फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Amangarh becomes a refuge for tigers, numbers expected to increase

बाघों की शरणगाह बना अमानगढ़, संख्या बढ़ने की उम्मीद

Fri, 29 Jul 2022 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 29 Jul 2022 12:00 AM IST
विज्ञापन
Amangarh becomes a refuge for tigers, numbers expected to increase
अमानगढ़ में गश्त के दौरान वन विभाग को मिला बाघों का जोड़ा। - फोटो : BIJNOR
बिजनौर। जिले की अमानगढ़ वन रेंज बाघों की बेहतरीन शरणगाह साबित हो रही है। कार्बेट में पर्यटकों की संख्या बढ़ने के बाद से बाघों ने अमानगढ़ को सुरक्षित ठिकाना बना लिया है। आज विश्व बाघ दिवस के मौके पर जिले में बाघों की संख्या की बात करें तो आंकड़े उत्साहित करने वाले हैं। करीब दस साल पहले अमानगढ़ में मात्र 12 बाघ ही गणना के दौरान देखे गए थे, लेकिन पिछले साल तक यह संख्या 27 तक पहुंच गई। इस बार गणना तो हुई, लेकिन आंकड़े अभी तक जारी नहीं हुए। हालांकि वन अधिकारियों का अनुमान है कि इस बार बाघों की संख्या 30 का आंकड़ा पार कर जाएगी।
विज्ञापन

आज विश्व बाघा दिवस मनाया जा रहा है। जिले में अमानगढ़ वन रेंज एक मात्र ऐसी जगह है, जहां पर बाघों का बसेरा है। पिछले दस साल की बात करें तो जहां करीब पांच से ज्यादा बाघों की मौत ने वन्य जीव प्रेमियों को निराश किया, वहीं लगातार बढ़ती संख्या उत्साहित भी कर रही है। अमानगढ़ में पहली बार वर्ष 2012 में बाघों की गणना कराई गई थी। इस गणना के दौरान यहां पर 12 बाघ देखे गए थे। इतनी कम संख्या चिंताजनक थी, लेकिन इसके बाद हर साल इनकी संख्या बढ़ती चली गई। पिछले वर्ष तक इनकी संख्या 25 का आंकड़ा पार कर गई। इस बार भी गणना पूरी हो चुकी है और वन अफसरों को उम्मीद है कि इस वर्ष यह संख्या 30 से ज्यादा हो सकती है।
विज्ञापन

आबादी में घूम रहे गुलदार दे रहे बाघों की मौजूदगी का सबूत
वनजीव विशेषज्ञों की माने तो जंगल मेें एक साथ बाघ और गुलदार नहीं रह सकते। एक दशक पहले तक आबादी क्षेत्र के जंगलों में गुलदार की संख्या बहुत कम थी, लेकिन पिछले कुछ समय से गुलदार आबादी में घूम रहे है। पिछले एक साल में जिलेभर में 15 से ज्यादा गुलदार की मौत आबादी क्षेत्रों में दुर्घटना, शिकार और अन्य कारणों से हो चुकी है। इसे अमानगढ़ में बाघों की मौजूदगी का बड़ा सबूत माना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अमानगढ़ वन रेंज में बाघों की संख्या पहले के मुकाबले बढ़ी है। इस बार यह संख्या 25 से ज्यादा रहेगी और 30 तक पहुंच सकती है। डब्ल्यूआईआई गणना की रिपोर्ट जारी करेगी, हमें रिपोर्ट के आने का इंतजार है। - डॉ.अनिल पटेल, डीएफओ बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed