय ध्वज आमतौर पर राष्ट्रीय कार्यक्रमों की शोभा बनने के बाद सड़कों और नालियों में फेंक दिए जाते हैं। जिससे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान होता है। उन्होंने डेढ़ दशक पूर्व छोटे तिरंगों का प्रचलन रोकने के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू किया था। हजारों पोस्ट कार्ड और लाखों हस्ताक्षर के साथ छोटे तिरंगे झंडे को बाजारों में बिक्री को प्रतिबंधित करने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को पत्र भेजे गए। रवि कपूर का कहना है कि एक दिन उनकी मुहिम रंग लाएगी और बाजार से कागजी तिरंगे नदारद नजर आएंगे।
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