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Bijnor News: हिजाब प्रकरण में हुआ समझौता, नियमित वेशभूषा में आएंगी छात्राएं
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- ग्राम महुआ स्थित जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य का वीडियो हुआ था वायरल
- डीआईओएस ने की दोनों पक्षों से बात, सामने आया कि छात्रात्रों को अध्ययन से रोका नहीं गाया
- डीआईओएस बोले, तय हुआ कि छात्राएं नियमित वेशभूषा में आएं, उन्हें किसी प्रकार से बाध्य नहीं किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
कोतवाली देहात (बिजनौर)। जनता इंटर कॉलेज महुआ के प्रधानाचार्य की ओर से छात्राओं को हिजाब में आने से रोकने की वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक जयकरन यादव विद्यालय पहुंचे और जांच की। उन्होंने छात्राओं और उनके अभिभावकों से बात की। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। तय हुआ कि छात्राएं नियमित वेशभूषा में आएं, उन्हें किसी प्रकार से बाध्य नहीं किया जाएगा।
ग्राम महुआ स्थित जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शिवेंद्र पाल सिंह का छात्राओं को कथित तौर पर हिजाब ओढ़कर आने पर पाबंदी लगाने का वीडियो वायरल हुआ था। छात्राओं ने बताया था कि प्रधानाचार्य उन्हें हिजाब ओढ़कर आने से मना करते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक जयकरन यादव ने छात्राओं और उनके परिजनों से बात की। उन्होंने प्रधानाचार्य और प्रबंध कमेटी के लोगों से भी बातचीत की। वायरल वीडियो में शामिल छात्राएं सानिया, मंतशा, जेबा, कशिश आदि ने बातचीत में बताया कि प्रधानाचार्य द्वारा उन्हें कई बार हिजाब न ओढ़कर आने के लिए कहा गया। आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य ने हिजाब ओढ़कर आने पर टीसी काटने की धमकी भी दी।
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प्रबंध कमेटी ने रखा पक्ष, दुपट्टे को ओढ़ने का बताया था तरीका
प्रबंध कमेटी के सदस्यों ने डीआईओएस को बताया कि विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं के परिजनों के अतिरिक्त कुछ बाहरी लोगों ने भी इस बात को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। उधर, प्रधानाचार्य द्वारा हिजाब को लेकर बात नहीं कही गई थी। उन्होंने दुपट्टे को ओढ़ने के तरीके के लिए बात कही थी। विद्यालय प्रबंधन से जुड़े रजनीश त्यागी ने बताया कि आमतौर पर सभी छात्राएं वी आकार में दुपट्टा ओढ़ कर आती है। मगर, कुछ छात्राएं सिर पर दुपट्टा ओढ़ कर आने लगी। इस कारण उनकी पहचान एक धर्म विशेष के रूप में हो गई। इसी तरीके को प्रधानाचार्य ने मना किया था।
प्रधानचार्य बोले- समान रूप से दुपट्टा ओढ़कर आने को कहा
प्रधानाचार्य शिवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि विद्यालय में अमीर, गरीब, धर्म, जाति का कोई बंधन नहीं हो। इसके लिए उन्होंने सभी को समान रूप से दुपट्टा ओढ़कर आने के लिए कहा था। छात्राओं के परिजनों को बुलाया गया था। परिजनों ने सिर पर दुपट्टा ओढ़कर आने के लिए कहा था। प्रधानाचार्य ने इसकी अनुमति दे दी थी। प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने छात्राओं से समान रूप से दुपट्टा ओढ़ कर आने के लिए कहा था।
दोनों पक्षों में समझौता हुआ
जिला विद्यालय निरीक्षक जयकरन यादव ने बताया कि विद्यालय पहुंचकर सभी से वार्ता की। बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इसमें बताया गया कि किसी भी छात्रा को अध्ययन करने से नहीं रोका गया है। छात्राएं नियमित वेशभूषा में आए। उन्हें किसी प्रकार से बाध्य नहीं किया जाएगा।
ये रहे उपस्थित
इस दौरान कानूनगो ओमवीर सिंह, लेखपाल शकील अहमद, ग्राम प्रधान, प्रबंध कमेटी से मोहम्मद खालिद, रजनीश त्यागी, कुलदीप त्यागी आदि मौजूद रहे।
