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चमरूनवादा में खेत में दिखा देशी टिड्डी का झुंड
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बिजनौर के गांव चमरू नवादा में गन्ने के खेत मे मौजूद देशी प्रजाति के टिड्डे।
- फोटो : BIJNOR
चमरूनवादा के खेत में दिखा देशी टिड्डी का झुंड
बिजनौर। ब्लॉक कोतवाली देहात के एक गांव में गन्ने के एक खेत में टिड्डी का झुंड मिला है। झुंड देशी टिड्डी का होने से कृषि विभाग के अफसरों व किसानों को राहत मिली है। विभाग ने इस खेत में टिड्डी को मारने के लिए केमिकल छिड़कने के निर्देश दिए हैं।
पाकिस्तान से आए टिड्डी के दल से बचने के लिए केंद्र व कई प्रदेशों की सक्रिय हैं। इन टिड्डी को डिजर्ट टिड्डी या रेगिस्तानी टिड्डी कहा जाता है। हवा के रुख के साथ टिड्डी का यह दल जिले में भी आ सकता है। इन टिड्डी से बचाव के लिए कृषि विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है। मंगलवार को गांव चमरूनवादा बसंती देवी के पांच बीघा गन्ने के खेत में बड़ी संख्या में टिड्डी देखे गए। इसकी सूचना कृषि विभाग को दी गई तो हड़कंप मच गया। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र तुरंत टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि टिड्डी देशी प्रजाति के हैं। खेत में काफी कम जगह पर टिड्डी मिले। उनकी संख्या करीब दो हजार के आसपास थी। आसपास के खेतों व पेड़ों पर टिड्डी का असर नहीं पाया गया। देशी टिड्डी ज्यादा बड़ी संख्या में नहीं रहती हैं। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार दिन छिपने पर टिड्डी पर केमिकल का छिड़काव करने को कहा। वहां मौजूद किसानों कृष्ण कुमार, दिग्विजय सिंह, विक्रम सिंह, सुरेश कुमार, कपिल कुमार को टिड्डी से बचाव के बारे में बताया और रोज खेतों का निरीक्षण करने को कहा।
लंबी दूरी तक उड़ान नहीं भर सकती हैं देशी टिड्डी
बिजनौर। गांव चमरू नवादा में मिली टिड्डी देशी प्रजाति की सामान्य टिड्डी हैं। जिले में लंबे समय के बाद इतनी टिड्डी देखने को मिली हैं। यह पाकिस्तान से आने वाली टिड्डियों से आकार में छोटी होती हैं। ये ज्यादा लंबी दूरी तक उड़ान भी नहीं भर सकती हैं। कृषि विभाग के अफसरों के मुताबिक हो सकता है कि इस साल बरसात से पहले हुई बारिश से यह टिड्डी पैदा हुई हों। अगर इन पर ध्यान न दिया जाता तो इनका झुंड खेतों में अंडे देकर बड़ा रूप ले सकता था। लेकिन अब शाम को ही इन पर दवाई का छिड़काव करके मार दिया जाएगा।
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बिजनौर। ब्लॉक कोतवाली देहात के एक गांव में गन्ने के एक खेत में टिड्डी का झुंड मिला है। झुंड देशी टिड्डी का होने से कृषि विभाग के अफसरों व किसानों को राहत मिली है। विभाग ने इस खेत में टिड्डी को मारने के लिए केमिकल छिड़कने के निर्देश दिए हैं।
पाकिस्तान से आए टिड्डी के दल से बचने के लिए केंद्र व कई प्रदेशों की सक्रिय हैं। इन टिड्डी को डिजर्ट टिड्डी या रेगिस्तानी टिड्डी कहा जाता है। हवा के रुख के साथ टिड्डी का यह दल जिले में भी आ सकता है। इन टिड्डी से बचाव के लिए कृषि विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है। मंगलवार को गांव चमरूनवादा बसंती देवी के पांच बीघा गन्ने के खेत में बड़ी संख्या में टिड्डी देखे गए। इसकी सूचना कृषि विभाग को दी गई तो हड़कंप मच गया। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र तुरंत टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि टिड्डी देशी प्रजाति के हैं। खेत में काफी कम जगह पर टिड्डी मिले। उनकी संख्या करीब दो हजार के आसपास थी। आसपास के खेतों व पेड़ों पर टिड्डी का असर नहीं पाया गया। देशी टिड्डी ज्यादा बड़ी संख्या में नहीं रहती हैं। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार दिन छिपने पर टिड्डी पर केमिकल का छिड़काव करने को कहा। वहां मौजूद किसानों कृष्ण कुमार, दिग्विजय सिंह, विक्रम सिंह, सुरेश कुमार, कपिल कुमार को टिड्डी से बचाव के बारे में बताया और रोज खेतों का निरीक्षण करने को कहा।
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लंबी दूरी तक उड़ान नहीं भर सकती हैं देशी टिड्डी
बिजनौर। गांव चमरू नवादा में मिली टिड्डी देशी प्रजाति की सामान्य टिड्डी हैं। जिले में लंबे समय के बाद इतनी टिड्डी देखने को मिली हैं। यह पाकिस्तान से आने वाली टिड्डियों से आकार में छोटी होती हैं। ये ज्यादा लंबी दूरी तक उड़ान भी नहीं भर सकती हैं। कृषि विभाग के अफसरों के मुताबिक हो सकता है कि इस साल बरसात से पहले हुई बारिश से यह टिड्डी पैदा हुई हों। अगर इन पर ध्यान न दिया जाता तो इनका झुंड खेतों में अंडे देकर बड़ा रूप ले सकता था। लेकिन अब शाम को ही इन पर दवाई का छिड़काव करके मार दिया जाएगा।

बिजनौर के गांव चमरू नवादा में गन्ने के खेत में देशी प्रजाति के टिड्ड देखत जिला कृषि अधिकारी अवधेश- फोटो : BIJNOR
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