फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   ढाबों पर बर्तन धोने में कट रहा बचपन

ढाबों पर बर्तन धोने में कट रहा बचपन

Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
Bijnor
Bijnor Updated Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
नजीबाबाद। एक ओर बाल दिवस पर सामाजिक और शिक्षण संस्थाएं अनेक कार्यक्रम कर बच्चों का सम्मान करती हैं। वहीं दूसरी ओर होटलों और चाय की दुकानों पर काम करने वाले बाल श्रमिकों की सुध लेने वाला कोई नहीं।
विज्ञापन

नाम कपिल हो या कैफ, सतीश हो या सैफ कोई फर्क नहीं पड़ता। नगर के होटलों में छोटू के नाम से पुकारे जाने वाले बच्चों की भरमार है। होटलों पर पहुंचकर ग्राहक बिना देखे ही छोटू कहकर आवाज लगाते हैं, और एक छोटा सा बच्चा ग्राहकों की सेवा में आ जाता है। होटल के इन बच्चों को न तो चाचा नेहरू के बारे में कुछ पता है और न ही बाल दिवस के महत्व की जानकारी है। इन्हें तो बस दिन-रात अपना और अपने परिवार का पेट पालने की चिंता है। समाजसेवा का दावा करने वाली सामाजिक संस्थाओं ने भी आज तक इन बच्चों के भविष्य के लिए कुछ नहीं किया। गंदगी के ढेर में कूड़ा बीनते ये बच्चे सरकार के सर्व शिक्षा अभियान की भी कलई खोलते नजर आते हैं।
विज्ञापन

उधर, श्रम प्रवर्तन अधिकारी राकेश कुमार अग्रवाल का कहना है कि प्रशासन की ओर से चाइल्ड वेलफेयर कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हैं। इनके पास बाल श्रमिकों की जांच करने और कार्रवाई के अधिकार हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed