{"_id":"5841bd124f1c1b3413de5b09","slug":"bacchon-ko-parwasi-pakshi-dikhaye","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों को प्रवासी पक्षी दिखाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों को प्रवासी पक्षी दिखाए
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Dec 2016 11:58 PM IST
विज्ञापन
रामगंगा नदी पर प्रवासी पक्षियों की गिनती करते वन अधिकारी व छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में सामाजिक वानिकी वन प्रभाग की ओर से पीली बांध पर उत्तर प्रदेश बर्ड वाचिंग डे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शुक्रवार को वन विभाग की ओर से आयोजित बर्ड वाचिंग डे कार्यक्रम में बच्चों और शिक्षक शिक्षिकाओं को प्रवासी पक्षियों के बारे में बताया गया। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी चंदन सिंह ने बताया कि अनुकूल मौसम के चलते दूसरे देशों से पक्षी यहां प्रवास के लिए आ जाते हैं।
इनके आने का सिलसिला नवंबर माह से शुरू होकर मार्च तक चलता रहता है। मार्च के बाद प्रवासी पक्षी यहां से प्रस्थान कर जाते हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश पक्षी चीन, होंगकांग, तिब्बत, अफगानिस्तान और फ्रांस आदि से उड़कर यहां पहुंचते हैं। यह एक हजार से 12 हजार किमी की दूरी तय कर पहुंचते हैं।
इसके बाद वन विभाग ने हरेवली रामगंगा बैराज पर भी कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में गिरीराज सैनी, सुरेंद्र सिंह, श्यामलाल, लक्ष्मण सिंह, केवी सिंह, डिग्गी सिंह, हरेंद्र सिंह, भोपाल सिंह, जयपाल सिंह, हरगोविंद्र सिंह, योगेंद्र कुमार मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनके आने का सिलसिला नवंबर माह से शुरू होकर मार्च तक चलता रहता है। मार्च के बाद प्रवासी पक्षी यहां से प्रस्थान कर जाते हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश पक्षी चीन, होंगकांग, तिब्बत, अफगानिस्तान और फ्रांस आदि से उड़कर यहां पहुंचते हैं। यह एक हजार से 12 हजार किमी की दूरी तय कर पहुंचते हैं।
विज्ञापन
इसके बाद वन विभाग ने हरेवली रामगंगा बैराज पर भी कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में गिरीराज सैनी, सुरेंद्र सिंह, श्यामलाल, लक्ष्मण सिंह, केवी सिंह, डिग्गी सिंह, हरेंद्र सिंह, भोपाल सिंह, जयपाल सिंह, हरगोविंद्र सिंह, योगेंद्र कुमार मौजूद रहे।
विज्ञापन