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- डीआईओएस ने की दोनों पक्षों से बात, सामने आया कि छात्रात्रों को अध्ययन से रोका नहीं गाया
- डीआईओएस बोले, तय हुआ कि छात्राएं नियमित वेशभूषा में आएं, उन्हें किसी प्रकार से बाध्य नहीं किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
कोतवाली देहात (बिजनौर)। जनता इंटर कॉलेज महुआ के प्रधानाचार्य की ओर से छात्राओं को हिजाब में आने से रोकने की वीडियो वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया। मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक जयकरन यादव विद्यालय पहुंचे और जांच की। उन्होंने छात्राओं और उनके अभिभावकों से बात की। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया। तय हुआ कि छात्राएं नियमित वेशभूषा में आएं, उन्हें किसी प्रकार से बाध्य नहीं किया जाएगा।
ग्राम महुआ स्थित जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शिवेंद्र पाल सिंह का छात्राओं को कथित तौर पर हिजाब ओढ़कर आने पर पाबंदी लगाने का वीडियो वायरल हुआ था। छात्राओं ने बताया था कि प्रधानाचार्य उन्हें हिजाब ओढ़कर आने से मना करते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
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मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक जयकरन यादव ने छात्राओं और उनके परिजनों से बात की। उन्होंने प्रधानाचार्य और प्रबंध कमेटी के लोगों से भी बातचीत की। वायरल वीडियो में शामिल छात्राएं सानिया, मंतशा, जेबा, कशिश आदि ने बातचीत में बताया कि प्रधानाचार्य द्वारा उन्हें कई बार हिजाब न ओढ़कर आने के लिए कहा गया। आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य ने हिजाब ओढ़कर आने पर टीसी काटने की धमकी भी दी।
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प्रबंध कमेटी ने रखा पक्ष, दुपट्टे को ओढ़ने का बताया था तरीका
प्रबंध कमेटी के सदस्यों ने डीआईओएस को बताया कि विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं के परिजनों के अतिरिक्त कुछ बाहरी लोगों ने भी इस बात को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। उधर, प्रधानाचार्य द्वारा हिजाब को लेकर बात नहीं कही गई थी। उन्होंने दुपट्टे को ओढ़ने के तरीके के लिए बात कही थी। विद्यालय प्रबंधन से जुड़े रजनीश त्यागी ने बताया कि आमतौर पर सभी छात्राएं वी आकार में दुपट्टा ओढ़ कर आती है। मगर, कुछ छात्राएं सिर पर दुपट्टा ओढ़ कर आने लगी। इस कारण उनकी पहचान एक धर्म विशेष के रूप में हो गई। इसी तरीके को प्रधानाचार्य ने मना किया था।
प्रधानचार्य बोले- समान रूप से दुपट्टा ओढ़कर आने को कहा
प्रधानाचार्य शिवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि विद्यालय में अमीर, गरीब, धर्म, जाति का कोई बंधन नहीं हो। इसके लिए उन्होंने सभी को समान रूप से दुपट्टा ओढ़कर आने के लिए कहा था। छात्राओं के परिजनों को बुलाया गया था। परिजनों ने सिर पर दुपट्टा ओढ़कर आने के लिए कहा था। प्रधानाचार्य ने इसकी अनुमति दे दी थी। प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने छात्राओं से समान रूप से दुपट्टा ओढ़ कर आने के लिए कहा था।
दोनों पक्षों में समझौता हुआ
जिला विद्यालय निरीक्षक जयकरन यादव ने बताया कि विद्यालय पहुंचकर सभी से वार्ता की। बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया। इसमें बताया गया कि किसी भी छात्रा को अध्ययन करने से नहीं रोका गया है। छात्राएं नियमित वेशभूषा में आए। उन्हें किसी प्रकार से बाध्य नहीं किया जाएगा।
ये रहे उपस्थित
इस दौरान कानूनगो ओमवीर सिंह, लेखपाल शकील अहमद, ग्राम प्रधान, प्रबंध कमेटी से मोहम्मद खालिद, रजनीश त्यागी, कुलदीप त्यागी आदि मौजूद रहे।

लाल ईमली से घंटाघर रोड पर टेलीफोन एक्सचेंज के पास धंसी सड़क। संवाद

लाल ईमली से घंटाघर रोड पर टेलीफोन एक्सचेंज के पास धंसी सड़क। संवाद