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चाय की दुकान के बाहर पड़ा मिला नवजात

Fri, 08 Nov 2019 12:30 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 08 Nov 2019 12:30 AM IST
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A new born baby was found near  tea shope
चाय की दुकान के बाहर पड़ा मिला नवजात
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बिजनौर। जाको राखे सांइया मार सके न कोय। यह कहावत बृहस्पतिवार की सुबह उस समय चरितार्थ हुई, जब कोई युवक मानवता को शर्मशार करते हुए एक नवजात शिशु को चाय की दुकान के बाहर फेंक कर चला गया। दुकानदार उस बच्चे को अपने घर ले गया। इसके बाद उसने डायल-100 को सूचना दी। पुलिस ने उसे जिला महिला अस्पताल के एसएनबीसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ है। सभी लोगों की जुबान पर एक ही बात है कि किसी ने अनचाहे बच्चे को फेंका है।
कोतवाली शहर थाना क्षेत्र के गांव जदमालपुर पठानी निवासी शौनाथ सिंह की घनुवाला - जमालपुर पठानी के बीच चाय की दुकान है। बृहस्पतिवार सुबह जब शौनाथ अपनी दुकान पर पहुंचा तो दुकान के बाहर कपड़े में लिपटा एक नवजात मिला। वह तुरंत ही उसको उठाकर अपने घर पर ले गया। परिजनों ने खुशी खुशी बच्चे को दूध पिलाया और बाकायदा कंबल में लपेटा, जिससे उसे सर्दी न लगे। खबर मिलते ही बच्चा देखने के लिए शौनाथ के घर पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। सभी का यही कहना था कि जिसने भी बच्चे को फेंका है, वह बेहद ही पाप किया है। शौनाथ ने इसकी सूचना डायल-100 को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहां के चिकित्सकों ने उसे सीरियस न्यू बोर्न केयर यूनिट (सीएनबीसीयू) में भर्ती कर दिया।
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बाल रोग विशेषज्ञ केके सिंह ने बताया कि बच्चे को देखने से प्रतीत होता है कि लगभग छह से आठ घंटे पहले ही इसका जन्म हुआ। बच्चे की कॉड (नाल) भी जिला अस्पताल में ही काटी गई है। फिलहाल बच्चे की हालत बेहतर है। सीएमएस डाक्टर आभा वर्मा ने बताया कि बच्चा स्वस्थ है और अस्पताल स्टाफ द्वारा पूरी देखभाल की जाएगी।
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दस साल पहले भी पार्क में छोड़ी गई थी बच्ची
लगभग दस साल पहले भी जिला अस्पताल के पार्क में कोई नवजात बच्ची को रखकर छोड़ गया था। उस दौरान जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डाक्टर कल्पना सिंह ने उसे प्यार से त्रिशला नाम दिया था। यह मामला काफी चर्चाओं में रहा था। काफी दिनों तक जिला महिला अस्पताल में ही उसकी परवरिश की गई थी। इसके बाद उसे शिशु स्वागत केंद्र रामपुर के लिए भेज दिया गया था।
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