{"_id":"585ec0884f1c1ba107e3bb65","slug":"atm-locked-customer-stray","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटीएम पर ताले लटके, ग्राहक भटके","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटीएम पर ताले लटके, ग्राहक भटके
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sun, 25 Dec 2016 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में शनिवार को बैंकों की छुट्टी के साथ-साथ एटीएम मशीनों पर ही ताले लटके रहे। केवल एचडीएफसी की एटीएम में ही कैश मिला। पीएनबी की करेंसी चेस्ट फिर से खाली हो गई है। पीएनबी को अब सोमवार को ही पेमेंट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
दो दिन की छुट्टी के पहले दिन केवल एचडीएफसी इंडियन बैंक, ओरियंटल बैंक की एटीएम मशीन में ही कैश मिला। बैंक व बाकी एटीएम मशीनों पर ताले लटके होने के बाद भी बाजार में रोज की तरह ग्राहक दिखे। पेट्रोल पंप पर अब आधे से ज्यादा ग्राहक अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से ही भुगतान कर रहे हैं। बाकी दुकानदार भी उपभोक्ताओं से स्वाइप मशीन से भुगतान करने के लिए कह रहे हैं। पीएनबी की करेंसी चेस्ट में शुक्रवार को केवल ढाई करोड़ रुपया भेजा गया था, जो उसी दिन बैंक की शाखाओं में बांट दिया गया। मंडावर क्षेत्र की एटीएम पर भी ताले लटके रहे। कुछ उपभोक्ता कैश रखे जाने की उम्मीद में एटीएम मशीनों के आसपास मंडराते रहे। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अजय कुमार के अनुसार अब हालात सामान्य हो रहे हैं। उपभोक्ता डिजिटल पेमेंट से भुगतान कर रहे हैं। आरबीआई के अधिकारियों से जिले में कैश भेजने के लिए कहा गया है। उधर, धामपुर में बैँकों का शनिवार को अवकाश होने के कारण नगर में सभी बैंकों के एटीएम भी बंद रहे। एक्सेस बैंक का एटीएम दोपहर तक चला। बाद में वह भी बंद कर दिया गया। एटीएम के बंद होने पर लोगों ने हंगामा किया। लोगों का कहना है कि दो दिन बैंक की छुट्टी होने के कारण एटीएम में ज्यादा रकम डालना चाहिए ताकि परेशानी न हो।
खाताधारक गीता देवी, सविता, भूपेंद्र कुमार, सतीश कुमार, सत्यवीर सिंह का कहना है कि लोगों को उम्मीद थी कि शनिवार और रविवार को बैंकों के दो दिन बंद होने के कारण बैंक अधिकारी एटीएम में इतना कैश जरूर डाल देंगे कि वह दो दिन तक कम नहीं होगा, पर ऐसा नहीं किया गया। आरोप है कि बैँक अधिकारियों को जनता के हितों की कोई परवाह नहीं है। नगर में करीब सभी बैंकों के बाहर एटीएम है, पर एक्सेस बैक का ही एटीएम खुला मिला। वह भी दोपहर तक। रेलवे स्टेशन का एसबीआई का एटीएम को पिछले 20 दिनों से बंद है। अब एचडीएफसी का एटीएम को अधिकारियों की मनमानी पर चल रहा है। मयंक कुमार, नितेश कुमार, शौनाथ सिंह ने सुधार की मांग की।
विज्ञापन
विज्ञापन
दो दिन की छुट्टी के पहले दिन केवल एचडीएफसी इंडियन बैंक, ओरियंटल बैंक की एटीएम मशीन में ही कैश मिला। बैंक व बाकी एटीएम मशीनों पर ताले लटके होने के बाद भी बाजार में रोज की तरह ग्राहक दिखे। पेट्रोल पंप पर अब आधे से ज्यादा ग्राहक अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से ही भुगतान कर रहे हैं। बाकी दुकानदार भी उपभोक्ताओं से स्वाइप मशीन से भुगतान करने के लिए कह रहे हैं। पीएनबी की करेंसी चेस्ट में शुक्रवार को केवल ढाई करोड़ रुपया भेजा गया था, जो उसी दिन बैंक की शाखाओं में बांट दिया गया। मंडावर क्षेत्र की एटीएम पर भी ताले लटके रहे। कुछ उपभोक्ता कैश रखे जाने की उम्मीद में एटीएम मशीनों के आसपास मंडराते रहे। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक अजय कुमार के अनुसार अब हालात सामान्य हो रहे हैं। उपभोक्ता डिजिटल पेमेंट से भुगतान कर रहे हैं। आरबीआई के अधिकारियों से जिले में कैश भेजने के लिए कहा गया है। उधर, धामपुर में बैँकों का शनिवार को अवकाश होने के कारण नगर में सभी बैंकों के एटीएम भी बंद रहे। एक्सेस बैंक का एटीएम दोपहर तक चला। बाद में वह भी बंद कर दिया गया। एटीएम के बंद होने पर लोगों ने हंगामा किया। लोगों का कहना है कि दो दिन बैंक की छुट्टी होने के कारण एटीएम में ज्यादा रकम डालना चाहिए ताकि परेशानी न हो।
विज्ञापन
खाताधारक गीता देवी, सविता, भूपेंद्र कुमार, सतीश कुमार, सत्यवीर सिंह का कहना है कि लोगों को उम्मीद थी कि शनिवार और रविवार को बैंकों के दो दिन बंद होने के कारण बैंक अधिकारी एटीएम में इतना कैश जरूर डाल देंगे कि वह दो दिन तक कम नहीं होगा, पर ऐसा नहीं किया गया। आरोप है कि बैँक अधिकारियों को जनता के हितों की कोई परवाह नहीं है। नगर में करीब सभी बैंकों के बाहर एटीएम है, पर एक्सेस बैक का ही एटीएम खुला मिला। वह भी दोपहर तक। रेलवे स्टेशन का एसबीआई का एटीएम को पिछले 20 दिनों से बंद है। अब एचडीएफसी का एटीएम को अधिकारियों की मनमानी पर चल रहा है। मयंक कुमार, नितेश कुमार, शौनाथ सिंह ने सुधार की मांग की।
विज्ञापन