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सुबह होते ही बैंकों की ओर लगती है दौड़
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 21 Jan 2017 12:12 AM IST
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धामपुर एचडीएफसी बैंक के बाहर लगी ग्राहकों की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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नजीबाबाद में बैंकों और एटीएम पर लंबी कतारें अभी भी कम नहीं हुई हैं। जरूरत की धनराशि पाने के लिए लोगों को एक से दो घंटा तक लाइन में लगना पड़ रहा है। नागरिकों ने एटीएम पर पर्याप्त धनराशि इंस्टॉल कराने के लिए बैंक प्रबंधन को कड़े निर्देश देने की प्रशासन से मांग की।
नजीबाबाद में कई प्रमुख बैंक होने के बावजूद क्षेत्रवासियों की कैश को लेकर बनी समस्या अभी खत्म नहीं हो सकी है। एसबीआई, पीएनबी सहित प्रमुुख बैंकों से धनराशि लेने के लिए ग्राहक बैंक खुलने से पहले ही लाइनों में लग रहे हैं। यही आलम क्षेत्र के एटीएम बूथों का भी है।
रेलवे स्टेशन स्थित एसबीआई के एटीएम, डबल फाटक चौराहे पर पीएनबी के एटीएम, रेलवे रोड पर स्थित एटीएम सहित प्रमुख एटीएम बूथों पर दिनभर ग्राहक लाइन में लगे रहे। ग्राहकों राहुल, विभोर, पिंकी रानी का कहना था कि रोजमर्रा के खर्च के लिए धनराशि उन्हें बमुश्किल मिल रही है। स्कूलों में बच्चों की फीस, बिजली बिलघर के लिए आवश्यक सामान की खरीदारी के लिए बजट नहीं जुटा पा रहे हैं। ग्राहकों सुखदेव सिंह, हिमांशु राजपूत, विवेक द्विवेदी ने स्थानीय प्रशासन से बैंक प्रबंधकों को एटीएम बूथों पर ग्राहकों के लिए पर्याप्त धनराशि रखने के कड़े निर्देश देने की मांग की। उधर,अफजलगढ़ में नोटबंदी के चलते 73 वें दिन भी लोगों को राहत नहीं मिल पाई। कैश पाने को लंबी लाइन में लगा एक वृद्ध बेहोश होकर गिर गया। पुत्र बाद में बगैर कैश के ही अपने साथ ले गया। हालात यह है कि कैश पहले लेने के लिए लोग दिन निकलने के साथ ही बैंकों बाहर लंबी लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं।
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गांव चौहड़वाला निवासी मुन्ने अहमद उस्मानी 70 वर्ष लाइन में लगे होने से बेहोश होकर गिर गए। जिन्हें उनके साथ आए उनके पुत्र कारी अहमद माजिद ने संभाला। पहले उन्हें उपचार को डाक्टर के यहां भर्ती कराया। बाद में उन्हें अपने साथ ले गए। इस दौरान लोगों में अफरातफरी मच गई। वहीं भारी भीड़ भाड़ के चलते बृहस्पतिवार को स्टेट बैंक में भी एक महिला बेहोश हो गई थी । उपभोक्ता रईस, शिवनारायण, देवेंद्र सिंह, अनीता, प्रभा, विनित, सुनीता, माया, ममता. नीरज सिंह, सुमन, फरजाना, अफसाना, अल्लादई, रुबिना आदि का कहना है कि बुजुर्ग को अलग से लाइन की व्यवस्था कर अलग काउंटर लगाया जाना चाहिए ।वहीं एटीएम में पैसा ना होने और व्यवस्था सही ना होने से भी लोगों को एटीएम से भी कोई आस की उम्मीद नहीं है। उपभोक्ताओं ने डीएम से बैंकों की व्यवस्था में सुधार की मांग की है, ताकि वह बैंक की लाइन छोड़कर अपना कामकाज व रोजगार कर सके।
