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बीमार नहीं थे पशु, जहरीले चारे के सेवन से हुई मौत

Tue, 11 Aug 2020 12:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2020 12:09 AM IST
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Animals were not ill, death due to consumption of poisonous fodder
बीमार नहीं थे पशु, जहरीले चारे के सेवन से हुई मौत
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बिजनौर। गांव पुट्ठा में हुए छह पशुओं की मौत में पशुओं को दिए गए चारे में ही जहर होने की आशंका जताई जा रही है। पशु बीमारी से नहीं मरे हैं।
गांव पुट्ठा निवासी रामेंद्र के पशु बीमार नहीं थे। अगर कोई पशु अचानक बीमारी से मरता है तब भी उसे बुखार होता है। लेकिन रामेंद्र की डेयरी में किसी को भी मरे या बीमार पशु को बुखार नहीं था। रामेंद्र ने अपनी डेरी के लिए गंज से चारा खरीदा था। पुलिस ने यहां मिले चारे के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे हैं। रामेंद्र ने चरी ही पशुओं को दी थी। चरी के ही जहरीला होने की बात मानी जा रही है। इस साल बारिश अधिक नहीं हुई है। माना जा रहा है कि बारिश न होने व नलकूप द्वारा भी सिंचाई न करने से चरी जहरीली हुई है। पुलिस किसान के खेत की भी जांच कर रही है। चारे की कुट्टी कटने की वजह से उसके सूखा होने के बारे में पता नहीं चल पा रहा है।
कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक कभी-कभी किसान अपने पशुओं के लिए बोई गई चरी की सिंचाई करना बंद कर देते हैं। सूखी चरी ही खेत से काटकर पशुओं को खिलाते रहते हैं। साथ ही कभी कभी कूड़ी, मेढ़ आदि पर खड़ी सूखी चरही को भी काटकर पशुओं को खिला देते हैं। खेत में खड़ी खुश्क या सूखी चरी में रासायनिक तत्वों के असंतुलन से साइनाइड जहर बन जाता है। यह इतना जहरीला होता है कि इसका चारा खाने वाले पशुु की कुछ ही देर में मौत हो जाती है। इसके अलावा किसान कभी -कभी चारे की फसल को जल्दी बढ़ाने के लिए उसमें बार बार यूरिया डालते रहते हैं। ऐसी फसल में यूरिया की अधिकता से उसमें नाइट्रेट व नाइट्राइट नामक विषैले रसायन बन जाते हैं। इसके चारे के सेवन से भी पशु की मौत हो जाती है।
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चरी लग रही जहरीली
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.भूपेंद्र सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया चरी जहरीली लग रही है। पुलिस ने चारे को लैब में भिजवाया है। किसान अपने पशुओं को दिए जा रहे चारे में अधिक यूरिया न डालें और न ही फसल को सूखा रखें। इन दोनों तरह का चारा जहरीला होता है।
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