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बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने वाले को पांच साल की सजा
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बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने वाले को पांच साल की सजा
बिजनौर। पोक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ओपी वर्मा ने तीन साल की मासूम बालिका से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी सोनू उर्फ बौना को पांच साल के कठोर कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक विनीश कुमार के अनुसार एक व्यक्ति ने थाना कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 अगस्त 2014 को उसकी तीन साल की बेटी अपनी दादी के साथ घर जा रही थी। रास्ते में उसे गांव का ही सोनू उर्फ बौना उसकी बेटी को डरा धमकाकर गन्ने के खेत में लेकर गया। उसकी बेटी रो रही थी। रोने की आवाज सुनकर पड़ोस का एक लड़का खेत में गया तो देखा कि सोनू उर्फ बौना उसकी बेटी से दुष्कर्म का प्रयास कर रहा था। पड़ोस का युवक उसकी बेटी को आरोपी के चंगुल से छुड़ाकर लाया। रिपोर्ट में बताया गया था कि आरोपी पहले भी इस तरह का अपराध कर चुका है।
कोर्ट में आरोपी पक्ष द्वारा कहा गया था कि वह गरीब है और उसका यह प्रथम अपराध है। पूर्व में किसी अपराध में वह दोषसिद्ध नहीं है। उसे कम से कम सजा से दंडित किया जाए। विशेष लोक अभियोजक विनीश कुमार द्वारा कहा गया था कि आरोपी ने तीन साल की मासूम के साथ दुष्कर्म की कोशिश की है। आरोपी को कठोर सजा सुनाई जाए। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि आरोपी को धारा 376/511 में पांच साल का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये का अर्थदंड दिया जाता है। साथ ही 18 पोक्सो अधिनियम के अपराध में पांच साल का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। पांच हजार रुपये पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
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बिजनौर। पोक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ओपी वर्मा ने तीन साल की मासूम बालिका से दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी सोनू उर्फ बौना को पांच साल के कठोर कारावास व दस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
विशेष लोक अभियोजक विनीश कुमार के अनुसार एक व्यक्ति ने थाना कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 23 अगस्त 2014 को उसकी तीन साल की बेटी अपनी दादी के साथ घर जा रही थी। रास्ते में उसे गांव का ही सोनू उर्फ बौना उसकी बेटी को डरा धमकाकर गन्ने के खेत में लेकर गया। उसकी बेटी रो रही थी। रोने की आवाज सुनकर पड़ोस का एक लड़का खेत में गया तो देखा कि सोनू उर्फ बौना उसकी बेटी से दुष्कर्म का प्रयास कर रहा था। पड़ोस का युवक उसकी बेटी को आरोपी के चंगुल से छुड़ाकर लाया। रिपोर्ट में बताया गया था कि आरोपी पहले भी इस तरह का अपराध कर चुका है।
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कोर्ट में आरोपी पक्ष द्वारा कहा गया था कि वह गरीब है और उसका यह प्रथम अपराध है। पूर्व में किसी अपराध में वह दोषसिद्ध नहीं है। उसे कम से कम सजा से दंडित किया जाए। विशेष लोक अभियोजक विनीश कुमार द्वारा कहा गया था कि आरोपी ने तीन साल की मासूम के साथ दुष्कर्म की कोशिश की है। आरोपी को कठोर सजा सुनाई जाए। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि आरोपी को धारा 376/511 में पांच साल का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये का अर्थदंड दिया जाता है। साथ ही 18 पोक्सो अधिनियम के अपराध में पांच साल का कठोर कारावास व पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। पांच हजार रुपये पीड़िता को देने के निर्देश दिए हैं। अर्थदंड की राशि जमा न करने पर दो माह के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है।
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