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रेलवे के ई-टिकट अवैध रूप से जारी करने का आरोपी दबोचा

Fri, 06 Mar 2020 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2020 12:27 AM IST
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Another accused arrested for illegal sale of e-tickets
ई टिकट की अवैध बिक्री का एक और आरोपी दबोचा
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धामपुर (बिजनौर)। ई टिकट की अवैध बिक्री करने का एक और आरोपी आरपीएफ ने पकड़ लिया। वह भी पर्सनल आईडी से रेलवे के आरक्षित ई टिकटों की बिक्री कर रहा था। इससे पूर्व दो आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। ई टिकट बिक्री के अवैध धंधे का नेटवर्क देशभर में फैला है। जिसमें प्रयोग किए जा रहे सॉफ्टवेयर को लेकर बांग्लादेश से भी तार जुड़ने की चर्चा है।
आरपीएफ चौकी प्रभारी विकल चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में काफी समय से साइबर कैफे संचालक ( रेलवे टिकट बुकिंग एजेंट) कॉमर्शियल आईडी के स्थान पर पर्सनल आईडी से ई टिकटों की बिक्री कर रहे हैं। इस अवैध व्यापार से रेलवे को राजस्व की हानि हो रही है। राष्ट्रीय स्तर पर इसको लेकर मंथन हुआ, जिसके बाद आरपीएफ के डीजीपी ने अवैध रूप से ई टिकट बिक्री करने वालों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। इसी के चलते बृहस्पतिवार को नहटौर में पांच स्थानों पर छापा मारा। कार्रवाई की भनक लगते ही कई संचालक दुकानों को बंद कर भाग गए। ट्रेवल्स तिराहे के निकट साइबर कैफे के संचालक अथहर हसन को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अथहर मिर्दगान मोहल्ले का निवासी है। उसकी दुकान से कंप्यूटर सिस्टमों को भी कब्जे में लिया गया है।
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- दो आरोपी बुधवार को पकड़े
धामपुर। आरपीएफ चौकी प्रभारी ने बताया कि बुधवार को धामपुर के मोहल्ला गुजरातियान निवासी साइबर कैफे संचालक अतीत कुमार पुत्र सोमप्रकाश और मोहल्ला साहूवान निवासी आसिम खान पुत्र सलीम अहमद को गिरफ्तार किया गया था। ये दोनों भी अवैध रूप से ई टिकट की बिक्री कर रहे थे।
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- ऐसे हुआ खुलासा
धामपुर। रेलवे में आरक्षित टिकट के लिए लोग अधिकृत एजेंटों से संपर्क करते हैं। एजेंटों को रेलवे की तरफ से आईडी जारी की जाती है, जो कॉमर्शियल होती है। उससे टिकट बिक्री करने पर रेलवे टैक्स लेता है। धामपुर में ही एक दर्जन से ज्यादा एजेंट हैं, जो पर्सनल आईडी के जरिये टिकटों की बिक्री कर रहे थे। इससे एजेंटों को 150 से 500 रुपये का मुनाफा होता है तथा तत्काल टिकट कराने पर अतिरिक्त शुल्क भी लेते हैं। जबकि रेलवे को इनसे कोई शुल्क नहीं मिल रहा था। बड़े पैमाने पर टिकट बिक्री होने के बावजूद राजस्व की प्राप्ति न होने पर जांच हुई, तो यह खुलासा हुआ कि ई टिकट की अवैध बिक्री हो रही है।

- देशभर में फैला है इनका नेटवर्क
धामपुर। ई टिकट की अवैध बिक्री करने वालों का नेटवर्क बिजनौैर जिले में ही नहीं, बल्कि देशभर में बताया जा रहा है। देश के कई राज्यों में जिस सॉफ्टवेयर से ई टिकट की अवैध बिक्री की जा रही है, वह सॉफ्टवेयर बांग्लादेश के सॉफ्टवेयर से जुड़ा बताया जा रहा है। इसकी आड़ में बड़ी साजिश भी हो सकती है।
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