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मनोज राणा हत्याकांड में अमित की जमानत अर्जी निरस्त
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मनोज राणा हत्याकांड में अमित की जमानत अर्जी निरस्त
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा ने बहुचर्चित मनोज राणा हत्याकांड में आरोपी अमित ठाकुर की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
थाना कोतवाली शहर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी रिटायर्ड दरोगा रघुराज सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने परिवार के साथ मोहल्ला नई बस्ती में रहते हैं। उनका लड़का मनोज राणा, सार्थक चौधरी उर्फ रिक्की एवं अलीम आपस में मिलकर प्रॉपर्टी डीलिंग, मनी लैंडिंग का काम करते थे। पैसों के लेनदेन को लेकर मनोज से सार्थक व अलीम का विवाद हो गया था। इसके चलते ये दोनों उसके लड़के से दुश्मनी रखने लगे थे। 22 जुलाई 2016 को मनोज घर से विपिन की दुकान पर जाने को कहकर गया था। जब वह विपिन की दुकान पर बैठा था तो सार्थक और अलीम अपने साथी के साथ वहां पर आए और मनोज पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि इस हत्याकांड में बुलंदशहर के इस्माइला औरंगाबाद निवासी अमित ठाकुर भी शामिल था। अमित ठाकुर लंबे समय से फरार था। इस हत्याकांड को अत्यंत जघन्य अपराध मानते हुए अमित ठाकुर की जमानत याचिका निरस्त की गई है।
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बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा ने बहुचर्चित मनोज राणा हत्याकांड में आरोपी अमित ठाकुर की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
थाना कोतवाली शहर के मोहल्ला नई बस्ती निवासी रिटायर्ड दरोगा रघुराज सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने परिवार के साथ मोहल्ला नई बस्ती में रहते हैं। उनका लड़का मनोज राणा, सार्थक चौधरी उर्फ रिक्की एवं अलीम आपस में मिलकर प्रॉपर्टी डीलिंग, मनी लैंडिंग का काम करते थे। पैसों के लेनदेन को लेकर मनोज से सार्थक व अलीम का विवाद हो गया था। इसके चलते ये दोनों उसके लड़के से दुश्मनी रखने लगे थे। 22 जुलाई 2016 को मनोज घर से विपिन की दुकान पर जाने को कहकर गया था। जब वह विपिन की दुकान पर बैठा था तो सार्थक और अलीम अपने साथी के साथ वहां पर आए और मनोज पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि इस हत्याकांड में बुलंदशहर के इस्माइला औरंगाबाद निवासी अमित ठाकुर भी शामिल था। अमित ठाकुर लंबे समय से फरार था। इस हत्याकांड को अत्यंत जघन्य अपराध मानते हुए अमित ठाकुर की जमानत याचिका निरस्त की गई है।