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थाने में हिंसा, आगजनी के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
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थाने में हिंसा, आगजनी के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव पांडेय ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में नहटौर थाने में हुए उपद्रव के आरोपी मोहम्मद जैद की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार नहटौर में 20 दिसंबर 2019 को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में नहटौर थाने में उपद्रव किया था। पुलिस ने मौके से तीन लोगों कमर अहमद, जावेद एवं शमशुद्दीन को हथियारों सहित गिरफ्तार किया। इस मामले में आरोपी पूर्व चेयरमैन स्व.रशीद अहमद उर्फ छिद्दू के बेटे मोहम्मद जैद की ओर से अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसमें कहा गया कि वह इस घटना में नामजद नहीं है। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसने कोई अपराध नहीं किया है। उसे झूठा फंसाया गया है। शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा ने अदालत को बताया कि इस घटना में जैद का नाम षड्यंत्रकारी के रूप में सामने आया है। जैद के घर से आपत्तिजनक एवं भड़काऊ लेख के पीएफआई के पोस्टर व पंफ्लैट बरामद हुए हैं। जैद द्वारा छोटी छोटी मीटिंग करके पोस्टर कस्बे नहटौर में बांटे गए। उसका अपराध गंभीर प्रवृत्ति का है। कोर्ट ने इस मामले में अपराध की प्रवृत्ति एवं गंभीरता को देखते हुए जैद की अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
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बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव पांडेय ने नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में नहटौर थाने में हुए उपद्रव के आरोपी मोहम्मद जैद की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार नहटौर में 20 दिसंबर 2019 को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में नहटौर थाने में उपद्रव किया था। पुलिस ने मौके से तीन लोगों कमर अहमद, जावेद एवं शमशुद्दीन को हथियारों सहित गिरफ्तार किया। इस मामले में आरोपी पूर्व चेयरमैन स्व.रशीद अहमद उर्फ छिद्दू के बेटे मोहम्मद जैद की ओर से अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र दिया गया। जिसमें कहा गया कि वह इस घटना में नामजद नहीं है। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसने कोई अपराध नहीं किया है। उसे झूठा फंसाया गया है। शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा ने अदालत को बताया कि इस घटना में जैद का नाम षड्यंत्रकारी के रूप में सामने आया है। जैद के घर से आपत्तिजनक एवं भड़काऊ लेख के पीएफआई के पोस्टर व पंफ्लैट बरामद हुए हैं। जैद द्वारा छोटी छोटी मीटिंग करके पोस्टर कस्बे नहटौर में बांटे गए। उसका अपराध गंभीर प्रवृत्ति का है। कोर्ट ने इस मामले में अपराध की प्रवृत्ति एवं गंभीरता को देखते हुए जैद की अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
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