{"_id":"646e5e93ab7a2b71840cf514","slug":"amar-ujalas-debate-competition-students-said-due-to-digital-the-whole-world-is-in-contact-with-each-other-bijnor-news-c-27-1-smrt1008-3805-2023-05-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: डिजिटल के कारण एक-दूसरे के संपर्क में पूरा विश्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: डिजिटल के कारण एक-दूसरे के संपर्क में पूरा विश्व
Thu, 25 May 2023 12:29 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Thu, 25 May 2023 12:29 AM IST
विज्ञापन
- डिजिटल तकनीकी के गलत प्रयोग से पड़ेगा जीवन पर दुस्प्रभाव
- अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से एमडी स्कूल में हुई वाद विवाद प्रतियोगिता
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। आज का युग डिजिटल तकनीक के बिना अधूरा है। डिजिटल तकनीक से हम न सिर्फ अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि रोजगार की जानकारी के साथ व्यापार आसान हो गया है। कोरोनाकाल में छात्रों को शिक्षा देने के लिए डिजिटल ही एक अच्छा माध्यम उभर कर आया था। शिक्षकों ने व्हाट्सएप, गूगल, जूम आदि डिजिटल माध्यम से रोजाना क्लास संचालित कीं। लेकिन इसका गलत प्रयोग करें तो मनुष्य के जीवन पर दुष्प्रभाव डालता है। इसलिए हमें अपने मन व सोच को एकीकृत कर सकारात्मक सोच के साथ डिटिजल तकनीक का प्रयोग करना चाहिए।
डिजिटल तकनीकी पर छात्र-छात्राओं ने पक्ष व विपक्ष में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बुधवार को एमडी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित अंतर विद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता में अपने विचार रखे। प्रतियोगिता का विषय क्या डिजिटल तकनीक लोगों के जीवन को बेतर बना रही हैं। इस विषय पर इशिका, जन्मेजय, आराध्य शर्मा, निमेष सिंह, प्रिया चौधरी, स्वास्तिक खटवाल, आयुषी सिंह, सत्यम राठी, आन्या चौहान, सक्षम कुमार, भव ध्रुवा कक्ष, नंदिनी कौशिक ने पक्ष व विपक्ष में अपने विचार रखे।
छात्रों ने पक्ष में कहा कि डिजिटल तकनीक के बिना विकास व कार्य जरूरी नहीं है। सीसीटीवी कैमराें के माध्यम से घर व प्रतिष्ठानों पर नजर रख रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग हो रही है। इंटरनेट मोबाइल पर सब कुछ आप को मिल जाएगा। डिजिटल का खेती करने में किसान प्रयोग कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। विपक्ष में बोलते हुए छात्रों ने कहा कि डिजिटल माध्यम पर्यावरण को हानि पहुंचा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सिग्नल नहीं होने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
इन स्कूलों के छात्रों ने किया अच्छा प्रदर्शन
प्रतियोगिता में एमडी इंटरनेशनल स्कूल, डीपीएस, डीडीपीएस, बिजनौर पब्लिक स्कूल, यूनिवर्सल स्कूल, एमएम पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अच्छा प्रदर्शन किया।
पक्ष में आन्या चौहान और विपक्ष में नंदिनी कौशिक रहीं विजेता
निर्णयक मंडल व अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भोलानाथ त्यागी और वरुणिका सिंह ने वाद-विवाद प्रतियोगिता का परिणाम घोषित किया। परिणाम में पक्ष में आन्या चौहान ने प्रथम, भव ध्रुव द्वितीय तथा विपक्ष में नंदिनी कौशिक ने प्रथम, आयुषि सिंह द्वितीय स्थान पर रहे। अतिथियों ने विजेताओं ट्राॅफी व उपहार, प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। प्रतिभाग करने वाले सभी छात्रों को प्रमाणपत्र वितरण किए गए।
-- --
जीवन भी तकनीक सीखे : डॉ. भोलानाथ त्यागी
साहित्यकार डॉ. भोलानाथ त्यागी ने डिजिटल तकनीक पर विचार रखते हुए कहा कि जीवन तकनीक है तकनीक हमें सीखनी चाहिए। जीवन की तकनीक आम में समाहित हो जाएगी। कहा कि शिक्षक एक सही शिक्षा देते हैं। अच्छी शिक्षा देने से छात्रों का जीवन सार्थक हो जाता है।
कम अंक से निराश नहीं होना चाहिए : वरुणिका सिंह
अतिथि वरुणिका सिंह ने कहा कि प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने इतने अच्छे विचार रखे हैं। कहा कि रिजल्ट जीवन नहीं है। जिंदगी में बहुत मौके देती है। इसलिए कभी निराश नहीं होना। हमें सार्थक विचार के साथ आगे बढ़ते रहें। प्रतियोगिताओं से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है।
विज्ञापन
- अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से एमडी स्कूल में हुई वाद विवाद प्रतियोगिता
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। आज का युग डिजिटल तकनीक के बिना अधूरा है। डिजिटल तकनीक से हम न सिर्फ अच्छी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि रोजगार की जानकारी के साथ व्यापार आसान हो गया है। कोरोनाकाल में छात्रों को शिक्षा देने के लिए डिजिटल ही एक अच्छा माध्यम उभर कर आया था। शिक्षकों ने व्हाट्सएप, गूगल, जूम आदि डिजिटल माध्यम से रोजाना क्लास संचालित कीं। लेकिन इसका गलत प्रयोग करें तो मनुष्य के जीवन पर दुष्प्रभाव डालता है। इसलिए हमें अपने मन व सोच को एकीकृत कर सकारात्मक सोच के साथ डिटिजल तकनीक का प्रयोग करना चाहिए।
डिजिटल तकनीकी पर छात्र-छात्राओं ने पक्ष व विपक्ष में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बुधवार को एमडी इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित अंतर विद्यालय वाद-विवाद प्रतियोगिता में अपने विचार रखे। प्रतियोगिता का विषय क्या डिजिटल तकनीक लोगों के जीवन को बेतर बना रही हैं। इस विषय पर इशिका, जन्मेजय, आराध्य शर्मा, निमेष सिंह, प्रिया चौधरी, स्वास्तिक खटवाल, आयुषी सिंह, सत्यम राठी, आन्या चौहान, सक्षम कुमार, भव ध्रुवा कक्ष, नंदिनी कौशिक ने पक्ष व विपक्ष में अपने विचार रखे।
विज्ञापन
छात्रों ने पक्ष में कहा कि डिजिटल तकनीक के बिना विकास व कार्य जरूरी नहीं है। सीसीटीवी कैमराें के माध्यम से घर व प्रतिष्ठानों पर नजर रख रहे हैं। ऑनलाइन शॉपिंग हो रही है। इंटरनेट मोबाइल पर सब कुछ आप को मिल जाएगा। डिजिटल का खेती करने में किसान प्रयोग कर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। विपक्ष में बोलते हुए छात्रों ने कहा कि डिजिटल माध्यम पर्यावरण को हानि पहुंचा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में सिग्नल नहीं होने से उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विज्ञापन
इन स्कूलों के छात्रों ने किया अच्छा प्रदर्शन
प्रतियोगिता में एमडी इंटरनेशनल स्कूल, डीपीएस, डीडीपीएस, बिजनौर पब्लिक स्कूल, यूनिवर्सल स्कूल, एमएम पब्लिक स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अच्छा प्रदर्शन किया।
पक्ष में आन्या चौहान और विपक्ष में नंदिनी कौशिक रहीं विजेता
निर्णयक मंडल व अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. भोलानाथ त्यागी और वरुणिका सिंह ने वाद-विवाद प्रतियोगिता का परिणाम घोषित किया। परिणाम में पक्ष में आन्या चौहान ने प्रथम, भव ध्रुव द्वितीय तथा विपक्ष में नंदिनी कौशिक ने प्रथम, आयुषि सिंह द्वितीय स्थान पर रहे। अतिथियों ने विजेताओं ट्राॅफी व उपहार, प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया। प्रतिभाग करने वाले सभी छात्रों को प्रमाणपत्र वितरण किए गए।
जीवन भी तकनीक सीखे : डॉ. भोलानाथ त्यागी
साहित्यकार डॉ. भोलानाथ त्यागी ने डिजिटल तकनीक पर विचार रखते हुए कहा कि जीवन तकनीक है तकनीक हमें सीखनी चाहिए। जीवन की तकनीक आम में समाहित हो जाएगी। कहा कि शिक्षक एक सही शिक्षा देते हैं। अच्छी शिक्षा देने से छात्रों का जीवन सार्थक हो जाता है।
कम अंक से निराश नहीं होना चाहिए : वरुणिका सिंह
अतिथि वरुणिका सिंह ने कहा कि प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने इतने अच्छे विचार रखे हैं। कहा कि रिजल्ट जीवन नहीं है। जिंदगी में बहुत मौके देती है। इसलिए कभी निराश नहीं होना। हमें सार्थक विचार के साथ आगे बढ़ते रहें। प्रतियोगिताओं से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है।