{"_id":"5f2462818ebc3e9f6561859b","slug":"aadhaar-number-has-been-made-the-medium-of-black-marketing-bijnor-news-mrt4940673177","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजनौर में आधार से राशन की कालाबाजारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजनौर में आधार से राशन की कालाबाजारी
विज्ञापन
आधार नंबर को ही बना दिया कालाबाजारी का जरिया
बिजनौर। राशन बांटने के लिए राशन को आधार कार्ड से जोड़ने की फूलप्रूफ व्यवस्था के बाद भी राशन डीलर कालाबाजारी का कोई न कोई तरीका ढूंढ़ ही लेते हैं। जिले में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। केवल 18 आधार नंबर से कई हजार राशन कार्डों को जोड़ दिया गया था। इस मामले की जांच प्रदेश स्तर पर एसआईटी कर रही है। इसके अलावा कई और मामले में राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़ा दी जाती है।
जिले में करीब छह लाख राशन कार्ड धारक हैं। सभी कार्ड में दर्शाए गए परिवार के सदस्यों के आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक हैं। परिवार के ये सदस्य में से कोई भी अंगूठे का निशान लगाकर राशन ले सकता है। लेकिन राशन डीलर विभाग की मिलीभगत से कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेते हैं। दो साल पहले ऐसा ही मामला प्रदेश के कई जिलों के साथ साथ बिजनौर में भी आया था। केवल 18 आधार नंबर को कई हजार कार्ड से जोड़ दिया गया था। जिन लोगों ने ये नंबर लगाए थे उन्होंने राशन निकाला भी था। इसमें जिले में संविदा पर तैनात एक कंप्यूटर ऑपरेटर की संलिप्तता भी सामने आई थी। इन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पहले विभाग के पोर्टल पर हर जिले के राशन कार्ड अलग अलग अपलोड होते थे। बाद में पूरे प्रदेश के राशन कार्ड को एक साथ लिंक किया गया। कोई आधार नंबर पूरे प्रदेश में राशन की किसी भी दुकान में लिंक है तो वह पूरे प्रदेश में किसी दूसरी दुकान के राशन कार्ड पर अपना आधार नंबर दर्ज नहीं करा सकता है। हालांकि अब एक देश एक राशन कार्ड योजना के चलते पूरे देश में एक आधार नंबर एक ही राशन कार्ड पर दर्ज होगा।
ऐसा भी होता है
मोहल्ला चाहशीरी निवासी योगेंद्र के राशन कार्ड में उसके चार बच्चे दर्शाए गए। चारों के आधार नंबर भी अंकित किए गए। जबकि योगेंद्र के कोई बच्चा नहीं था। योगेंद्र को गलत नाम राशन कार्ड से कटवाने के लिए भी दौड़धूप करनी पड़ी।
विज्ञापन
होगी कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार अब एक ही आधार नंबर से कई राशन कार्ड में एंट्री संभव नहीं है। अगर किसी ने राशन में गलत नाम दर्ज करा रखे हैं तो ऐसे राशन डीलर व उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
बिजनौर। राशन बांटने के लिए राशन को आधार कार्ड से जोड़ने की फूलप्रूफ व्यवस्था के बाद भी राशन डीलर कालाबाजारी का कोई न कोई तरीका ढूंढ़ ही लेते हैं। जिले में भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। केवल 18 आधार नंबर से कई हजार राशन कार्डों को जोड़ दिया गया था। इस मामले की जांच प्रदेश स्तर पर एसआईटी कर रही है। इसके अलावा कई और मामले में राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों की संख्या बढ़ा दी जाती है।
जिले में करीब छह लाख राशन कार्ड धारक हैं। सभी कार्ड में दर्शाए गए परिवार के सदस्यों के आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक हैं। परिवार के ये सदस्य में से कोई भी अंगूठे का निशान लगाकर राशन ले सकता है। लेकिन राशन डीलर विभाग की मिलीभगत से कोई न कोई रास्ता निकाल ही लेते हैं। दो साल पहले ऐसा ही मामला प्रदेश के कई जिलों के साथ साथ बिजनौर में भी आया था। केवल 18 आधार नंबर को कई हजार कार्ड से जोड़ दिया गया था। जिन लोगों ने ये नंबर लगाए थे उन्होंने राशन निकाला भी था। इसमें जिले में संविदा पर तैनात एक कंप्यूटर ऑपरेटर की संलिप्तता भी सामने आई थी। इन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पहले विभाग के पोर्टल पर हर जिले के राशन कार्ड अलग अलग अपलोड होते थे। बाद में पूरे प्रदेश के राशन कार्ड को एक साथ लिंक किया गया। कोई आधार नंबर पूरे प्रदेश में राशन की किसी भी दुकान में लिंक है तो वह पूरे प्रदेश में किसी दूसरी दुकान के राशन कार्ड पर अपना आधार नंबर दर्ज नहीं करा सकता है। हालांकि अब एक देश एक राशन कार्ड योजना के चलते पूरे देश में एक आधार नंबर एक ही राशन कार्ड पर दर्ज होगा।
विज्ञापन
ऐसा भी होता है
मोहल्ला चाहशीरी निवासी योगेंद्र के राशन कार्ड में उसके चार बच्चे दर्शाए गए। चारों के आधार नंबर भी अंकित किए गए। जबकि योगेंद्र के कोई बच्चा नहीं था। योगेंद्र को गलत नाम राशन कार्ड से कटवाने के लिए भी दौड़धूप करनी पड़ी।
विज्ञापन
होगी कार्रवाई
जिला पूर्ति अधिकारी मनीष कुमार के अनुसार अब एक ही आधार नंबर से कई राशन कार्ड में एंट्री संभव नहीं है। अगर किसी ने राशन में गलत नाम दर्ज करा रखे हैं तो ऐसे राशन डीलर व उपभोक्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।