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नाम को लेकर भिड़े वकील
Bijnor
Updated Sat, 08 Jun 2013 05:30 AM IST
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बिजनौर। जिला बार के नए एसी भवन का नाम बदलने करने को लेकर जजी परिसर शुक्रवार को हंगामे में बदल गया। युवा बार ने नाम परिवर्तन का कड़ा विरोध किया। इस दौरान वकीलों के दो गुटों में तीखी नोकझोंक और धक्का मुक्की हुई। नौबत मारपीट तक पहुंच गई। बाद में किसी तरह मामला शांत कराया गया।
राम मनोहर लोहिया के नाम पर बनने वाले विधि भवन को लेकर युवा बार ने गुरुवार शाम ही विरोध का ऐलान कर दिया था। युवा बार एसोसिएशन की मांग थी कि जिस स्थान पर यह भवन बन रहा है, यहां पहले से ही स्व. वीरेंद्र सिंह बार हॉल है। वीरेंद्र सिंह के परिजनों ने इसके लिए वर्ष 1995 में दो लाख रुपये की धनराशि भी दी थी, इसलिए नए भवन का नाम भी स्व. वीरेंद्र सिंह बार हॉल रखा जाए।
एडवोकेट जनरल के आने से पूर्व युवा बार ने हॉल के सामने विरोध का बैनर लगा दिया। युवा बार के संस्थापक ऐश्वर्य चौधरी उर्फ मौसम और युवा बार अध्यक्ष प्रमोद शर्मा, सचिव प्रशांत चौहान, पूर्व अध्यक्ष आनंद जिंघाला, पूर्व सचिव तलहा मकरानी, अतुल सिसौदिया के नेतृत्व में युवा बार के सदस्य कुर्सी डालकर बैठ गए। शिलान्यास कार्यक्रम के लिए गठित स्वागत समिति के अध्यक्ष बार कौंसिल के पूर्व चेयरमैन व सदस्य बलवंत सिंह व उनके साथी वकीलों ने युवा बार के अधिवक्ताओं से विरोध, प्रदर्शन समाप्त करने तथा बैनर उतारने को कहा। इस पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्कामुक्की हो गई। नौबत मारपीट तक पहुंच गई। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अन्य अधिवक्ताओं ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया।
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बाद में दोनों पक्षों में तनातनी के बीच हुई वार्ता के बाद जिला बार की ओर से कहा गया कि प्रस्तावित तीन मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर का नाम स्व. वीरेंद्र सिंह के नाम पर, फर्स्ट फ्लोर चौधरी चरण सिंह तथा सेकेंड फ्लोर पर बनने वाली लाइब्रेरी नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नाम पर होगी। हालांकि समूचे भवन को राम मनोहर लोहिया विधि भवन के नाम से जाना जाएगा। इस घोषणा के बाद युवा बार ने अपना विरोध का बैनर तो हटा लिया, पर वे शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
एडवोकेट जनरल एसपी गुप्ता ने भी शिलान्यास के बाद वीरेंद्र सिंह के परिजनों व युवा बार के सदस्यों को भरोसा दिलाया कि वीरेंद्र सिंह का नाम बना रहेगा। कार्यक्रम के दौरान जजी सभागार में देर से पहुंचे जिला बार के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने एडवोकेट जनरल को अवगत कराया कि स्व. वीरेंद्र सिंह एडवोकेट से जनभावनाएं जुड़ी हैं तथा किसी भी सूरत में उनका नाम बार हॉल से नहीं हटना चाहिए, नहीं तो इसका विरोध होगा। युवा बार के अधिवक्ताओं ने भवन का नाम बदलने के विरोध में दो मिनट का मौन भी रखा। विरोध में युवा अधिवक्ताओं के साथ जिला बार के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र जिंघाला, राजीव चौहान, जैनेंद्रपाल सिंह, कामेंद्र सिंह, नरदेव सिंह, अमित जिंघाला, राजीव चौधरी, गजेंद्र चौधरी, विनीत चौधरी आदि भी शामिल रहे।
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राम मनोहर लोहिया के नाम पर बनने वाले विधि भवन को लेकर युवा बार ने गुरुवार शाम ही विरोध का ऐलान कर दिया था। युवा बार एसोसिएशन की मांग थी कि जिस स्थान पर यह भवन बन रहा है, यहां पहले से ही स्व. वीरेंद्र सिंह बार हॉल है। वीरेंद्र सिंह के परिजनों ने इसके लिए वर्ष 1995 में दो लाख रुपये की धनराशि भी दी थी, इसलिए नए भवन का नाम भी स्व. वीरेंद्र सिंह बार हॉल रखा जाए।
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एडवोकेट जनरल के आने से पूर्व युवा बार ने हॉल के सामने विरोध का बैनर लगा दिया। युवा बार के संस्थापक ऐश्वर्य चौधरी उर्फ मौसम और युवा बार अध्यक्ष प्रमोद शर्मा, सचिव प्रशांत चौहान, पूर्व अध्यक्ष आनंद जिंघाला, पूर्व सचिव तलहा मकरानी, अतुल सिसौदिया के नेतृत्व में युवा बार के सदस्य कुर्सी डालकर बैठ गए। शिलान्यास कार्यक्रम के लिए गठित स्वागत समिति के अध्यक्ष बार कौंसिल के पूर्व चेयरमैन व सदस्य बलवंत सिंह व उनके साथी वकीलों ने युवा बार के अधिवक्ताओं से विरोध, प्रदर्शन समाप्त करने तथा बैनर उतारने को कहा। इस पर दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्कामुक्की हो गई। नौबत मारपीट तक पहुंच गई। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अन्य अधिवक्ताओं ने बीचबचाव कर मामला शांत कराया।
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बाद में दोनों पक्षों में तनातनी के बीच हुई वार्ता के बाद जिला बार की ओर से कहा गया कि प्रस्तावित तीन मंजिला भवन के ग्राउंड फ्लोर का नाम स्व. वीरेंद्र सिंह के नाम पर, फर्स्ट फ्लोर चौधरी चरण सिंह तथा सेकेंड फ्लोर पर बनने वाली लाइब्रेरी नेताजी सुभाषचंद्र बोस के नाम पर होगी। हालांकि समूचे भवन को राम मनोहर लोहिया विधि भवन के नाम से जाना जाएगा। इस घोषणा के बाद युवा बार ने अपना विरोध का बैनर तो हटा लिया, पर वे शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
एडवोकेट जनरल एसपी गुप्ता ने भी शिलान्यास के बाद वीरेंद्र सिंह के परिजनों व युवा बार के सदस्यों को भरोसा दिलाया कि वीरेंद्र सिंह का नाम बना रहेगा। कार्यक्रम के दौरान जजी सभागार में देर से पहुंचे जिला बार के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने एडवोकेट जनरल को अवगत कराया कि स्व. वीरेंद्र सिंह एडवोकेट से जनभावनाएं जुड़ी हैं तथा किसी भी सूरत में उनका नाम बार हॉल से नहीं हटना चाहिए, नहीं तो इसका विरोध होगा। युवा बार के अधिवक्ताओं ने भवन का नाम बदलने के विरोध में दो मिनट का मौन भी रखा। विरोध में युवा अधिवक्ताओं के साथ जिला बार के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र जिंघाला, राजीव चौहान, जैनेंद्रपाल सिंह, कामेंद्र सिंह, नरदेव सिंह, अमित जिंघाला, राजीव चौधरी, गजेंद्र चौधरी, विनीत चौधरी आदि भी शामिल रहे।