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बारिश से अमानगढ़ के वाटर होल हुए लबालब
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बारिश से अमानगढ़ के वाटर होल हुए लबालब
बिजनौर। पिछले महीने हुई बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया, लेकिन वनों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं रही। बारिश के बाद अमानगढ़ में बने वाटर होल पानी से लबालब हो गए हैं। इससे वन विभाग और वन्य जीवों दोनों की मुश्किल आसान हो गई है। वाटर होल भरने से अब गर्मियों तक उनमें पानी भरने की कोई जरूरत नहीं होगी।
अमानगढ़ वन रेंज एक लाख बीघा से अधिक रकबे में फैली है। यहां काफी संख्या में वन्य जीव रहते हैं। अमानगढ़ के अलावा जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के वन्य जीव भी यहां आते रहते हैं। वनों में वन्य जीवों को पानी न मिले तो ये आबादी की ओर रुख करने लगते हैं। अमानगढ़ में करीब 30 वाटर होल बने हैं, जबकि जिम कार्बेट नेशनल पार्क में जमीन पथरीली होने की वजह से वहां पर वाटर होल कम ही हैं। ऐसे में अमानगढ़ और जिम कार्बेट के भी काफी संख्या में वन्य जीवों की प्यास बुझाने के लिए अमानगढ़ के वाटर होल ही काम आते हैं।
वन्य जीवों की प्यास बुझाने के लिए वन विभाग अमानगढ़ में बने वाटर हॉल को समय-समय पर पानी भरवाता रहता है। इस बार अक्तूबर में हुई बारिश ने वन विभाग का ये काम आसान कर दिया है। जिले में आमतौर पर सितंबर के बाद बारिश नहीं होती है, लेकिन इस बार अक्तूबर के मध्य में जोरदार बारिश हुई। इस बारिश ने अमानगढ़ में बने वाटर होल को लबालब कर दिया है। अमानगढ़ में अब गर्मियों से पहले वन विभाग को वाटर होल भरवाने की जरूरत नहीं होगी।
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बारिश ने किया काम आसान
डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन के अनुसार अमानगढ़ में बने सभी वाटर होल पानी से लबालब हैं। अभी काफी समय तक इनमें पानी भरने की जरूरत नहीं होगी। बारिश ने काम को आसान कर दिया है। इससे वन्यजीवों को भरपूर मात्रा में पानी उपलब्ध होगा।
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बिजनौर। पिछले महीने हुई बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया, लेकिन वनों के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं रही। बारिश के बाद अमानगढ़ में बने वाटर होल पानी से लबालब हो गए हैं। इससे वन विभाग और वन्य जीवों दोनों की मुश्किल आसान हो गई है। वाटर होल भरने से अब गर्मियों तक उनमें पानी भरने की कोई जरूरत नहीं होगी।
अमानगढ़ वन रेंज एक लाख बीघा से अधिक रकबे में फैली है। यहां काफी संख्या में वन्य जीव रहते हैं। अमानगढ़ के अलावा जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के वन्य जीव भी यहां आते रहते हैं। वनों में वन्य जीवों को पानी न मिले तो ये आबादी की ओर रुख करने लगते हैं। अमानगढ़ में करीब 30 वाटर होल बने हैं, जबकि जिम कार्बेट नेशनल पार्क में जमीन पथरीली होने की वजह से वहां पर वाटर होल कम ही हैं। ऐसे में अमानगढ़ और जिम कार्बेट के भी काफी संख्या में वन्य जीवों की प्यास बुझाने के लिए अमानगढ़ के वाटर होल ही काम आते हैं।
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वन्य जीवों की प्यास बुझाने के लिए वन विभाग अमानगढ़ में बने वाटर हॉल को समय-समय पर पानी भरवाता रहता है। इस बार अक्तूबर में हुई बारिश ने वन विभाग का ये काम आसान कर दिया है। जिले में आमतौर पर सितंबर के बाद बारिश नहीं होती है, लेकिन इस बार अक्तूबर के मध्य में जोरदार बारिश हुई। इस बारिश ने अमानगढ़ में बने वाटर होल को लबालब कर दिया है। अमानगढ़ में अब गर्मियों से पहले वन विभाग को वाटर होल भरवाने की जरूरत नहीं होगी।
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बारिश ने किया काम आसान
डीएफओ डॉ. एम सेम्मारन के अनुसार अमानगढ़ में बने सभी वाटर होल पानी से लबालब हैं। अभी काफी समय तक इनमें पानी भरने की जरूरत नहीं होगी। बारिश ने काम को आसान कर दिया है। इससे वन्यजीवों को भरपूर मात्रा में पानी उपलब्ध होगा।