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हेलमेट, सीट बेल्ट न लगाने पर साढ़े चार हजार वाहन चालकों पर कार्रवाई
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बिजनौर में बिना सीट बेल्ट बांधे और मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाता पुलिसकर्मी।
- फोटो : BIJNOR
अब तक साढ़े चार हजार वाहन चालकों पर हुई कार्रवाई
बिजनौर। हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाना वाहन चालकों के लिए जान का दुश्मन बन रहा है। इसके बावजूद लोग समझने को तैयार नहीं हैं। हर साल एआरटीओ और पुलिस की ओर से इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हजारों की संख्या में चालान किए जाते हैं। उन्हें नियमों का पालन करने की नसीहतें दी जाती हैं, लेकिन फिर भी वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे मामलों में एक जनवरी से 23 नवबंर तक एआरटीओ की ओर से केवल हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग न करने पर जिले भर के चार हजार 326 वाहन चालकों के चालान किए गए हैं। इनमें तीन हजार 586 बिना हेलमेट और 740 सीट बेल्ट का प्रयोग न करने वाले लोग शामिल हैं। इसके अलावा दो लाख छह हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है।
एक से 30 नवंबर तक यातायात माह चलाया जा रहा है, जबकि उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से 18 से 24 नवंबर तक सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सिर्फ ये है कि लोगों में यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूकता बढ़े और वे सुरक्षित तरीके से वाहनों का संचालन कर सहर्ष अपने परिवार के बीच पहुंच सके। अफसरों के अनुसार लगभग 40 लाख की आबादी वाले इस जिले में वाहन संचालकों को अपने और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के जीवन की जरा भी परवाह नहीं है। यहां के लोग नियमों का पालन करने में जरा भी रुचि नहीं ले रहे हैं। किशोरों से लेकर वृद्धों तक यातायात नियमों पूर्ण रूप से पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसा करना बिल्कुल गलत है। वर्ष 2019 शुरू हुए अभी 11 माह भी पूरे नहीं हुए हैं। इस अवधि में पूरे लगभग चार हजार 326 वाहन चालकों के नियम तोड़ने पर चालान हुए हैं। इनमें तीन हजार 586 वाहन चालकों ने हेलमेट का प्रयोग नहीं किया, जबकि 740 लोगों ने चौपहिया वाहन संचालन के दौरान सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं किया। ऐसे वाहन चालकों से लगभग दो लाख छह हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। परिवहन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के ये आंकड़े तो केवल शहर और कस्बा क्षेत्रों के ही हैं। देहात क्षेत्रों में ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। शहरों के साथ साथ गांव देहातों क्षेत्रों में भी नियमों का पालन न करने वाले लोगों की भरमार है। एआरटीओ प्रशासन व प्रवर्तन प्रणव झा ने बताया कि जीवन बड़ा ही अमूल्य है। यातायात नियमों का पालन अपने जीवन की सुरक्षा के लिए करें न कि कार्रवाई के डर से। उन्होंने बताया कि केवल यातायात माह या सप्ताह में ही नहीं बल्कि साल के हर दिन यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
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बिजनौर। हेलमेट और सीट बेल्ट न लगाना वाहन चालकों के लिए जान का दुश्मन बन रहा है। इसके बावजूद लोग समझने को तैयार नहीं हैं। हर साल एआरटीओ और पुलिस की ओर से इस नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हजारों की संख्या में चालान किए जाते हैं। उन्हें नियमों का पालन करने की नसीहतें दी जाती हैं, लेकिन फिर भी वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं। ऐसे मामलों में एक जनवरी से 23 नवबंर तक एआरटीओ की ओर से केवल हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग न करने पर जिले भर के चार हजार 326 वाहन चालकों के चालान किए गए हैं। इनमें तीन हजार 586 बिना हेलमेट और 740 सीट बेल्ट का प्रयोग न करने वाले लोग शामिल हैं। इसके अलावा दो लाख छह हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है।
एक से 30 नवंबर तक यातायात माह चलाया जा रहा है, जबकि उप संभागीय परिवहन विभाग की ओर से 18 से 24 नवंबर तक सड़क सुरक्षा जागरूकता सप्ताह चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य सिर्फ ये है कि लोगों में यातायात नियमों का पालन करने के प्रति जागरूकता बढ़े और वे सुरक्षित तरीके से वाहनों का संचालन कर सहर्ष अपने परिवार के बीच पहुंच सके। अफसरों के अनुसार लगभग 40 लाख की आबादी वाले इस जिले में वाहन संचालकों को अपने और सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों के जीवन की जरा भी परवाह नहीं है। यहां के लोग नियमों का पालन करने में जरा भी रुचि नहीं ले रहे हैं। किशोरों से लेकर वृद्धों तक यातायात नियमों पूर्ण रूप से पालन नहीं किया जा रहा है। ऐसा करना बिल्कुल गलत है। वर्ष 2019 शुरू हुए अभी 11 माह भी पूरे नहीं हुए हैं। इस अवधि में पूरे लगभग चार हजार 326 वाहन चालकों के नियम तोड़ने पर चालान हुए हैं। इनमें तीन हजार 586 वाहन चालकों ने हेलमेट का प्रयोग नहीं किया, जबकि 740 लोगों ने चौपहिया वाहन संचालन के दौरान सीट बेल्ट का प्रयोग नहीं किया। ऐसे वाहन चालकों से लगभग दो लाख छह हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। परिवहन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के ये आंकड़े तो केवल शहर और कस्बा क्षेत्रों के ही हैं। देहात क्षेत्रों में ऐसे लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। शहरों के साथ साथ गांव देहातों क्षेत्रों में भी नियमों का पालन न करने वाले लोगों की भरमार है। एआरटीओ प्रशासन व प्रवर्तन प्रणव झा ने बताया कि जीवन बड़ा ही अमूल्य है। यातायात नियमों का पालन अपने जीवन की सुरक्षा के लिए करें न कि कार्रवाई के डर से। उन्होंने बताया कि केवल यातायात माह या सप्ताह में ही नहीं बल्कि साल के हर दिन यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
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