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प्रशासन प्रधानमंत्री आवास योजना में धन का आवंटन नहीं होने पर हुआ सख्त

Tue, 23 Nov 2021 12:42 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 23 Nov 2021 12:42 AM IST
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Administration asked for the account of PM Awas Yojana
प्रशासन ने मांगा पीएम आवास योजना का हिसाब
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बिजनौर। प्रशासन प्रधानमंत्री आवास योजना में आवासों के निर्माण को लेकर सख्त हो गया है। अमर उजाला द्वारा आवास निर्माण को किस्तों का आवंटन नहीं होने का मामला प्रमुखता से उठाया गया था, जिस पर अब सभी ब्लॉक से योजना से जुड़ी फाइलों की जांच के लिए तलब करने की बात कही जा रही है। महकमे में इसको लेकर खलबली है। वित्तीय वर्ष 2021-22 का लक्ष्य 956 आवास निर्माण का था, इनमें अभी भी 620 को दूसरी व 119 को तीसरी किस्त मिली है। प्रशासन ने शेष किस्तें जारी न होने का कारण भी पूछा है।
शासन की प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में सभी छत विहीन लोगों को आवास देने की योजना है। शासन जिले के आवास निर्माण का लक्ष्य लगातार बढ़ा रहा है। करीब एक हजार पात्र लाभार्थियों को आवास मिलेंगे। प्रशासन ने बढ़ाए आवासों के आवंटन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण वित्तीय वर्ष 2016-17 में शुरू हुई थी। उस समय वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर जिले के 11 ब्लॉक में 24816 लोगों को आवास निर्माण लिए पंजीकृत किया गया था। इसके बाद हर वित्तीय वर्ष में आवासों की संख्या बढ़ती चली गई। जिला ग्राम्य विकास संस्थान से मिली जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2021-22 का लक्ष्य 956 आवास निर्माण का था। सर्वे आदि की औपचारिकता के बाद पात्र सभी लाभार्थियों को आवास स्वीकृत हो गए हैं। लक्ष्य के विपरीत 93 आवासों का निर्माण पूरा करके लाभार्थियों को हस्तांतरित कर दिए गए हैं।
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बताया कि निर्माण के लिए किस्त आवंटन होने से पहले लाभार्थियों के खातों का ऑनलाइन सत्यापन होता है। 952 लाभार्थियों के खाते सत्यापित होने के बाद सभी लाभार्थियों को पहली किस्त भेज दी है। चार लाभार्थियों के खाते सत्यापित नहीं होने से पहली किस्त का आवंटन रोक दिया गया है। बताया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शुरू में 956 आवास बनाने का लक्ष्य था। शासन से 12 नवंबर को मिले आदेशों के अनुसार 29 आवास का लक्ष्य बढ़ा दिया गया है। अब 985 आवास बनेंगे। लाभार्थियों का आनलाइन पंजीकरण होगा। ब्लॉक से लाभार्थियों के पात्रता का सत्यापन होता है।
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आवास निर्माण के लिए मिलती है धनराशि
शासन से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए लाभार्थी को एक लाख 20 हजार रुपये मिलते हैं। मकान 25 वर्ग मीटर में बनता है। मकान निर्माण का काम नींव तक पूरा होने पर पहली किस्त 40 हजार रुपये मिलते हैं। दूसरी किस्त 70 हजार रुपये मकान का निर्माण पूरा होने पर तथा तीसरी किस्त 10 हजार रुपये फिनिशिंग के लिए मिलता है। शौचालय निर्माण के लिए 12 हजार रुपये ब्लॉक से मिलता है।
ये है पात्रता की शर्तें
शासन से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में आवास प्राप्त करने के लिए पात्रता निर्धारित है। लाभार्थी आवास विहीन हो। लाभार्थी की वार्षिक आय 46,000 रुपये हो। लाभार्थी के पास कोई वाहन नहीं हो। विधवा, दिव्यांग तथा अनुसूचित जाति के लाभार्थी को प्राथमिकता आदि।
अमर उजाला ने किश्त नहीं मिलने से आवास अधूरा रहने का मामला उठाया
अमर उजाला ने जिले के विभिन्न स्थानों के मिली शिकायतों के अनुसार लाभार्थियों को आवास निर्माण में हो रही परेशानी को उठाया था। अनेक लाभार्थियों के आवास दूसरी या तीसरी किस्त नहीं मिलने से आधे अधूरे पड़े होने की बात सामने आई, जिससे लाभार्थी खुले में या किराए पर मकान लेकर रहने के लिए मजबूर हैं। प्रशासन योजना में कमियां सामने आने पर हरकत में आ गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार सभी 11 ब्लॉक से आवास निर्माण की फाइल जांच के लिए मंगाई जा रही है।

वर्जन
पीएम आवास से संबंधित फाइल मांगी गई है। जांच की जाएगा कि जिनकी किस्त रुकी हुई है, उसका क्या कारण है। यदि किसी स्तर पर जानबूझकर किस्त रोकी गई है तो कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शीघ्र पेंडिंग किस्त जारी कराई जाएगी।
- विनय सिंह, एडीएम प्रशासन
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