फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Angel came as a farmer Simli

देवदूत बनकर आए सीमली के किसान

Tue, 19 Jul 2016 12:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Tue, 19 Jul 2016 12:15 AM IST
विज्ञापन
Angel came as a farmer Simli
मंडावर क्षेत्र के ग्राम सीमली में गंगा में डूबती नाव। (लाल घेरे में)। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में  पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण गंगा उफान पर है। गंगा में बढ़ते हुए जलस्तर ने कटान करते हुए अब गांव सीमली और कोहरपुर की ओर रुख कर लिया है। सोमवार को एक नाव के गंगा में डूबने से उसमें सवार आठ किसान गंगा की धारा में बह गए। मीडिया कर्मियों की सूचना पर सीमली के किसानों ने साहस का परिचय देते हुए गंगा में डूबे सभी लोगों को सकुशल बाहर निकालने में कामयाब हो गए। 
विज्ञापन

पहाड़ों पर बारिश से बढ़े जलस्तर से सोमवार को गांव सीमली का किसान सुरेंद्र खेतों मेें पानी के बीच फंसा था। गांव के नरपाल, लाखन, झूंडा, छोटू, विनोद, प्रमोद, विकास और सुरेंद्र को नाव में लेकर लौट रहे थे। लौटते समय उनकी नाव गांव मिर्जापुर के पास पलट कर डूब गई और वे सभी गंगा की धारा में बहने लगे। बाढ़ का कवरेज कर रहे इलेक्ट्रानिक मीडिया के एक पत्रकार के कैमरे में एक किलोमीटर दूर का यह सीन कैद हो गया। उसने इसकी सूचना निकट के गांव सीमली के किसानों को दी। गांव  के किसान ओमप्रकाश, ब्रजभान, ब्रजपाल सिंह, पाल्ले, मोनू आदि दो नावों में सवार होकर गए। इन लोगों ने साहस का परिचय देते हुए करीब डेढ़ किलोमीटर दूर तक गंगा की धारा में बहे किसानों की जान को बमुश्किल बचाया। 
विज्ञापन

सुरक्षित निकले लोगों ने साहसी किसानों की सराहना करते हुए  कहा कि ये लोग हमारे लिए   देवदूत बनकर आए। 
उधर, रावली, ब्रह्मपुरी, बैवलगढ़, डैबलगढ़ राजारामपुर, चाहड़वाला में अभी भी पानी  भरा हुआ है। रावली के रपटे पर भी तीन फीट तक पानी बह रहा है। 
गंगा की तेज धारा ने गांव सीमली व कोहरपुर के पास कटान करना शुरू कर दिया है। बिजनौर-हरिद्वार मार्ग पर मालन नदी के रपटे  पर करीब डेढ़ फीट तक पानी  बह  रहा है। वहीं नगीना में क्षेत्र में बहने  वाली खो नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है। इसके कारण  नदी ने भूमि का कटान शुरू कर दिया है। गांव चमरावाला में जल स्तर और अधिक  बढ़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तहसीलदार परमानंद झा ने बताया कि खो नदी का जल   स्तर बढ़ने से  खेतों का कटान शुरू हो गया है लेकिन अभी गांव की ओर नगीना का नहीं होने  के  कारण कोई खतरा नहीं है। लेखपालों को बराबर निगरानी   रखने के निर्देश दिए गए हैं।  प्रभावित गांव में बचाव कार्य जारी है। (संबंधित खबरें पेज तीन और आठ पर भी)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed