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अमर उजाला इम्पैक्ट : हरकत में आए अधिकारी, सीएचसी में लगे वाटर कूलर
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स्योहारा में सरकारी अस्पताल की अमर उजाला में खबर छपने के बाद लगाया गया वाटर कूलर।
- फोटो : BIJNOR
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अमर उजाला इम्पैक्ट : हरकत में आए अधिकारी, सीएचसी में लगे वाटर कूलर
स्योहारा। सीएचसी स्योहारा परिसर में पिछले तीस वर्षों से खराब पड़ी पानी की टंकी व पेयजल की समस्या को अमर उजाला के शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नींद टूटी तो आननफानन में गंदगी में खड़े हैंडपंप की सफाई कराने के साथ तीन वाटर कूलर लगाए गए। खराब पड़े नलों की मरम्मत, पानी की टंकी ठीक कराने व मिट्टी भराव कराने को लेकर अधिकारियों से वार्ता की गई। सीएचसी प्रभारी का दावा है कि बहुत जल्द अन्य समस्याओं का भी समाधान करा दिया जाएगा।
सीएचसी पर मरीजों व आवासीय परिसर में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पानी की टंकी बनाई गई थी, जो कुछ वर्ष बाद ही खराब हो गई थी। पिछले तीस वर्षों से स्वास्थ्य कर्मियों का परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर था। अस्पताल परिसर में मात्र दो सरकारी हैंडपंप लगे हुए थे, जिनमें से एक कई वर्षों से ख़राब पड़ा था, तो दूसरा हैंडपंप गंदगी के बीच लगा हुआ था, जिसमें भी अधिकारियों ने सबमर्सिबल डाल रखा था। शुक्रवार को अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए और आनन-फानन में अस्पताल में तीन वाटर कूलर लगाए गए। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. विशाल दिवाकर ने बताया कि मरीजों व तीमारदारों के लिए तीन वाटर कूलर लगा दिए गए हैं। हैंडपंप के आसपास की सफाई करने के साथ खराब पड़े हैंडपंप के रिबोर के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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स्योहारा। सीएचसी स्योहारा परिसर में पिछले तीस वर्षों से खराब पड़ी पानी की टंकी व पेयजल की समस्या को अमर उजाला के शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की नींद टूटी तो आननफानन में गंदगी में खड़े हैंडपंप की सफाई कराने के साथ तीन वाटर कूलर लगाए गए। खराब पड़े नलों की मरम्मत, पानी की टंकी ठीक कराने व मिट्टी भराव कराने को लेकर अधिकारियों से वार्ता की गई। सीएचसी प्रभारी का दावा है कि बहुत जल्द अन्य समस्याओं का भी समाधान करा दिया जाएगा।
सीएचसी पर मरीजों व आवासीय परिसर में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पानी की टंकी बनाई गई थी, जो कुछ वर्ष बाद ही खराब हो गई थी। पिछले तीस वर्षों से स्वास्थ्य कर्मियों का परिवार दूषित पानी पीने को मजबूर था। अस्पताल परिसर में मात्र दो सरकारी हैंडपंप लगे हुए थे, जिनमें से एक कई वर्षों से ख़राब पड़ा था, तो दूसरा हैंडपंप गंदगी के बीच लगा हुआ था, जिसमें भी अधिकारियों ने सबमर्सिबल डाल रखा था। शुक्रवार को अमर उजाला में समाचार प्रकाशित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आए और आनन-फानन में अस्पताल में तीन वाटर कूलर लगाए गए। इस संबंध में सीएचसी प्रभारी डॉ. विशाल दिवाकर ने बताया कि मरीजों व तीमारदारों के लिए तीन वाटर कूलर लगा दिए गए हैं। हैंडपंप के आसपास की सफाई करने के साथ खराब पड़े हैंडपंप के रिबोर के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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