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Bijnor News: जिले में बुखार से एक महिला और किशोर की मौत
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अफजलगढ़ में बुखार से मरने वाले किशोर जबीउल्ला। फाइल फोटो
बिजनौर/अफजलगढ़/किरतपुर। जिले में बुखार तेजी से फैल रहा है। बुखार से मौत होने का सिलसिला जारी है। अब फिर बुखार से एक महिला और किशोर की मौत हो गई है। गांव में दहशत का माहौल है। जिले में बुखार से अब करीब 23 लोगों की मौत हाे चुकी है। जबकि स्वास्थ्य विभाग अन्य बीमारियों से मौत होने का दावा कर रहा है।
अफजलगढ़ के मोहल्ला जैनुलाबेदीन निवासी जबीउल्ला (12) पुत्र शफीक अहमद को पिछले पांच दिनों से बुखार आ रहा था। रविवार की शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जबीउल्ला लाम्बा कान्वेंट स्कूल में कक्षा पांच का छात्र था। मृतक जबीउल्ला के चाचा शमीम अहमद ने बताया कि पांच दिन पहले बुखार आने पर स्थानीय स्तर पर उसका उपचार कराया। मगर हालत में कोई सुधार नहीं होने पर उसे उपचार के लिए काशीपुर ले गए, वहां भी किशोर के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। जिसके बाद परिजन किशोर को देहरादून के निजी अस्पताल में ले गए। परिजनों के अनुसार किशोर की जांच कराने के बाद उसे डेंगू पुष्टि हुई। जांच में उसकी प्लेटलेट्स भी मात्र 25 हजार आई। प्लेटलेट्स कम होने से उसे नाक व मुंह से खून आने लगा था। रविवार की शाम इलाज के दौरान जबीउल्ला की मौत हो गई। घटना से मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
उधर, किरतपुर क्षेत्र के गांव उमरी निवासी गुड्डी देवी (50) पत्नी स्वर्गीय मोक्खा सिंह को करीब एक सप्ताह पहले बुखार आया था। बुखार आने पर महिला ने गांव में निजी चिकित्सक से ही दवाई ली। आराम न मिलने पर उसे बिजनौर एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग ने कोई शिविर नहीं लगाया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी ईश्वरानंद का कहना है कि गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगवाकर दवाई दी जा रही है।
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- वर्जन::
बुखार एक लक्षण है। डेंगू से किसी की भी मौत नहीं हुई है। गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर शिविर लगाया जा रहा है। मौत किन कारणों से हुई है, इसकी भी जांच की जाएगी। एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग भी कराई जाएगी। - डॉ. देवीदास, डिप्टी सीएमओ, बिजनौर
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अफजलगढ़ के मोहल्ला जैनुलाबेदीन निवासी जबीउल्ला (12) पुत्र शफीक अहमद को पिछले पांच दिनों से बुखार आ रहा था। रविवार की शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जबीउल्ला लाम्बा कान्वेंट स्कूल में कक्षा पांच का छात्र था। मृतक जबीउल्ला के चाचा शमीम अहमद ने बताया कि पांच दिन पहले बुखार आने पर स्थानीय स्तर पर उसका उपचार कराया। मगर हालत में कोई सुधार नहीं होने पर उसे उपचार के लिए काशीपुर ले गए, वहां भी किशोर के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। जिसके बाद परिजन किशोर को देहरादून के निजी अस्पताल में ले गए। परिजनों के अनुसार किशोर की जांच कराने के बाद उसे डेंगू पुष्टि हुई। जांच में उसकी प्लेटलेट्स भी मात्र 25 हजार आई। प्लेटलेट्स कम होने से उसे नाक व मुंह से खून आने लगा था। रविवार की शाम इलाज के दौरान जबीउल्ला की मौत हो गई। घटना से मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
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उधर, किरतपुर क्षेत्र के गांव उमरी निवासी गुड्डी देवी (50) पत्नी स्वर्गीय मोक्खा सिंह को करीब एक सप्ताह पहले बुखार आया था। बुखार आने पर महिला ने गांव में निजी चिकित्सक से ही दवाई ली। आराम न मिलने पर उसे बिजनौर एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य विभाग ने कोई शिविर नहीं लगाया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी ईश्वरानंद का कहना है कि गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगवाकर दवाई दी जा रही है।
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बुखार एक लक्षण है। डेंगू से किसी की भी मौत नहीं हुई है। गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीम भेजकर शिविर लगाया जा रहा है। मौत किन कारणों से हुई है, इसकी भी जांच की जाएगी। एंटी लार्वा का छिड़काव और फॉगिंग भी कराई जाएगी। - डॉ. देवीदास, डिप्टी सीएमओ, बिजनौर

अफजलगढ़ में बुखार से मरने वाले किशोर जबीउल्ला। फाइल फोटो