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Bijnor News: बढ़ गया काम का बाेझ तो घट गई नींद, बढ़ने लगा रक्तचाप

Thu, 12 Mar 2026 11:21 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2026 11:21 PM IST
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As workload increased, sleep decreased and blood pressure increased.
बिजनौर। स्वास्थ्य के लिए नींद जरूरी है। इसके बावजूद भी आधुनिक जीवनशैली में लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। काम के बढ़ते बोझ से लोग पर्याप्त नींद नहीं ले पा रहे हैं। इसकी वजह से लोग बीपी के शिकार भी हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के मनकक्ष में रोजाना 15 मरीज नींद नहीं आने की समस्या के पहुंच रहे हैं।
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विश्व नींद दिवस आज मनाया जा रहा है। बदलते समय के साथ लोगों की दिनचर्या भी बदल गई है। नींद पूरी नहीं होने से मानसिक बीमारियां तेजी से घेर रही हैं। काम का भारी दबाव और नींद की कमी सीधे तौर पर हाई ब्लड प्रेशर का कारण बनते हैं। सात घंटे से कम सोते हैं, तो शरीर का हार्मोन संतुलन बिगड़ जाता है और तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन उच्च स्तर पर बने रहते हैं। इससे रक्त वाहिकाएं सिकुड़ने सेे बीपी बढ़ रहा है।
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क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट आयुषी दीक्षित ने बताया कि बिस्तर पर लेटने और सोने में अंतर है। अगर, कोई व्यक्ति 10 घंटे बेड पर लेटता है लेकिन सिर्फ छह घंटे ही सोता है तो यह पर्याप्त नींद नहीं है। मेडिकल कॉलेज में नींद नहीं आने की वजह से तनाव, एडजस्टमेंट डिसऑर्डर, डिसोसिएटिव डिसऑर्डर की समस्या के ग्रसित मरीज पहुंच रहे हैं।
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इन वजह से कम आ रही नींद
-काम का दबाव
-अनियमित दिनचर्या
-स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग
-शाम के समय चाय और कॉफी पीना
-नींद की खराब आदतें
-सोते समय बुरे सपना आना
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नींद नहीं आने से हो रही यें समस्याएं
-काम प्रभावित होता है
-चिड़चिड़ापन होना
-हार्मोन प्रभावित होना
-आपसी रिश्ते खराब होना
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इस तरह कर सकते से बचाव
-नियमित नींद का समय बनाए रखें

-नींद के लिए अनुकूल वातावरण बनाएं

-बेडरूम शांत, अंधेरा, ठंडा और आरामदायक हो
-बिस्तर का उपयोग केवल सोने और आराम करने के लिए करें
-सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन का उपयोग बंद कर दें

-सोने से पहले कैफीन, निकोटिन, एनर्जी ड्रिंक का प्रयोग न करें-सोने पहले आरामदायक व्यायाम करें
-सोने से पहले भारी भोजन करने से बचें

काम के बोझ, तनाव की वजह से लोग नींद नहीं आने के शिकार हो रहे हैं। काउंसलिंग के जरिए उन्हें सही दिनचर्या के बारे में बताया जा रहा है। चिकित्सक के परामर्श ही ही नींद की दवाई लेनी चाहिए। बिगड़ी दिनचर्या से भी नींद प्रभावित होती है। ओपीडी में नींद की समस्या लेकर रोजाना मरीज पहुंच रहे हैं।
....डॉ. नितिन कुमार, मानसिक रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
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