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कलाकारों ने सशक्त अभिनय से रामलीला को दिलाई पहचान
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कलाकारों ने सशक्त अभिनय से रामलीला को दिलाई पहचान
नजीबाबाद। रामलीला मंचन का इतिहास करीब सात दशक पुराना है। श्री रामलीला मंडल और ट्रस्ट के नेतृत्व में रामलीला मंच के कलाकारों ने नगर की रामलीला को लोकप्रियता और पहचान दिलाई। साहू राकेश अग्रवाल अध्यक्ष और नरेंद्र शर्मा सचिव के रूप में रामलीला मंडल और ट्रस्ट के दायित्व का निर्वाह कर रहे हैं। कलाकारों के चयन, तैयारी और मंचीय मार्गदर्शन में आदर्शकला परिषद हमेशा सेतु का कार्य करती है। श्री रामलीला मंडल ने राजीव मेहरा को निर्देशक और हरिओम सिंगल को दिग्दर्शक की जिम्मेदारी सौंपी है।
नगर में रामलीला मंचन के स्थान बदले, कलाकार बदले, लेकिन धार्मिक स्वरूप और स्तर में कमी नहीं आई। प्रशासन की हरी झंडी से श्रीराम झंडा जुलूस के साथ तीन अक्तूबर से शुरू हो रही रामलीला मंचन में उत्साही 20 वर्षीय युवा शिवम गोयल को श्रीराम की भूमिका दी गई है। श्री रामलीला मंडल प्रबंधन में नगर के समाजसेवी साहू परिवार का योगदान रहा। साहू सुरेश चंद्र अग्रवाल लंबे अर्से तक रामलीला मंडल के अध्यक्ष रहे। साहू सुभाष चंद्र अग्रवाल और वर्तमान में साहू राकेश अग्रवाल करीब एक दशक से अध्यक्ष पद पर रहकर गौरवमयी रामलीला मंचन आयोजन में सेतु का काम कर रहे हैं।
मंच ने दिए नामचीन कलाकार
- रामलीला मंच ने अनेक कलाकार दिए। 70 वर्षीय नरेंद्र शर्मा पांच दशक से रामलीला की रीढ बने हैं। श्रीराम, लक्ष्मण, परशुराम, मेघनाथ, श्रवण कुमार का उन्होंने प्रभावी अभिनय किया। लंबे अर्से तक रावण का किरदार अदा करने वाले मोहन सरीन सशक्त अभिनय की मिसाल रहे। रामलीला मंचीय कलाकारों रामअवतार भारद्वाज, कृष्ण बिहारी मिश्रा, लक्ष्मी नारायण अरोड़ा, विनोद गुप्ता, राजेश गौड़, बृजेश वशिष्ठ, विकास चंद खन्ना की यादें ताजा हैं।
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कई स्थानों पर हुआ रामलीला मंचन
रामलीला का मंचन प्राचीन भगवती प्रसाद धर्मशाला से शुरू हुआ। कई स्थानों के बाद रामलीला मंचन संतोषी माता मंदिर परिसर पहुंचा। यहीं से रामलीला मंडल को स्थाई मंच और रामलीला ग्राउंड मिला। प्राउंटर की भूमिका में लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, लाला कल्लूमल और नरेंद्र शर्मा की भूमिका अहम रही है। रामलीला के प्रभावी संवाद मंच से लुप्त न हों, कलाकारों के साथ प्राउंटर साए की तरह चलते हैं।
सीता की भूमिका में प्रभावी अभिनय
सीता की भूमिका का अभिनय हमेशा चुनौती बना। अजय स्याली, सुमित, अमित सीता की भूमिका और योगेश वर्मा ने कैकेयी, सुलोचना की भूमिका से दर्शकों को प्रभावित किया। वर्तमान में मुकुल सीता की भूमिका अदा कर रहे हैं। गोविंद रावण, प्रियांशु लक्ष्मण और अमित भरत की भूमिका में हैं।
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नजीबाबाद। रामलीला मंचन का इतिहास करीब सात दशक पुराना है। श्री रामलीला मंडल और ट्रस्ट के नेतृत्व में रामलीला मंच के कलाकारों ने नगर की रामलीला को लोकप्रियता और पहचान दिलाई। साहू राकेश अग्रवाल अध्यक्ष और नरेंद्र शर्मा सचिव के रूप में रामलीला मंडल और ट्रस्ट के दायित्व का निर्वाह कर रहे हैं। कलाकारों के चयन, तैयारी और मंचीय मार्गदर्शन में आदर्शकला परिषद हमेशा सेतु का कार्य करती है। श्री रामलीला मंडल ने राजीव मेहरा को निर्देशक और हरिओम सिंगल को दिग्दर्शक की जिम्मेदारी सौंपी है।
नगर में रामलीला मंचन के स्थान बदले, कलाकार बदले, लेकिन धार्मिक स्वरूप और स्तर में कमी नहीं आई। प्रशासन की हरी झंडी से श्रीराम झंडा जुलूस के साथ तीन अक्तूबर से शुरू हो रही रामलीला मंचन में उत्साही 20 वर्षीय युवा शिवम गोयल को श्रीराम की भूमिका दी गई है। श्री रामलीला मंडल प्रबंधन में नगर के समाजसेवी साहू परिवार का योगदान रहा। साहू सुरेश चंद्र अग्रवाल लंबे अर्से तक रामलीला मंडल के अध्यक्ष रहे। साहू सुभाष चंद्र अग्रवाल और वर्तमान में साहू राकेश अग्रवाल करीब एक दशक से अध्यक्ष पद पर रहकर गौरवमयी रामलीला मंचन आयोजन में सेतु का काम कर रहे हैं।
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मंच ने दिए नामचीन कलाकार
- रामलीला मंच ने अनेक कलाकार दिए। 70 वर्षीय नरेंद्र शर्मा पांच दशक से रामलीला की रीढ बने हैं। श्रीराम, लक्ष्मण, परशुराम, मेघनाथ, श्रवण कुमार का उन्होंने प्रभावी अभिनय किया। लंबे अर्से तक रावण का किरदार अदा करने वाले मोहन सरीन सशक्त अभिनय की मिसाल रहे। रामलीला मंचीय कलाकारों रामअवतार भारद्वाज, कृष्ण बिहारी मिश्रा, लक्ष्मी नारायण अरोड़ा, विनोद गुप्ता, राजेश गौड़, बृजेश वशिष्ठ, विकास चंद खन्ना की यादें ताजा हैं।
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कई स्थानों पर हुआ रामलीला मंचन
रामलीला का मंचन प्राचीन भगवती प्रसाद धर्मशाला से शुरू हुआ। कई स्थानों के बाद रामलीला मंचन संतोषी माता मंदिर परिसर पहुंचा। यहीं से रामलीला मंडल को स्थाई मंच और रामलीला ग्राउंड मिला। प्राउंटर की भूमिका में लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, लाला कल्लूमल और नरेंद्र शर्मा की भूमिका अहम रही है। रामलीला के प्रभावी संवाद मंच से लुप्त न हों, कलाकारों के साथ प्राउंटर साए की तरह चलते हैं।
सीता की भूमिका में प्रभावी अभिनय
सीता की भूमिका का अभिनय हमेशा चुनौती बना। अजय स्याली, सुमित, अमित सीता की भूमिका और योगेश वर्मा ने कैकेयी, सुलोचना की भूमिका से दर्शकों को प्रभावित किया। वर्तमान में मुकुल सीता की भूमिका अदा कर रहे हैं। गोविंद रावण, प्रियांशु लक्ष्मण और अमित भरत की भूमिका में हैं।