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कडूला नदी की सफाई न होने से लोगों में रोष
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कडूला नदी की सफाई न होने से लोगों में रोष
धामपुर। सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा बाढ़ की आशंका से निपटने के लिए कडूला नदी की सील्ट सफाई का कार्य नहीं कराया जा रहा है। जिससे लोगों में रोष है। बरसात के दिनों में पहाड़ों पर अधिक बारिश होती है, तो नदी के पानी के प्रवाह में हर साल हजारों हेक्टेयर भूमि खराब हो जाती है। फसलें बर्बाद हो जाती हैं। किसानों ने सिंचाई विभाग से नदी की सील्ट सफाई किए जाने की मांग को उठाया है।
तहसील क्षेत्र में नहटौर गागन नदी से निकली कडूला नदी क्षेत्र के गांव सरकथलमाधो, सलावा, जग्गूपुरा, पौटी पोटा होते हुए मुरादाबाद जनपद में प्रवेश कर जाती है। लेकिन इस नदी को पूर्व स्वरूप में लाने के लिए आज तक विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई प्रयास नहीं किया जा सका है। क्षेत्र के गांव सलावा नंगला, मटौरा आदि कई गांवों के दिनेश कुमार, निशांत, कुशलपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, सुखराम सिंह का कहना है कि जब बरसात के दिनों में गागन में उफान आता है तो कडूला नदी में भी बाढ़ आने से फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। क्योंकि नदी का स्वरूप पूर्व निर्धारित स्थान पर ना हो पाने के कारण पानी सीधे खेतों से होकर बहता है। जिससे खेती की उपजाऊ मिट्टी नदी के तेज प्रवाह के साथ बह जाती है।
उप जिलाधिकारी धीरेंद्र सिंह का कहना है कि वह मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराएंगे और किसानों की समस्या का निदान कराने का प्रयास करें।
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धामपुर। सिंचाई विभाग के अधिकारियों द्वारा बाढ़ की आशंका से निपटने के लिए कडूला नदी की सील्ट सफाई का कार्य नहीं कराया जा रहा है। जिससे लोगों में रोष है। बरसात के दिनों में पहाड़ों पर अधिक बारिश होती है, तो नदी के पानी के प्रवाह में हर साल हजारों हेक्टेयर भूमि खराब हो जाती है। फसलें बर्बाद हो जाती हैं। किसानों ने सिंचाई विभाग से नदी की सील्ट सफाई किए जाने की मांग को उठाया है।
तहसील क्षेत्र में नहटौर गागन नदी से निकली कडूला नदी क्षेत्र के गांव सरकथलमाधो, सलावा, जग्गूपुरा, पौटी पोटा होते हुए मुरादाबाद जनपद में प्रवेश कर जाती है। लेकिन इस नदी को पूर्व स्वरूप में लाने के लिए आज तक विभाग के अधिकारियों द्वारा कोई प्रयास नहीं किया जा सका है। क्षेत्र के गांव सलावा नंगला, मटौरा आदि कई गांवों के दिनेश कुमार, निशांत, कुशलपाल सिंह, गजेंद्र सिंह, सुखराम सिंह का कहना है कि जब बरसात के दिनों में गागन में उफान आता है तो कडूला नदी में भी बाढ़ आने से फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। क्योंकि नदी का स्वरूप पूर्व निर्धारित स्थान पर ना हो पाने के कारण पानी सीधे खेतों से होकर बहता है। जिससे खेती की उपजाऊ मिट्टी नदी के तेज प्रवाह के साथ बह जाती है।
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उप जिलाधिकारी धीरेंद्र सिंह का कहना है कि वह मामले को संज्ञान में लेकर जांच कराएंगे और किसानों की समस्या का निदान कराने का प्रयास करें।