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Bijnor News: पांच वर्ष बाद फिर सितंबर से शुरू होगी 21वीं पशुगणना
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-बेसहारा पशुओं व कुत्तों की भी होगी गणना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जनपद में पांच साल बाद 21 वीं पशुगणना सितंबर माह से शुरू होगी। इस बार पशुगणना ऑनलाइन एप के माध्यम से की जाएगी। 21 वीं पशुगणना में गोवंश, भैंस, बेसहारा पशु, कुत्तों आदि की सभी नस्लों की होगी। एप के माध्यम पशु गणना होने से धरातल पर सही होगी और वास्तविक आंकड़े व पशु की नस्ल आदी सामने आएंगी।
21 वीं पशुगणना भले की सितंबर माह से आरंभ होगी, लेकिन शासन व विभाग की तैयारी अभी से की जा रही है। पशुगणना के लिए पहले चरण का प्रशिक्षण कार्य लखनऊ में हो गया है। दूसरा प्रशिक्षण भी जल्द होगा। उसके बाद मास्टर ट्रेनर जिला स्तर पर पशुगणना में लगने वाले कर्मियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में एप से किस प्रकार गणना करनी है के बारे सभी बिदुंओं पर बताया जाएगा। पशुगणना में स्पष्ट हो जाएगा, कि जनपद में कितनी नस्ल है। आनलाइन एप से गणना होने के कारण कर्मी को हर घर जाकर करनी होगी। कहीं से भी या अपनी मनमर्जी से आंकड़ों व पशुओं की नस्लों खानापूर्ति नहीं हो पाएगी।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. लोकेश अग्रवाल ने बताया कि 21 वीं पशुगणना सितंबर माह से होगी। इसके लिए लखनऊ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम हो गया। ऑनलाइन एप के माध्यम से पशुगणना में पशु की आयु, नस्ल, टेगिंग नंबर आदि बिंदुओं की जानकारी अपलोड की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जनपद में पांच साल बाद 21 वीं पशुगणना सितंबर माह से शुरू होगी। इस बार पशुगणना ऑनलाइन एप के माध्यम से की जाएगी। 21 वीं पशुगणना में गोवंश, भैंस, बेसहारा पशु, कुत्तों आदि की सभी नस्लों की होगी। एप के माध्यम पशु गणना होने से धरातल पर सही होगी और वास्तविक आंकड़े व पशु की नस्ल आदी सामने आएंगी।
21 वीं पशुगणना भले की सितंबर माह से आरंभ होगी, लेकिन शासन व विभाग की तैयारी अभी से की जा रही है। पशुगणना के लिए पहले चरण का प्रशिक्षण कार्य लखनऊ में हो गया है। दूसरा प्रशिक्षण भी जल्द होगा। उसके बाद मास्टर ट्रेनर जिला स्तर पर पशुगणना में लगने वाले कर्मियों को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में एप से किस प्रकार गणना करनी है के बारे सभी बिदुंओं पर बताया जाएगा। पशुगणना में स्पष्ट हो जाएगा, कि जनपद में कितनी नस्ल है। आनलाइन एप से गणना होने के कारण कर्मी को हर घर जाकर करनी होगी। कहीं से भी या अपनी मनमर्जी से आंकड़ों व पशुओं की नस्लों खानापूर्ति नहीं हो पाएगी।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. लोकेश अग्रवाल ने बताया कि 21 वीं पशुगणना सितंबर माह से होगी। इसके लिए लखनऊ एक प्रशिक्षण कार्यक्रम हो गया। ऑनलाइन एप के माध्यम से पशुगणना में पशु की आयु, नस्ल, टेगिंग नंबर आदि बिंदुओं की जानकारी अपलोड की जाएगी।
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