{"_id":"6318e05f238c3a5e0d27ab55","slug":"animals-became-ill-due-to-lumpi-in-afzalgarh-area-bijnor-news-mrt604304736","type":"story","status":"publish","title_hn":"अफजलगढ़ क्षेत्र में भी लंपी से बीमार हुए पशु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अफजलगढ़ क्षेत्र में भी लंपी से बीमार हुए पशु
विज्ञापन
अफजलगढ़ क्षेत्र में भी लंपी से बीमार हुए पशु
अफजलगढ़। कई गांव में पशुओं में लंपी बीमारी का प्रकोप शुरू हो गया है। गांव जमनपुर, दल्लीवाला में दो दर्जन से अधिक पशु लंपी बीमारी की चपेट में हैं। किसानों ने बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण कराने की मांग की है।
गांव जमनपुर निवासी जगराज सिंह के 10 पशु, हरपाल सिंह व लवप्रीत सिंह के चार चार पशु, साहब सिंह के तीन व नरवेल सिंह के दो पशु लंपी बीमारी की चपेट में आ गए। इनके शरीर पर चकते व पैरों पर भी सूजन आने लगी है। पशुओं में लंपी बीमारी की दस्तक से अन्य पशुपालकों में भी भय का माहौल है। पशुओं ने चारा खाना भी कम कर दिया है। पशु चिकित्सकों को दिखाने पर पशुओं के लंपी बीमारी से ग्रसित होने की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से पशुओं में टीकाकरण कराने की मांग की है।
इस संबंध में पशु चिकित्सक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि पशुओं का निरंतर टीकाकरण कराया जा रहा है। उन्होंने साफ सफाई रखने के साथ नीम के पत्ते का धुआं करने तथा रोग ग्रसित पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखने की सलाह दी है। गांव में टीकाकरण के लिए टीम भेज दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
अफजलगढ़। कई गांव में पशुओं में लंपी बीमारी का प्रकोप शुरू हो गया है। गांव जमनपुर, दल्लीवाला में दो दर्जन से अधिक पशु लंपी बीमारी की चपेट में हैं। किसानों ने बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण कराने की मांग की है।
गांव जमनपुर निवासी जगराज सिंह के 10 पशु, हरपाल सिंह व लवप्रीत सिंह के चार चार पशु, साहब सिंह के तीन व नरवेल सिंह के दो पशु लंपी बीमारी की चपेट में आ गए। इनके शरीर पर चकते व पैरों पर भी सूजन आने लगी है। पशुओं में लंपी बीमारी की दस्तक से अन्य पशुपालकों में भी भय का माहौल है। पशुओं ने चारा खाना भी कम कर दिया है। पशु चिकित्सकों को दिखाने पर पशुओं के लंपी बीमारी से ग्रसित होने की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग से पशुओं में टीकाकरण कराने की मांग की है।
विज्ञापन
इस संबंध में पशु चिकित्सक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि पशुओं का निरंतर टीकाकरण कराया जा रहा है। उन्होंने साफ सफाई रखने के साथ नीम के पत्ते का धुआं करने तथा रोग ग्रसित पशुओं को अन्य पशुओं से अलग रखने की सलाह दी है। गांव में टीकाकरण के लिए टीम भेज दी गई है।
विज्ञापन