धामपुर के कई एटीएम के बाहर लोगों की लंबी लाइन होने से उन्हें कैश लेने को भारी परेशानी रही। लोगों को अभी दस के स्थान पर एटीएम से चार हजार ही लोगों को एक बार में मिल पा रहे है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर उनकी समस्या का अभी निदान होता नजर नहीं आ रहा है। लगातार दिक्कतें हैं।
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नजीबाबाद में कई प्रमुख बैंक होने के बावजूद क्षेत्रवासियों की कैश को लेकर बनी समस्या अभी खत्म नहीं हो सकी है। एसबीआई, पीएनबी सहित प्रमुुख बैंकों से धनराशि लेने के लिए ग्राहक बैंक खुलने से पहले ही लाइनों में लग रहे हैं। यही आलम क्षेत्र के एटीएम बूथों का भी है।
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रेलवे स्टेशन स्थित एसबीआई के एटीएम, डबल फाटक चौराहे पर पीएनबी के एटीएम, रेलवे रोड पर स्थित एटीएम सहित प्रमुख एटीएम बूथों पर दिनभर ग्राहक लाइन में लगे रहे। ग्राहकों राहुल, विभोर, पिंकी रानी का कहना था कि रोजमर्रा के खर्च के लिए धनराशि उन्हें बमुश्किल मिल रही है। स्कूलों में बच्चों की फीस, बिजली बिलघर के लिए आवश्यक सामान की खरीदारी के लिए बजट नहीं जुटा पा रहे हैं। ग्राहकों सुखदेव सिंह, हिमांशु राजपूत, विवेक द्विवेदी ने स्थानीय प्रशासन से बैंक प्रबंधकों को एटीएम बूथों पर ग्राहकों के लिए पर्याप्त धनराशि रखने के कड़े निर्देश देने की मांग की। उधर,अफजलगढ़ में नोटबंदी के चलते 73 वें दिन भी लोगों को राहत नहीं मिल पाई। कैश पाने को लंबी लाइन में लगा एक वृद्ध बेहोश होकर गिर गया। पुत्र बाद में बगैर कैश के ही अपने साथ ले गया। हालात यह है कि कैश पहले लेने के लिए लोग दिन निकलने के साथ ही बैंकों बाहर लंबी लाइन लगाकर खड़े हो जाते हैं।
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गांव चौहड़वाला निवासी मुन्ने अहमद उस्मानी 70 वर्ष लाइन में लगे होने से बेहोश होकर गिर गए। जिन्हें उनके साथ आए उनके पुत्र कारी अहमद माजिद ने संभाला। पहले उन्हें उपचार को डाक्टर के यहां भर्ती कराया। बाद में उन्हें अपने साथ ले गए। इस दौरान लोगों में अफरातफरी मच गई। वहीं भारी भीड़ भाड़ के चलते बृहस्पतिवार को स्टेट बैंक में भी एक महिला बेहोश हो गई थी । उपभोक्ता रईस, शिवनारायण, देवेंद्र सिंह, अनीता, प्रभा, विनित, सुनीता, माया, ममता. नीरज सिंह, सुमन, फरजाना, अफसाना, अल्लादई, रुबिना आदि का कहना है कि बुजुर्ग को अलग से लाइन की व्यवस्था कर अलग काउंटर लगाया जाना चाहिए ।वहीं एटीएम में पैसा ना होने और व्यवस्था सही ना होने से भी लोगों को एटीएम से भी कोई आस की उम्मीद नहीं है। उपभोक्ताओं ने डीएम से बैंकों की व्यवस्था में सुधार की मांग की है, ताकि वह बैंक की लाइन छोड़कर अपना कामकाज व रोजगार कर सके।
धामपुर के कई एटीएम के बाहर लोगों की लंबी लाइन होने से उन्हें कैश लेने को भारी परेशानी रही। लोगों को अभी दस के स्थान पर एटीएम से चार हजार ही लोगों को एक बार में मिल पा रहे है। लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर उनकी समस्या का अभी निदान होता नजर नहीं आ रहा है। लगातार दिक्कतें हैं।