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आयुर्वेदिक चिकित्सालय को बना दिया औषधि भंडारण कक्ष
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बिजनौर के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में अवैध रूप से भरी गई औषधियां।
- फोटो : BIJNOR
आयुर्वेदिक चिकित्सालय को बना दिया औषधि भंडारण कक्ष
बिजनौर। नगर के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को जिले का औषधि भंडारण कक्ष बनाकर रख दिया है। कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारी इस समस्या का समाधान नहीं करा रहे हैं। इससे जहां चिकित्सकों को मरीज देखने में भारी परेेशानी हो रही है, तो वहीं मरीजों को खड़े होकर इंतजार करने को मजबूर होना पड़ता है।
जिले में आयुष के कुल 29 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय हैं। इनमें 20 आयुर्वेदिक और नौ यूनानी चिकित्सालय हैं। प्रतिमाह इन सभी के लिए आयुष भवन लखनऊ मुख्यालय एवं पीलीभीत से औषधियां भेजी जाती हैं। पुराने महिला अस्पताल परिसर में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.ज्योत्सना शर्मा का कहना है कि अस्पताल में मरीजों को बैठने तक की सुविधा नहीं है। पूरे चिकित्सालय में औषधियां रखी हुई हैं। मंगलवार को औषधियों एक और ट्रक आया। वहां पर अब जगह की और तंगी हो गई है। इससे मरीज तो दूर चिकित्सक के बैठने की भी जगह नहीं मिल रही। इससे मरीज कोे देखने में दिक्कत आती है। उन्होंने बताया कि औषधियां प्राप्त होने से पूर्व ही सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों की डिमांड मंगवा ली जाए तो संबंधित अस्पतालों में भिजवाई जाएं।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी इसमपाल ने बताया कि औषधि भंडारण की अन्य जगह पर व्यवस्था न होने से ऐसा करने को मजबूर होना पड़ता है। शीघ्र ही स्टोर के लिए जगह तलाश कर इस समस्या का समाधान कराया दिया जाएगा।
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बिजनौर। नगर के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को जिले का औषधि भंडारण कक्ष बनाकर रख दिया है। कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारी इस समस्या का समाधान नहीं करा रहे हैं। इससे जहां चिकित्सकों को मरीज देखने में भारी परेेशानी हो रही है, तो वहीं मरीजों को खड़े होकर इंतजार करने को मजबूर होना पड़ता है।
जिले में आयुष के कुल 29 राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय हैं। इनमें 20 आयुर्वेदिक और नौ यूनानी चिकित्सालय हैं। प्रतिमाह इन सभी के लिए आयुष भवन लखनऊ मुख्यालय एवं पीलीभीत से औषधियां भेजी जाती हैं। पुराने महिला अस्पताल परिसर में स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.ज्योत्सना शर्मा का कहना है कि अस्पताल में मरीजों को बैठने तक की सुविधा नहीं है। पूरे चिकित्सालय में औषधियां रखी हुई हैं। मंगलवार को औषधियों एक और ट्रक आया। वहां पर अब जगह की और तंगी हो गई है। इससे मरीज तो दूर चिकित्सक के बैठने की भी जगह नहीं मिल रही। इससे मरीज कोे देखने में दिक्कत आती है। उन्होंने बताया कि औषधियां प्राप्त होने से पूर्व ही सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों की डिमांड मंगवा ली जाए तो संबंधित अस्पतालों में भिजवाई जाएं।
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क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी इसमपाल ने बताया कि औषधि भंडारण की अन्य जगह पर व्यवस्था न होने से ऐसा करने को मजबूर होना पड़ता है। शीघ्र ही स्टोर के लिए जगह तलाश कर इस समस्या का समाधान कराया दिया जाएगा।
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