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बर्ड फ्लू से निपटने की सभी तैयारी जल्द हों पूरी : डीएम
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बर्ड फ्लू से निपटने की सभी तैयारियां जल्द हों पूरी : डीएम
बिजनौर। बर्ड फ्लू के नियंत्रण के लिए बनाई गई जिलास्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक में डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा बर्ड फ्लू को लेकर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विकास भवन में हुई बैठक में डीएम ने कहा बर्ड फ्लू एक संक्रामक बीमारी है। इससे इंसान भी संक्रमित हो सकते हैं। सीवीओ भूपेंद्र सिंह ने कहा बर्ड फ्लू मुर्गी, कौआ, बटेर, जंगली व प्रवासी पक्षियों में भी फैल सकती है। इसके लक्षणों में पक्षी की आंख व नाक से अत्यधिक स्त्राव होना, मुर्गी की कलगी व पंजे का नीला पड़ जाना, चेहरे व गर्दन पर सूजन होना, मुर्गी का एक ही स्थान पर बैठे रहना व दस्त आना, मांसपेशियों में अकड़न व बुखार आना शामिल हैं। इसके फैलने की अवधि कुछ घंटे से लेकर 48 घंटे तक है। प्रदेश में कहीं भी इसके लक्षण नहीं मिले हैं। मुर्गी व अंडे को अच्छी तरह उबालकर व पकाकर खाने से बीमारी की संभावना नहीं रहती है। इससे बचाने के लिए पोल्ट्री फार्म के पास आवाजाही कम रखनी चाहिए, चारों ओर चुने का छिड़काव करना चाहिए। फार्म पर कर्मचारियों के कपड़े बदलने की सुविधा होनी चाहिए और नए पक्षी लाने पर उन्हें अलग रखना चाहिए। बैठक में सीडीओ केपी सिंह, डीएफओ एम सम्मारण, एडीएम प्रशासन विनोद गौर आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। बर्ड फ्लू के नियंत्रण के लिए बनाई गई जिलास्तरीय टास्क फोर्स समिति की बैठक में डीएम रमाकांत पांडेय ने कहा बर्ड फ्लू को लेकर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विकास भवन में हुई बैठक में डीएम ने कहा बर्ड फ्लू एक संक्रामक बीमारी है। इससे इंसान भी संक्रमित हो सकते हैं। सीवीओ भूपेंद्र सिंह ने कहा बर्ड फ्लू मुर्गी, कौआ, बटेर, जंगली व प्रवासी पक्षियों में भी फैल सकती है। इसके लक्षणों में पक्षी की आंख व नाक से अत्यधिक स्त्राव होना, मुर्गी की कलगी व पंजे का नीला पड़ जाना, चेहरे व गर्दन पर सूजन होना, मुर्गी का एक ही स्थान पर बैठे रहना व दस्त आना, मांसपेशियों में अकड़न व बुखार आना शामिल हैं। इसके फैलने की अवधि कुछ घंटे से लेकर 48 घंटे तक है। प्रदेश में कहीं भी इसके लक्षण नहीं मिले हैं। मुर्गी व अंडे को अच्छी तरह उबालकर व पकाकर खाने से बीमारी की संभावना नहीं रहती है। इससे बचाने के लिए पोल्ट्री फार्म के पास आवाजाही कम रखनी चाहिए, चारों ओर चुने का छिड़काव करना चाहिए। फार्म पर कर्मचारियों के कपड़े बदलने की सुविधा होनी चाहिए और नए पक्षी लाने पर उन्हें अलग रखना चाहिए। बैठक में सीडीओ केपी सिंह, डीएफओ एम सम्मारण, एडीएम प्रशासन विनोद गौर आदि मौजूद रहे।
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