{"_id":"63c59bd9b2a178436046b76a","slug":"alim-e-din-maulana-shamsuddin-chaturvedi-is-no-more-bijnor-news-c-14-1-81015-2023-01-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: नजीबाबाद - मौलाना शमसुद्दीन चतुर्वेदी नहीं रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: नजीबाबाद - मौलाना शमसुद्दीन चतुर्वेदी नहीं रहे
Tue, 17 Jan 2023 12:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 17 Jan 2023 12:17 AM IST
विज्ञापन
नजीबाबाद- मौलाना शमसुद्दीन चतुर्वेदी (फाइल फोटो)।
- चारों वेदों का ज्ञान रखते थे शमसुद्दीन, कौमी एकता की तकरीरों से बनाई पहचान
फोटो-16एनजेडबी03आर
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद (बिजनौर)। शहर के जाने-माने आलिम-ए-दीन मौलाना शमसुद्दीन नोमानी चतुर्वेदी का बीमारी के बाद इंतकाल हो गया। चारों वेदों का ज्ञान रखने वाले मौलाना शमसुद्दीन नोमानी ने कौमी एकता की तकरीरों से देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई।
नगर के जाने-माने आलिम मौलाना शमसुद्दीन नोमानी चतुर्वेदी (77) का बीमारी के बाद इंतकाल हो गया। मोहल्ला वाहिद नगर निवासी चारों वेदों का ज्ञान रखने वाले शमसुद्दीन नोमानी चतुर्वेदी ने वेद और कुरान के हवाले से दुनिया को सर्वधर्म संभाव और आपसी भाईचारे पैगाम दिया। हजरत मोहम्मद साहब की सीरत और वेदों में उनके जिक्र से संबंधित मौलाना शमसुद्दीन की किताब अंतिम महापुरुष ने शमसुद्दीन नोमानी को सामाजिक समरसता के लिए पहचान दिलाई। मौलाना शमसुद्दीन नोमानी चतुर्वेदी ने पाकिस्तान, कश्मीर सहित हिंदुस्तान की अनेक सेमिनारों में कौमी एकता, सर्वधर्म संभाव और इंसानियत से जुड़ी तकरीरों से अपनी अलग पहचान बनाई।
विधायक हाजी तसलीम अहमद, पूर्व चेयरमैन मौअज्जम खां एड., समाजसेवी एवं फिल्म प्रोड्यूसर वसीम कुरेैशी, इंजी. मौअज्जम खां, हाजी मो.फैसल ने आलिम शमसुद्दीन नोमानी चतुर्वेदी के इंतकाल पर अफसोस जताया। उधर, जाने माने शायर और मीडियाकर्मी डॉ. आफताब नोमानी, शहजाद नोमानी के पिता शमसुद्दीन नोमानी के इंतकाल पर सामाजिक संगठनों, शायरों और मीडियाकर्मियों ने संवेदना व्यक्त की।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो-16एनजेडबी03आर
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद (बिजनौर)। शहर के जाने-माने आलिम-ए-दीन मौलाना शमसुद्दीन नोमानी चतुर्वेदी का बीमारी के बाद इंतकाल हो गया। चारों वेदों का ज्ञान रखने वाले मौलाना शमसुद्दीन नोमानी ने कौमी एकता की तकरीरों से देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई।
नगर के जाने-माने आलिम मौलाना शमसुद्दीन नोमानी चतुर्वेदी (77) का बीमारी के बाद इंतकाल हो गया। मोहल्ला वाहिद नगर निवासी चारों वेदों का ज्ञान रखने वाले शमसुद्दीन नोमानी चतुर्वेदी ने वेद और कुरान के हवाले से दुनिया को सर्वधर्म संभाव और आपसी भाईचारे पैगाम दिया। हजरत मोहम्मद साहब की सीरत और वेदों में उनके जिक्र से संबंधित मौलाना शमसुद्दीन की किताब अंतिम महापुरुष ने शमसुद्दीन नोमानी को सामाजिक समरसता के लिए पहचान दिलाई। मौलाना शमसुद्दीन नोमानी चतुर्वेदी ने पाकिस्तान, कश्मीर सहित हिंदुस्तान की अनेक सेमिनारों में कौमी एकता, सर्वधर्म संभाव और इंसानियत से जुड़ी तकरीरों से अपनी अलग पहचान बनाई।
विज्ञापन
विधायक हाजी तसलीम अहमद, पूर्व चेयरमैन मौअज्जम खां एड., समाजसेवी एवं फिल्म प्रोड्यूसर वसीम कुरेैशी, इंजी. मौअज्जम खां, हाजी मो.फैसल ने आलिम शमसुद्दीन नोमानी चतुर्वेदी के इंतकाल पर अफसोस जताया। उधर, जाने माने शायर और मीडियाकर्मी डॉ. आफताब नोमानी, शहजाद नोमानी के पिता शमसुद्दीन नोमानी के इंतकाल पर सामाजिक संगठनों, शायरों और मीडियाकर्मियों ने संवेदना व्यक्त की।
विज्ञापन